Explainer: क्या इस बार पकड़ा जाएगा विजय सालगांवकर? 'Drishyam The Conclusion' के ट्रेलर में छिपे 8 बड़े हिंट
Drishyam The Conclusion: 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी बॉलीवुड फिल्मों की सबसे पसंदीदा थ्रिलर फिल्मों में से एक है. साल 2015 में पहली आई 'दृश्यम' से 2022 में रिलीज हुई 'दृश्यम 2' तक विजय सालगांवकर ने हर बार पुलिस और कानून को मात दी है. लेकिन अब कहानी अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई ह. मेकर्स ने 'Drishyam The Conclusion' का ट्रेलर रिलीज कर दिया है, जिसने फैंस के बीच एक्साइटमेंट के साथ-साथ कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. ट्रेलर देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार विजय सालगांवकर बच पाएगा या फिर उसका सबसे बड़ा राज दुनिया के सामने आ जाएगा?
तो आइए जानते हैं अजय देवगन (Ajay Devgn) ट्रेलर में छिपे उन 7 बड़े हिंट्स के बारे में, जो ये तय कर सकते हैं कि इस बार फिल्म की कहानी की कहानी क्या होगी.
1. जयदीप अहलावत की एंट्री सबसे बड़ा खतरा
दृश्यम: द कन्क्लूजन के ट्रेलर में सबसे बड़ा बदलाव जयदीप अहलावत (Jaideep Ahlawat) के किरदार राजवीर सिंह तोमर की एंट्री है. अब तक विजय का सामना तब्बू यानि मीरा देशमुख से था, लेकिन इस बार मामला अलग नजर आने वाला है. राजवीर एक क्राइम ब्रांच अधिकारी है, जो इस केस को सुलझाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहा है. ट्रेलर में उसकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग्स को देख ये साफ पता चल रहा है कि वो विजय को हल्के में लेने वाला नहीं है.
2. पुराना केस फिर से खुलता दिखा
'दृश्यम 2' के अंत में लगा था कि मामला लगभग खत्म हो चुका है. लेकिन अब पार्ट 3 के ट्रेलर से साफ दिख रहा है कि समीर देशमुख की मौत का केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है. कई पुराने दस्तावेज, सबूत और गवाह फिर से सामने आएंगे. इसका मतलब है कि विजय की मुश्किलें अब पहले से ज्यादा बढ़ने वाली हैं.
3. विजय पहले से ज्यादा परेशान नजर आया
दृश्यम की पहली दोनों फिल्मों में विजय हमेशा कॉन्फिडेंस से भरा दिखता है. लेकिन अब जो फिल्म का ट्रेलर आया है उसमें विजय के चेहरे पर तनाव और चिंता साफ दिखाई दी है. ऐसे में लग रहा है कि इस बार मामला उसके हाथ से बाहर जा सकता है. शायद पहली बार विजय को एहसास हो कि उसकी बनाई हुई कहानी टूट सकती है.
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4. परिवार पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
'दृश्यम' की पूरी कहानी विजय के परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है. ट्रेलर में भी परिवार के सदस्यों को तनाव में दिखाया गया है. कई ऐसे सीन है, जिनसे लगता है कि पुलिस का दबाव सिर्फ विजय पर नहीं बल्कि उसके परिवार पर भी बढ़ने वाला है. अगर परिवार का कोई सदस्य टूट जाता है तो विजय की सारी योजना बिखर सकती है.
5. प्रकाश राज की एंट्री बढ़ाएगी सस्पेंस
वहीं, दृश्यम: द कन्क्लूजन में जयदीप अहलावत के अलावा प्रकाश राज (Prakash Raj) की भी एंट्री हुई है. हालांकि वो किस रोल में नजर आएंगे, ये तो क्लियर नहीं हो पाया है. लेकिन उनका किरदार कहानी में बड़ा बदलाव ला सकता है. वहीं, दृश्यम जैसी थ्रिलर फिल्मों में नया किरदार कोई न कोई राज जरूर खोलता है. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रकाश राज भी फिल्म में नया ट्विस्ट लेकर आएंगे.
6. कई सवालों के जवाब अभी भी बाकी
ट्रेलर में बार-बार कुछ ऐसे सीन दिखाए गए हैं, जो इस ओर इशारा करते हैं कि कहानी में अभी कई राज छिपे हुए हैं. क्या पुलिस को कोई नया सबूत मिला है? क्या विजय ने कोई गलती कर दी है? या फिर कोई ऐसा गवाह सामने आने वाला है, जो अब तक चुप था? ट्रेलर इन सवालों के जवाब नहीं दिखाए गए हैं, लेकिन दर्शकों की एक्साइटमेंट काफी ज्यादा बढ़ गई है.
7. क्या इस बार सच जीत जाएगा?
ट्रेलर में ये भी साफ देखने को मिला है कि इस बार लड़ाई सिर्फ पुलिस और विजय के बीच नहीं है, बल्कि ये सच और झूठ के बीच की जंग बन गई है. पिछले दो पार्ट में विजय अपनी समझदारी से जीतता रहा, लेकिन इस बार उसके सामने ऐसे लोग हैं जो उसके हर कदम पर नजर रख रहे हैं. वहीं, टीजर में तब्बू भी कहती दिखी की ये सच्चाई की नहीं,बलने की कहानी है.
8. क्या पकड़ा जाएगा विजय सालगांवकर?
अब फिल्म को लेकर फैंस के बीच जो सबसे बड़ा सवाल है वो यही है कि क्या इस बार विजय सालगांवकर का सच सबके सामने आ जाएगा. पिछले दो पार्ट में दर्शक विजय के साथ खड़े रहे हैं. लोग चाहते हैं कि वो अपने परिवार को बचा ले. लेकिन दूसरी तरफ ये भी सच है कि एक क्राइम हुआ था और उसका सच अब तक सामने नहीं आया है. बता दें कि, समीर देशमुख का असल में मर्डर विजय की पत्नी से हो जाता है, क्योंकि वो अपनी बेटी को बचा रही होती है. ऐसे में अब विजय अपने परिवार को बचा रहा है.
'दृश्यम द कन्क्लूजन' की स्टारकास्ट
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ की स्टार कास्ट की बात करे तो अजय देवगन, तब्बू (Tabu), श्रिया सरन (Shriya Sharan), रजत कपूर (Rajat Kapoor) और जयदीप अहलावत के अलावा प्रकाश राज, कमलेश सावंत, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले पर अभिषेक पाठक के साथ आमिल कीयन खान और परवेज शेख ने काम किया है.
FAQ
1. ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ कब रिलीज होगी?
फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी.
2. क्या ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ आखिरी फिल्म है?
जी हां, 'दृश्यम: द कन्क्लूजन’ अजय देवगन की ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की आखिरी फिल्म है.
3. क्या फिल्म में अजय देवगन फिर विजय सालगांवकर बने हैं?
अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के ही किरदार में नजर आएंगे.
4. फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
'दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है.
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में, वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच के ढांचे पर काम जारी: वाणिज्य सचिव
मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि दोनों देश समझौते के अधिकांश हिस्सों पर सहमति बना चुके हैं और अब एक ऐसे ढांचे पर काम कर रहे हैं, जो दोनों पक्षों को एक-दूसरे के बाजारों में वरीयता प्राप्त पहुंच (प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस) उपलब्ध करा सके। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ मुद्दों पर बातचीत अभी जारी है, लेकिन वार्ताएं उन्नत स्तर पर पहुंच चुकी हैं।
मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान मीडिया से बातचीत में अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ विषयों पर अभी भी चर्चा चल रही है, लेकिन समझौते को उचित समय पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। उन्होंने कहा, कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं, लेकिन समझौते पर उचित समय पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
वाणिज्य सचिव ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण कार्य ऐसा तंत्र विकसित करना है जिससे भारत और अमेरिका एक-दूसरे को वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच प्रदान कर सकें।
उन्होंने कहा कि भारत मुख्य रूप से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) शुल्क व्यवस्था के तहत काम करता है, जबकि अमेरिका वर्तमान में कार्यकारी शुल्क (एक्जीक्यूटिव टैरिफ) प्रणाली का उपयोग कर रहा है। इसलिए दोनों देशों के बीच ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है, जो शुल्कों में अंतर पैदा कर भारतीय और अमेरिकी व्यवसायों को विशेष लाभ प्रदान कर सके।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संवाद पहले से ही सक्रिय है और उद्योग जगत सरकारों के बीच बनी व्यापक समझ से संतुष्ट दिखाई देता है। उनका मानना है कि समझौता लागू होने के बाद व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिल सकती है।
भारत के अन्य व्यापार समझौतों पर जानकारी देते हुए केंद्रीय वाणिज्य सचिव ने कहा कि भारत-चिली मुक्त व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि कुछ विषयों पर बातचीत जारी है, लेकिन अगले दो से तीन महीनों में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को जल्द से जल्द लागू करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, अक्टूबर के आसपास इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती माल ढुलाई लागत और इसका निर्यातकों पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि सरकार निर्यातकों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि उन्हें जहाजों और कंटेनरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही माल ढुलाई में होने वाली देरी और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के प्रयास भी जारी हैं।
उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई मालभाड़ा लागत के बावजूद चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में भारत का निर्यात 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इससे संकेत मिलता है कि अब तक ऊंची शिपिंग लागत का प्रभाव उतना गंभीर नहीं रहा है, जितनी आशंका पहले जताई जा रही थी।
वाणिज्य सचिव ने आगे कहा कि भारत को लंबे समय तक निर्यात वृद्धि बनाए रखने के लिए सेवा क्षेत्र के निर्यात में विविधता लानी होगी। वर्तमान में भारत के सेवा निर्यात का बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आईटी सक्षम सेवाएं (आईटीईएस) और पेशेवर सेवाओं पर निर्भर है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात लगभग 863 अरब डॉलर रहा, जिसमें से 421 अरब डॉलर का योगदान सेवा क्षेत्र से आया। हालांकि सेवा निर्यात में आईटी और आईटीईएस का हिस्सा लगभग आधा है, जबकि पेशेवर सेवाएं करीब 30 प्रतिशत योगदान देती हैं।
अग्रवाल ने कहा, फिलहाल हमारी सेवा निर्यात व्यवस्था मुख्य रूप से इन दो स्तंभों पर आधारित है, लेकिन यदि हमें दीर्घकालिक और टिकाऊ वृद्धि हासिल करनी है तो इसमें विविधता लानी होगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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