Adani Airports ने जुटाई 1 अरब डॉलर की इक्विटी पूंजी, बनी दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान हवाई अड्डा कंपनी
नयी दिल्ली, नौ सितंबर उद्योगपति गौतम अदाणी की हवाई अड्डा कंपनी अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स वैश्विक एवं घरेलू निवेशकों के एक समूह से करीब एक अरब डॉलर की नई इक्विटी पूंजी जुटाने के बाद दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान हवाई अड्डा कंपनी बन गई है। टेमासेक, ब्लैकरॉक द्वारा प्रबंधित कोष, अल्फा वेव ग्लोबल और प्रेमजी इन्वेस्ट से कंपनी ने यह राशि जुटाई है। इस निवेश से पहले अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स का मूल्य करीब 18 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया था।
नई पूंजी के साथ कंपनी का अनुमानित निवेश के बाद इक्विटी मूल्य करीब 19 अरब डॉलर हो गया है। बाजार अनुसंधान विश्लेषकों के अनुसार, इक्विटी मूल्य के आधार पर यह कंपनी प्रमुख सूचीबद्ध और हाल में मूल्यांकित हवाई अड्डा परिचालकों में वैश्विक स्तर पर करीब तीसरे स्थान पर है। इससे आगे स्पेन की एना और एयरपोर्ट्स ऑफ थाइलैंड हैं।
यह तुलना हालांकि पूरी तरह समान आधार पर नहीं है, क्योंकि एना और एयरपोर्ट्स ऑफ थाइलैंड शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां हैं जबकि अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स, अदाणी एंटरप्राइजेज के तहत निजी कंपनी है। समझौतों के तहत निवेशकों का समूह अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स में तीन चरणों में नए जारी किए गए शेयर खरीदेगा और लेनदेन पूरा होने के बाद सामूहिक रूप से करीब 5.54 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगा। कंपनी के बयान के अनुसार, अंतिम चरण जुलाई, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस पूंजी का इस्तेमाल अदाणी के हवाई अड्डा नेटवर्क के विस्तार एवं आधुनिकीकरण, हवाई अड्डों से जुड़ा वाणिज्यिक बुनियादी ढांचा विकसित करने तथा ‘ग्राउंड हैंडलिंग’ और यात्री सेवाओं जैसे कारोबार को बढ़ाने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अपनी सालाना हवाई अड्डा यात्रियों की संख्या बढ़ाकर करीब 20 करोड़ करना है। अदाणी एयरपोर्ट्स आठ हवाई अड्डों का परिचालन करती है, जिनमें मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है।
कंपनी भारत के यात्री यातायात में करीब एक-चौथाई और हवाई माल ढुलाई में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी रखती है। इस विस्तार के साथ यह हवाई अड्डों की संख्या के आधार पर भारत की सबसे बड़ी हवाई अड्डा परिचालक कंपनी बन गई है, हालांकि, यात्रियों की संख्या के मामले में जीएमआर अब भी बड़ी कंपनी है। विश्लेषकों के अनुसार, इस मूल्यांकन के साथ अदाणी एयरपोर्ट्स कई प्रमुख सूचीबद्ध वैश्विक परिचालकों से आगे निकल गई है।
स्पेन की हवाई अड्डा परिचालक एना का बाजार पूंजीकरण करीब 46 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि एयरपोर्ट्स ऑफ थाइलैंड का मूल्य करीब 27 अरब अमेरिकी डॉलर है। पेरिस-चार्ल्स द गॉल और पेरिस-ऑर्ली हवाई अड्डों का परिचालन करने वाले ग्रुप एडीपी का बाजार मूल्य करीब 13 अरब अमेरिकी डॉलर है। शेयर कीमतों में बदलाव के साथ इन कंपनियों का बाजार मूल्य भी बदलता रहता है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स का मूल्य करीब 10.9 अरब अमेरिकी डॉलर है और वह शंघाई एयरपोर्ट (8.8 अरब अमेरिकी डॉलर) से आगे है। अदाणी एंटरप्राइजेज के जुलाई में 15,000 करोड़ रुपये के पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के बाद यह पूंजी जुटाई गई है।
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यूरोप की नदियों ने इस महादेश को सदियों से ताकत और ऊर्जा दी है. हालांकि नदियों में घटते पानी की वजह से बंद हुए रिएक्टरों ने यूरोप के ऊर्जा तंत्र की छिपी हुई कमजोरियों को सामने ला दिया है. Europe's rivers have powered the continent for centuries. Now, low water levels in the Danube are shutting down nuclear reactors and exposing a hidden weakness in Europe's energy system.
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