Sabse Badi Bahas: सहारनपुर की मस्जिद पर एक्शन, मुस्लिम वोट बैंक पर क्या बोले यूपीवाले? | N18V
Sabse Badi Bahas: सहारनपुर की मस्जिद पर एक्शन, मुस्लिम वोट बैंक पर क्या बोले यूपीवाले? | N18V सहारनपुर की मस्जिद पर हुए एक्शन के मामले में मुस्लिम नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया और अब संभल की मस्जिद में ASI का सर्वे, मुरादाबाद की मस्जिद को नोटिस दिया गया है...पश्चिमी यूपी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है. आखिर इस हलचल का किसे मिलेगा फायदा? 2027 के चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक को कौन करेगा अपने पक्ष में? इस पर क्या है जनता की राय? #sabsebadibahas #Saharanpur #Moradabad #MustafaMasjid #SaharanpurMosque #BulldozerAction #MosqueNotice #CMYogi #YogiAdityanath #UPNews #UPPolitics #UttarPradesh #MoradabadNews #SaharanpurNews #BreakingNews #LatestNews #HindiNews news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh Follow Every Breaking Story LIVE ???? Watch News18 LIVE 24x7: https://youtube.com/live/pVXYxHNwJo8 SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है| news18 up live, aaj ki taaza khabar, news18 up uttarakhand live, uttar pradesh news, suvendu adhikari north bengal visit, satya niketan building collapse, delhi building collapse, west bengal food safety, bhutni flood, ganga water level, pm modi gujarat visit, pm modi maharashtra visit, rajnath singh sri lanka visit, nepal flash flood, durga puja, sambhal shahi jama masjid survey, pakistan cricket match fixing, uttarakhand election, brics summit, bihar flood, madhya pradesh flood, up flood
Uttarakhand News: विकास की नई तस्वीर गढ़ रहा राज्य संपत्ति विभाग, पहाड़ से राजधानी तक आधुनिक सुविधाओं पर जोर
Uttarakhand News: उत्तराखंड में सरकारी संपत्तियों की सूरत बदलने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुसार राज्य सरकार अब ऐसे भवनों के निर्माण पर जोर दे रही है जो सिर्फ ईंट-पत्थर के ढांचे न हों, बल्कि आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और लंबी उपयोगिता का बेहतरीन नमूना बनें. इसी क्रम में राज्य संपत्ति विभाग ने दो बड़ी योजनाओं पर तेजी से काम आगे बढ़ाया है. रुद्रप्रयाग जिले के रतूड़ा में एक भव्य राज्य अतिथि गृह बनाने की योजना है, वहीं राजधानी देहरादून के रेसकोर्स में सरकारी कर्मचारियों के लिए 48 नए फ्लैट्स बनाए जाएंगे. दोनों ही योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा गया है.
रतूड़ा में तैयार होगा अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह
पहाड़ी क्षेत्र रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने वाले नए राज्य अतिथि गृह के लिए करीब 48.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है. इस परियोजना की रूपरेखा इस तरह बनाई गई है कि यह आने वाले कई दशकों की जरूरतों को पूरा कर सके. यह परिसर सिर्फ ठहरने की जगह नहीं होगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्र में शासन और प्रशासन के लिए एक मजबूत संवाद केंद्र के तौर पर काम करेगा. यहां बनने वाले बड़े हॉल को पूरी तरह हाईटेक बनाया जाएगा, जिसमें बड़े आकार के आधुनिक डिस्प्ले और बेहतरीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम मौजूद रहेंगे. इससे शासन स्तर की जरूरी बैठकें सीधे पहाड़ से ही आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए संचालित हो सकेंगी.
पर्यावरण नियमों का कड़ाई से होगा पालन
पहाड़ों के नाजुक पर्यावरण को देखते हुए रतूड़ा के इस निर्माण कार्य में सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने का फैसला लिया गया है. कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को साफ तौर पर कहा गया है कि निर्माण स्थल की दूरी नदी से कम से कम 200 मीटर होनी चाहिए, जिससे राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमों का पूरा पालन हो सके. इसके अतिरिक्त संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र को भी सरकारी फाइलों में शामिल करना अनिवार्य किया गया है. भवन की पहचान को अलग और सुंदर रूप देने के लिए मुख्य द्वार और मुख्य इमारत पर एक बड़ा और आकर्षक लोगो लगाया जाएगा, जिससे इसकी पहचान दूर से ही स्थापित हो सके.
देहरादून के रेसकोर्स में बनेंगे 48 नए सरकारी आवास
राजधानी देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में स्थित पुरानी और जर्जर हो चुकी ऑफिसर्स कॉलोनी की जगह नए आवासीय भवनों का निर्माण होगा. इस खाली जमीन पर 48 नए श्रेणी-3 आवास बनाने के लिए लगभग 28.07 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. यह कदम सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस परियोजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें इमारतों के बाहरी हिस्से में ऐसी निर्माण सामग्री और फिनिशिंग का उपयोग करने का फैसला लिया गया है, जिससे भविष्य में बार-बार रंग-रोगन या मरम्मत का भारी खर्च न उठाना पड़े. इससे सरकारी खजाने पर रखरखाव का बोझ काफी कम हो जाएगा.
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन बिल्डिंग बनेगी पहचान
देहरादून की इस आवासीय परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप देने के लिए पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर ढाला जाएगा. परिसर में पानी की बचत और भूजल स्तर को सुधारने के लिए आधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है. इस व्यवस्था से बारिश के पानी को सहेजकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके अलावा पूरी कॉलोनी की सुंदरता और पहचान को बेहतर बनाने के लिए प्रवेश द्वार पर आकर्षक नाम पट्टिकाएं लगाने की भी तैयारी है. यह व्यवस्था सरकारी कॉलोनियों को एक व्यवस्थित और सुंदर स्वरूप प्रदान करेगी.
पहाड़ और मैदान के संतुलित विकास की रणनीति
राज्य सरकार की यह पहल दर्शाती है कि निर्माण कार्य अब केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं हैं. पहाड़ के रतूड़ा से लेकर मैदान के देहरादून तक सरकारी संपत्तियों को आधुनिक तकनीक, कम रखरखाव और टिकाऊ मॉडल के आधार पर विकसित किया जा रहा है. सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इन सभी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समयसीमा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय वास्तुशैली को भी प्रमुखता दी जाएगी ताकि राज्य की पारंपरिक पहचान बनी रहे. आने वाले समय में ये परियोजनाएं धरातल पर उतरकर सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन का एक नया उदाहरण पेश करेंगी.
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