उमंग सिंघार ने कुपोषण के मुद्दे पर MP सरकार को घेरा, श्योपुर के रिकॉर्ड पर किए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में कुपोषण और पोषण आहार व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि एक ओर बालाघाट और श्योपुर में कुपोषित बच्चों की मौत और इलाज की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पोषण आहार के नाम पर हर महीने लगभग 50 करोड़ रुपये के गबन के आरोप सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि श्योपुर में बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों का आंगनवाड़ी रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि वहां लगभग 50 प्रतिशत बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ हुए बिना ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब बच्चों का रिकॉर्ड ही पूरा दर्ज नहीं है तो सरकार कुपोषण के खिलाफ चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कैसे कर रही है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने सीहोर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया है कि कई जगह बच्चों को राशन वितरित किए बिना ही रिकॉर्ड में वितरण दर्ज किया जा रहा है और इस तरह फर्जी आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पोषण कार्यक्रम में पंजीयन 166 प्रतिशत तक पहुंच गया, लेकिन ठीक हुए बच्चों की दर सिर्फ 56.5 प्रतिशत है।
कांग्रेस नेता ने कहा है कि बालाघाट और श्योपुर में कुपोषित बच्चों की स्थिति सरकार की पोषण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों के हिस्से के पोषण आहार में भ्रष्टाचार किया जा रहा है और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल किया कि आखिर बच्चों के पोषण और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में सामने आ रही इन विसंगतियों के लिए जिम्मेदारी किसकी है।
राष्ट्रीय पोषण माह में सरकार के दावों पर विपक्ष के सवाल
यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब 9 सितंबर से देश में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह शुरू हो गया है। इस वर्ष अभियान की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है। सरकार का जोर आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण सेवाएं पहुंचाने, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और पोषण संबंधी जागरूकता मजबूत करने पर है।
मध्यप्रदेश सरकार भी पिछले वर्षों में कुपोषण में कमी, आंगनवाड़ी सेवाओं के विस्तार और सुपोषण अभियानों की उपलब्धियों का दावा करती रही है। श्योपुर में भी कुपोषण कम होने और सुपोषण के प्रयासों में बेहतर प्रदर्शन के दावे सामने आते रहे हैं। सरकार के इन दावों के बीच विपक्ष अब सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता, बच्चों की वास्तविक रिकवरी और आंगनवाड़ी रिकॉर्ड पर सवाल उठा रहा है।
भाजपा सरकार की बेशर्मी की हद देखिए, एक तरफ बालाघाट और श्योपुर में कुपोषित बच्चे भूख और इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, दूसरी तरफ पोषण आहार के नाम पर हर महीने ₹50 करोड़ के गबन के आरोप सामने आ रहे हैं।
श्योपुर में 50% बच्चों को स्वस्थ हुए बिना डिस्चार्ज किया जा रहा है, तो सीहोर… pic.twitter.com/MFcITx2nPM
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 9, 2026
‘विनय उजाला राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित हुए ताहिर अली, जनसंपर्क-मीडिया और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला गौरव
उज्जैन। जनसंपर्क और मीडिया के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय ताहिर अली को ‘विनय उजाला राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया है। उज्जैन में आयोजित 13वें राष्ट्रीय गौरव सम्मान समारोह में उन्हें जनसंपर्क, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में प्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने ताहिर अली को सम्मान एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को 12 विधाओं में सम्मानित किया गया।
जनसंपर्क विभाग में निभाई लंबी पारी
ताहिर अली जनसंपर्क विभाग में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद संयुक्त संचालक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने सरकार और मीडिया के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ ही शासन की नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ी सूचनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनसंपर्क और मीडिया प्रबंधन के साथ ही शिक्षा, समाजसेवा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में भी वे सक्रिय रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका यह सफर जारी है। वर्तमान में वे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के मीडिया सलाहकार के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
ताहिर अली बोले- जनसंपर्क शासन और समाज के बीच विश्वास का सेतु
सम्मान मिलने पर ताहिर अली ने खुशी जताते हुए इसे अपने लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और समाज के बीच विश्वास का सेतु है।
उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान सहयोग और मार्गदर्शन देने वाले सहकर्मियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही आत्मीयता के साथ सम्मानित करने के लिए विनय उजाला की पूरी टीम को धन्यवाद दिया।
अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी मिला सम्मान
सम्मान समारोह में सांसद अनिल फिरोजिया, प्रेस क्लब अध्यक्ष नंदलाल यादव, नगर निगम उज्जैन की सभापति कलावती यादव, समूह संपादिका शोभना मिश्रा, विनय उजाला के एमडी डॉ. वी.के. मिश्रा और प्रेस क्लब उज्जैन के कार्यकारी अध्यक्ष विशाल हाड़ा सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रशासन, समाजसेवा, शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण एवं कल्याण, सामाजिक कल्याण और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
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