दलीप ट्रॉफी फाइनल- साउथ जोन 336 रन पर ऑलआउट:तिलक वर्मा एक रन से शतक चूके; पहली पारी में ईस्ट जोन को 372 रन की बढ़त
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में चौथे दिन साउथ जोन की टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ईस्ट जोन के खिलाफ पहली पारी के आधार पर 372 रन से पिछड़ गई है। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा सिर्फ 1 रन से शतक से चूक गए। तिलक को 99 रन पर ईस्ट जोन के एमडी कौनैन कुरैशी ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर पवेलियन भेजा। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने 3 और मोहम्मद शमी सहित तीन गेंदबाजों ने 2-2 विकेट लिए। पडिक्कल ने 62 रन की पारी खेली मैच के तीसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरी साउथ जोन की शुरुआत खराब रही। टीम ने 10 रन के स्कोर पर रिकी भुई (1) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद नारायण जगदीशन और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। जगदीशन 32 रन बनाकरआउट हुए। पडिक्कल और शेख रशीद ने तीसरे विकेट के लिए 56 रन जोड़े। रशीद 27 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद देवदत्त पडिक्कल 62 रन बनाकर आउट हुए। तिलक और श्रेयस गोपाल ने 66 रन की साझेदारी की कप्तान तिलक वर्मा ने रविचंद्रन स्मरण (23) के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन जोड़े। तिलक और श्रेयस गोपाल (26) ने छठे विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी की। दिन का खेल खत्म होने पर तिलक वर्मा 56 रन और चामा मिलिंद 2 रन बनाकर नाबाद हैं। ईस्ट जोन के लिए मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट झटके। शिखर मोहन को एक विकेट मिला। ईशान किशन ने 270 रन की पारी खेली ईस्ट जोन की ओर से पहली पारी में कप्तान ईशान किशन ने 270 रन बनाए। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 30 चौके और 7 छक्के लगाए। कुमार कुशाग्र ने 101, शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने भी 37 गेंदों पर 44 रन की तेज पारी खेली। सिराज को एक भी विकेट नहीं साउथ जोन की ओर से पहली पारी में त्रिपुराना विजय ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके। चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल ने 2-2 विकेट लिए। शेख रशीद को एक विकेट मिला। अभिमन्यु ईश्वरन रन आउट हुए। हालांकि, मोहम्मद सिराज समेत साउथ जोन के गेंदबाज ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में नाकाम रहे हैं। सिराज को पहली पारी में एक भी विकेट नहीं मिला। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 ईस्ट जोन: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), एमडी कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार। साउथ जोन: रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधिश।
UNGA President Khalilur Rahman ने Security Council में सार्थक सुधारों पर दिया जोर
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, नौ सितंबर संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने इस विश्व निकाय खासकर सुरक्षा परिषद में ‘‘सार्थक’’ सुधारों का आह्वान किया है, ताकि इसे ‘‘भविष्य के लिए और अधिक सक्षम’’ बनाया जा सके तथा लोगों का उस पर भरोसा फिर से कायम हो। मंगलवार को महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष का पद संभालने वाले रहमान यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ‘पीटीआई’ के सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि उनकी अध्यक्षता लंबे समय से अटकी और धीमी गति से आगे बढ़ रही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किस तरह मदद कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सुधार सार्थक होने चाहिए। इन सुधारों से लोगों की नजर में इस संगठन पर भरोसा फिर से कायम होना चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक सुधारों को महज औपचारिक या दिखावटी कदम माना जाएगा।
मैं इन सुधारों को लेकर बहुत गंभीर हूं।’’ बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की ‘यूएन80’ पहल का समर्थन जारी रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक सरल, प्रभावी और बेहतर समन्वय वाली बनाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां भरोसे की कमी है और संगठन को खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए बड़े सुधार करने होंगे।
केवल आज के लिए नहीं, बल्कि कल के लिए भी। ’’ रहमान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुनिया आगे बढ़ चुकी है। संगठन को भी आगे बढ़ना होगा और मैं इस प्रक्रिया में मदद करूंगा।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने कहा कि विश्व संगठन जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है और जिन अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, उनके बीच वह सहयोग और संवाद को बहुत अधिक प्राथमिकता देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतना समझता हूं कि हर समस्या का समाधान जल्दी और सौहार्दपूर्ण तरीके से नहीं हो सकता है। कुछ मुद्दे अनसुलझे रहेंगे। कुछ समस्याओं के समाधान खोजने में समय लग सकता है।
यह ठीक है। लेकिन इससे हमें जहां भी संभव हो, साझा आधार तलाशने की कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए।’’ रहमान को जून में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था। यह सत्र मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हुआ।
उन्होंने जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक का स्थान लिया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
prabhasakshi







