Daayra: ‘सच का दायरा’ का टीजर हुआ रिलीज, गाने की पहली झलक ने बढ़ाई एक्साइटमेंट
Sach Ka Daayra Song Teaser Out: करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की अपकमिंग फिल्म ‘दायरा’ इन दिनों चर्चा में है. फिल्म के मेकर्स ने अब इसका नया गाना ‘सच का दायरा’ का टीजर रिलीज कर दिया है. टीजर में गाने की पहली झलक देखने को मिल रही है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. गाने में फिल्म की कहानी और किरदारों के बीच के रिश्तों की झलक भी देखने को मिलती है. अब फैंस को इसके पूरे गाने के रिलीज होने का इंतजार है.
‘सच का दायरा’ गाने का टीजर रिलीज
‘सच का दायरा’ गाने को लेकर मेकर्स ने एक दिन पहले पोस्टर रिलीज किया गया था, जिसमें करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) और पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran) एक साथ नजर आए थे. अब मेकर्स ने गाने का टीजर भी जारी कर दिया है. गुलजार की आवाज में आए इस टीजर में फिल्म की गंभीर और रोमांचक कहानी की झलक दिखाई गई है. वहीं, टीजर से पता चलता है कि फिल्म में सिर्फ सच और झूठ की लड़ाई नहीं, बल्कि कहानी में कई ऐसे राज और सवाल भी हैं, जो दर्शकों को आखिर तक बांधे रखेंगे. बता दें, ये गाना 10 सितंबर को रिलीज किया जाएगा.
गाने में दिखेगा कहानी का दर्द
गुलजार के खूबसूरत बोल, अमित त्रिवेदी का म्यूजिक और बी प्राक की आवाज इस ‘सच का दायरा’ गाने को खास बनाती है. गाने में फिल्म की कहानी से जुड़ी बेचैनी और भावनाएं साफ नजर आती हैं. वहीं, गुलजार की आवाज गाने को और ज्यादा गहराई देती है.‘सच का दायरा’ सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि ये ‘दायरा’ की कहानी से भी जुड़ा हुआ है. ये गाना फिल्म की उलझन को सामने लाता है. पहले पोस्टर और अब टीजर रिलीज होने के बाद रमन और अजूनी की कहानी को लेकर लोगों की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है.
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करीना और पृथ्वीराज की दिखेगी अलग कहानी
राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं डायरेक्टर मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) की फिल्म ‘दायरा’ में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे. सच्ची घटनाओं से प्रेरित ये फिल्म एक अपराध की कहानी है, जिसे दो अलग-अलग लोगों के नजरिए से दिखाया गया है. फिल्म में भावनाओं के साथ-साथ कई ऐसे सवाल भी उठेंगे, जिनके जवाब कहानी आगे बढ़ने के साथ मिलेंगे.‘राजी’, ‘तलवार’ और ‘सैम बहादुर’ जैसी फिल्मों के बाद मेघना गुलजार एक बार फिर गंभीर और भावनात्मक कहानी लेकर आ रही हैं.
कब रिलीज होगी दायरा?
करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म ‘दायरा’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म को जंगली पिक्चर्स (Junglee Pictures) और पेन स्टूडियोज ने बनाया है. वहीं, पेन मरुधर फिल्म (Pen Marudhar) को सिनेमाघरों तक पहुंचाने का काम कर रहा है. फिल्म को लेकर दर्शकों में अभी से काफी एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है.
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झारखंड में श्रमिकों के लिए खुशखबरी! नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार, वेतन से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक कई प्रावधान
Jharkhand News: झारखंड में श्रमिकों के वेतन, काम के घंटे, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है. श्रम विभाग ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में मजदूरी और कामकाजी व्यवस्था को लेकर नया ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें न्यूनतम मजदूरी तय करने से लेकर ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, वेतन कटौती और बोनस तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं.
नए ड्राफ्ट में न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए चार सदस्यों वाले श्रमिक परिवार को आधार बनाया गया है. इसमें पति, पत्नी और दो बच्चों वाले परिवार को शामिल किया गया है. मजदूरी तय करते समय परिवार की भोजन, कपड़ा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ ईंधन-बिजली, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और आकस्मिक खर्च को भी ध्यान में रखने का प्रावधान किया गया है.
मजदूरी में जरूरी खर्चों को मिलेगा महत्व
ड्राफ्ट के मुताबिक, श्रमिक परिवार के आवास किराये, ईंधन और बिजली जैसी जरूरतों के लिए न्यूनतम मजदूरी का 20 फीसदी हिस्सा निर्धारित माना गया है. वहीं, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और आकस्मिक खर्च के लिए 25 फीसदी हिस्सा तय किया गया है. यानी मजदूरी तय करने की प्रक्रिया में श्रमिक परिवार की वास्तविक जरूरतों को आधार बनाने की कोशिश की गई है.
सप्ताह में 48 घंटे काम का प्रावधान
नए नियमों में श्रमिकों के काम के घंटे भी निर्धारित किए गए हैं. सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम होगा, जबकि सामान्य कार्य दिवस आठ घंटे का रहेगा। काम के दौरान विश्राम समेत कुल अंतराल एक घंटे से ज्यादा नहीं होगा. छह दिन के कार्य सप्ताह में आमतौर पर रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा. अगर किसी कर्मचारी से उसके साप्ताहिक विश्राम के दिन काम कराया जाता है, तो उसे इसके बदले दूसरा विश्राम दिवस यानी कम्पेन्सेटरी ऑफ देना होगा.
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वेतन कटौती पर भी लगाई गई सीमा
ड्राफ्ट में कर्मचारियों की मजदूरी से होने वाली कटौती को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं. यदि किसी कर्मचारी की कुल कटौती उसकी मजदूरी के 50 फीसदी से ज्यादा हो जाती है, तो अतिरिक्त राशि को एक साथ काटने के बजाय अगली मजदूरी अवधि में किस्तों के रूप में वसूला जाएगा.
बोनस की गणना के लिए भी नियम तय
औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की गणना के संबंध में भी ड्राफ्ट में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं. छठे और सातवें लेखा वर्ष के लिए सेट ऑन या सेट ऑफ की गणना अनुसूची 'क' के तहत पांचवें, छठे और सातवें लेखा वर्ष के सरप्लस को ध्यान में रखकर की जाएगी. अगर किसी लेखा वर्ष में बोनस की राशि निर्धारित सीमा से अधिक होती है, तो उसे आगामी वर्षों में बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, यह कुल वेतन के 20 फीसदी की निर्धारित सीमा के अधीन रहेगा.
महिला कामगारों के लिए अलग रजिस्टर
सरकार ने असंगठित कामगारों, नियोक्ताओं और औद्योगिक संस्थानों से जुड़े सामाजिक सुरक्षा नियमों को भी स्पष्ट करने का प्रावधान किया है. इसके तहत नियोक्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने के साथ महिलाओं के लिए अलग रजिस्टर रखने, रिक्तियों की रिपोर्टिंग और सामाजिक सुरक्षा कल्याण कोष के संचालन की व्यवस्था की गई है. संबंधित नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य होगा. प्रत्येक प्रतिष्ठान को हर साल फरवरी की पहली तारीख या उससे पहले पिछले वर्ष का एकीकृत वार्षिक रिटर्न ऑनलाइन अपलोड करना होगा. प्रतिष्ठान बंद होने या उसकी बिक्री होने की स्थिति में एक महीने के भीतर रिटर्न जमा करना होगा.
प्रखंड स्तर तक करियर सेंटर
रोजगार को लेकर भी ड्राफ्ट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार प्रखंड स्तर तक करियर सेंटर स्थापित करने, उनका संचालन और रखरखाव करने की व्यवस्था करेगी. सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को किसी पद पर नियुक्ति से पहले संबंधित रिक्तियों की जानकारी करियर सेंटर को देनी होगी. रिक्तियों की सूचना निर्धारित फॉर्म में देनी होगी. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर चयनित अभ्यर्थियों के परिणाम की जानकारी भी निर्धारित फॉर्म में देनी होगी.
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छह महीने में विवाद निपटाने का प्रयास
श्रमिकों से जुड़े विवादों और राहत के लिए दिए गए आवेदनों के निपटारे को लेकर भी समयसीमा निर्धारित करने का प्रावधान है. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सक्षम प्राधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में मामलों की सुनवाई करेंगे. विरोधी पक्ष को नोटिस दिए जाने की तारीख से छह महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा. इस तरह नए ड्राफ्ट में श्रमिकों के वेतन के साथ उनके काम के घंटे, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और विवाद निपटारे से जुड़े कई पहलुओं को एक साथ शामिल किया गया है.
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