नयी दिल्ली, नौ सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को रेल मंत्रालय की 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा खंड और कटनी-पेंड्रा रोड खंड के बीच चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड खंड के बीच तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे आवाजाही में सुधार के साथ परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
इससे रेल परिचालन सुगम होगा और भीड़भाड़ कम करने में भी मदद मिलेगी। ये तीनों परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों से होकर गुजरेंगी। इनके निर्माण से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
सरकार ने कहा कि प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से करीब 4,790 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जहां लगभग 56 लाख लोग रहते हैं। इन परियोजनाओं से तारातरणी मंदिर, श्रीक्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बंधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, अचानकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, मल्हार पुरातात्विक स्थल और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा। सरकार ने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लौह एवं इस्पात जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग हैं।
क्षमता बढ़ाने से सालाना 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई होने की उम्मीद है। सरकार ने इन परियोजनाओं के पर्यावरणीय लाभ गिनाते हुए कहा कि इनसे करीब 12 करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी और 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और ब्रेंट क्रूड की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। इसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 813.35 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 74,764.23 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, बेंचमार्क इंडेक्स 75,251.23 के उच्चतम और 74,764.23 के निचले स्तर के बीच 487 अंकों के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करता रहा। 50 शेयरों वाला NSE निफ्टी 203.60 अंक या 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ। इसी तरह, व्यापक बाजार में भी गिरावट देखी गई। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 98.13 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरा, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 54.43 अंक या 0.59 प्रतिशत नीचे आया।
सेक्टर-वार इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी IT और निफ्टी रियल्टी में क्रमशः 3.24 प्रतिशत और 2.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, निफ्टी मेटल ने बेहतर प्रदर्शन किया और 1.79 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह ने कहा कि बेंचमार्क के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी गिरावट आई; निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100, दोनों में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मार्केट की स्थिति कमजोर रही, जिसमें एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 0.76 रहा, जो मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में लगातार प्रॉफिट बुकिंग का संकेत देता है। ग्लोबल ऑयल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने भारत के लिए महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं, जिससे रुपया कमजोर होकर 29 पैसे की गिरावट के साथ 95.11 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, NTPC और एशियन पेंट्स में सबसे ज़्यादा बढ़त देखी गई; अडानी पोर्ट्स के शेयरों में आज 3.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, HCL टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, TCS और HDFC बैंक के शेयरों में गिरावट रही। HCL टेक के शेयरों में आज 4.55 प्रतिशत की गिरावट आई। इस बीच, ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में लगातार चार दिनों से हो रही बढ़ोतरी ने भारत में महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं, जिससे रुपया कमजोर हो गया है। बुधवार को अमेरिकी करेंसी के मुकाबले रुपया 34 पैसे गिरकर 95.08 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
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