Mayawati की शर्त के बाद Ashok Siddharth ने राजनीति से लिया संन्यास
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य अशोक सिद्धार्थ ने बृहस्पतिवार को राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह अभी इसी वक्त राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं और संन्यास तो बहुत छोटी चीज है अगर उन्हें कभी मायावती के लिए अपनी जान भी देनी पड़े तो वह उनके लिए फख्र की बात होगी। दरअसल मायावती ने बुधवार को एक्स पर एक संदेश में सिद्धार्थ पर लगातार अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वह राजनीति से संन्यास ले लें तभी उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जा सकता है।
सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 35 साल से बसपा के प्रति समर्पित रहे हैं और जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी गई उसे पूरी सामर्थ्य के साथ निभाने की उन्होंने कोशिश की है। सिद्धार्थ ने कहा कि मायावती के आदेश के आगे सारे रिश्ते नाते बेहद छोटे हैं।
उन्होंने कहा, आपने मुझ जैसे मामूली से कार्यकर्ता को अपने परिवार का सदस्य बनाया। ये आपका ऋण है, जो मैं इस जीवन में चुका नहीं सकता। सिद्धार्थ ने कहा कि वह भगवान गौतमबुद्ध और अपने राजनीतिक आदर्श कांशीराम की कसम खाते हैं कि उन्होंने कभी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया।
आकाश आनंद को बरगलाने के मायावती के आरोप की तरफ इशारा करते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि आकाश को सलाह देना तो दूर बीते कई महीनों से उनकी आकाश से मुलाकात तक नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के ही कुछ साथी उन्हें मायावती से मिलने वाले सम्मान की वजह से ही आरोप लगाते हैं कि वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं और आकाश आनंद को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसमें लेशमात्र भी सच्चाई नहीं है। सिद्धार्थ ने कहा, अगर आज आपको लगता है कि मेरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रहने से हमारे संतों , गुरुओं और महापुर्षों के बनाए हुए बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो मैं अभी इसी वक्त राजनैतिक और सामाजिक जीवन से सन्यास ले रहा हूं।
उन्होंने कहा कि वह मायावती के आजीवन कर्जदार रहेंगे ऐसे में सन्यास तो बहुत छोटी चीज है अगर उनके लिए जान भी देनी पड़े तो वह भी फख्र की बात होगी। बसपा की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को अपने भतीजे आकाश आनंद के सियासी भविष्य को उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास से जोड़ते हुए कहा था कि सिद्धार्थ के सियासत छोड़ने पर ही पार्टी आकाश को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर विचार करेगी। मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि पार्टी ने सिद्धार्थ को सुधरने का कई बार मौका दिया लेकिन बसपा के मिशन से अधिक उन्होंने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ व महत्वाकांक्षा को महत्व दिया, जिसका खामियाजा इनके साथ-साथ इनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ा है।’’ बसपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में कहा था कि परिवार एवं अपने दामाद आकाश आनंद के भविष्य को ध्यान में रखकर अशोक सिद्धार्थ के पास अब भी मौका है कि वह अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा को त्याग कर व निजी स्वार्थ आदि से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह से संन्यास ले लें।
मायावती का यह बयान गत तीन सितंबर को लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाने के कुछ दिनों बाद आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि आनंद को अभी और राजनीतिक परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है और वह फिलहाल उन्हें संगठन की बड़ी जिम्मेदारियां नहीं सौंपेंगी। आनंद के ससुर और बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को गत दो अगस्त को पार्टी से निकाल दिया गया था। उन पर बार-बार अनुशासनहीनता, पार्टी-विरोधी रुख अपनाने और अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से न निभाने के आरोप थे।
Jammu में हिरासत से भागा ड्रग तस्कर Jalandhar से फिर गिरफ्तार
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की जम्मू इकाई ने तीन दिन पहले हिरासत से फरार हुए एक मादक पदार्थ तस्कर को फिर से गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एनसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि एनसीबी, जम्मू कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में आरोपी को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया गया।
पुलवामा जिले के काकापोरा निवासी आकिब बशीर छह-सात सितंबर की मध्यरात्रि को जम्मू के नरवाल में एनसीबी की हिरासत से फरार हो गया था। एनसीबी ने इससे पहले तीन सितंबर को सांबा जिले में एक यात्री बस से उसे गिरफ्तार किया था और उसके पास से 522 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एनसीबी ने हिरासत से फरार हुए कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर बशीर का जम्मू कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस के साथ करीबी समन्वय में, सफलतापूर्वक पता लगाकर उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया है।’’ उन्होंने बताया कि जम्मू से फरार होने के बाद आरोपी पठानकोट के रास्ते जालंधर पहुंचा।
उन्होंने कहा, ‘‘वह शुरू में नरवाल फल मंडी के पास एक जंगल में छिपा। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने दाढ़ी-मूंछ कटवा लीं, कपड़े बदल लिए और अपना हुलिया बदल लिया।’’ आरोपी ने जालंधर में अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर शरण ली और तलाश कर रहे दलों से बचने की कोशिश की। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘खुफिया सूचनाओं और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों से एजेंसियों को उसके ठिकाने का पता लगाने में मदद मिली।
बशीर को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह दिल्ली या किसी अन्य राज्य की ओर जाने की तैयारी कर रहा था।’’ बशीर की गिरफ्तारी जम्मू संभाग में एनसीबी द्वारा चलाए गए एक महीने लंबे अभियान का हिस्सा थी। इस अभियान में मादक पदार्थ तस्करों द्वारा पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर में हेरोइन पहुंचाने के दो अलग-अलग मार्गों का पता चला। एनसीबी ने पिछले एक महीने के दौरान की गई चार अलग-अलग कार्रवाइयों और पंजाब में हुई एक संबंधित बरामदगी में कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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