Vijay Alliance: विजय के हाथ में गठबंधन की कमान, लेकिन क्या 2029 में बनेंगे PM उम्मीदवार? सामने आया बड़ा जवाब
Tamil Nadu New Alliance: तमिलनाडु में TVK की अगुवाई वाले गठबंधन को अब 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इसके नेता होंगे। इस गठबंधन में कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML शामिल हैं और यह राष्ट्रीय स्तर पर INDIA ब्लॉक का हिस्सा है।
दिल्ली के वोटर बने राघव चड्ढा, इस विधानसभा की सूची में नाम हुआ शामिल
BJP MP Raghav Chadha: भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी है. चुनाव आयोग के अनुसार राघव चड्ढा का नाम तय नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही मतदाता सूची में जोड़ा गया है. पिछले कुछ दिनों से राघव चड्ढा के वोटर कार्ड और पते को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी चल रही थी. चुनाव आयोग के इस ताजा बयान के बाद इस पूरे मामले की कानूनी स्थिति साफ हो गई है.
नियमों के तहत मिली फार्म 6 को मंजूरी
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक राघव चड्ढा ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 26 अगस्त 2026 को फार्म 6 के जरिए आवेदन किया था. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक नए वोटर के आवेदन पर सात दिनों का अनिवार्य नोटिस पीरियड होता है. इस अवधि के दौरान जरूरी दावों और आपत्तियों की जांच की जाती है. तय समय सीमा पूरी होने और जांच पड़ताल सही पाए जाने के बाद चुनावी पंजीकरण अधिकारी ने 2 सितंबर 2026 को उनके आवेदन को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी. चुनाव आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया में किसी भी नियम की अनदेखी नहीं की गई है.
डेटाबेस में नाम दिखने को लेकर आयोग का रुख
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब तक अंतिम मतदाता सूची जारी नहीं होती, तब तक नाम कैसे जुड़ता है. इस पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत अंतिम मतदाता सूची संशोधन अवधि पूरी होने और सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद ही जारी होती है. लेकिन जैसे ही किसी व्यक्ति का फार्म 6 मंजूर होता है, उसका नाम आयोग के मुख्य डेटाबेस में तुरंत दिखने लगता है. यह नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आखिरी क्रम संख्या के आगे अपने आप जुड़ जाता है. आयोग ने साफ कहा कि राघव चड्ढा के मामले में भी यही स्थापित नियम लागू हुआ है.
पंजाब की ड्राफ्ट लिस्ट से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब पंजाब में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन यानी एसआईआर के दौरान राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शिफ्टेड दिखा दिया गया था. इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला बोला था. उन्होंने लिखा था कि उनका वोटर कार्ड पंजाब के मोहाली में पंजीकृत था और वह पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं. ऐसे में उनका नाम बिना बताए शिफ्टेड की श्रेणी में डालना कोई साधारण क्लर्क की गलती नहीं हो सकती, बल्कि यह सीधे तौर पर राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई लगती है.
राघव चड्ढा ने ड्राफ्ट लिस्ट को लेकर दी थी दलील
राघव चड्ढा ने अपनी बात रखते हुए यह भी कहा था कि गनीमत है कि यह केवल एक ड्राफ्ट लिस्ट है, कोई अंतिम सूची नहीं है. नियमों के अनुसार अगर ड्राफ्ट सूची में किसी का नाम गलत तरीके से दर्ज हो गया है या कट गया है, तो उसे दावे और आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान ठीक कराया जा सकता है. उन्होंने बताया था कि अंतिम वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जानी है और वह इस गलती को सुधारने के लिए एसआईआर दिशा निर्देशों के तहत तय कानूनी रास्ते अपना रहे हैं. बता दें कि राघव चड्ढा 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे, लेकिन इस साल वह बीजेपी में शामिल हो गए.
आम आदमी पार्टी ने लगाया था बैकडेट का आरोप
राघव चड्ढा के इन आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने भी पलटवार करने में देर नहीं लगाई थी. आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सांसद पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली में बैकडेट प्रक्रिया का सहारा लेकर अपना वोटर कार्ड बनवाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी का कहना था कि राघव नियमों को ताक पर रखकर दिल्ली के वोटर बनना चाहते हैं ताकि पंजाब के विवाद से बच सकें. इसी सियासी खींचतान और आरोपों के दौर के बीच अब दिल्ली चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि राघव का आवेदन तय तारीख पर आया था और पूरी तरह से वैध प्रक्रिया के जरिए ही उनका नाम राजेंद्र नगर की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है.
यह भी पढ़ें: सांसद राघव चड्ढा का पंजाब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटा नाम, चुनाव आयोग ने बताई ये वजह
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
News Nation








