पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा का नाम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की मतदाता सूची में जोड़ दिया गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत उनका नाम राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चड्ढा का नाम पंजाब की मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जहाँ से वे राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, नाम जोड़ने की यह प्रक्रिया पूरी तरह नियम सम्मत है और हाल ही में स्वीकृत किए गए 700 'फॉर्म-6' आवेदनों में उनका नाम भी शामिल था।
आम आदमी पार्टी (आप) ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि चड्ढा का नाम मतदाता सूची में जोड़ने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने कहा कि उनका नाम सूची में अद्यतन प्रक्रिया के माध्यम से जोड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार, चड्ढा का नाम पंजाब की मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जहां से उनकी पूर्व पार्टी आप ने उन्हें राज्यसभा भेजा था।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 700 फॉर्म-6 मंजूर किए गए, जिनमें चड्ढा का नाम भी शामिल है।
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि 31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में 746 मतदाताओं के नाम थे, फिर राजेंद्र नगर की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के तौर पर कैसे शामिल किया गया।
आप के आरोपों का जवाब देते हुए चड्ढा ने एक बयान में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि मैं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को परेशान कर रहा हूं... जब से मैंने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी छोड़ी है, उसका नेतृत्व इससे उबर नहीं पा रहा है। उनका व्यवहार उस नाराज पूर्व साथी जैसा है, जिसे अभी-अभी छोड़ दिया गया हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य सरल और स्पष्ट हैं। मैंने निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के सभी लागू दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं का पालन किया है और निर्धारित उपायों का सहारा लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप ने ‘मतदाता सूची’ को अपने ‘पार्टी सदस्यता रजिस्टर’ के साथ मिला दिया है। वह हर उस व्यक्ति को बाहर करना चाहती है जो केजरीवाल और उनकी भ्रष्ट आम आदमी पार्टी से अलग हो जाता है।
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मंगलवार को ब्रिटेन के हवाई यातायात प्रबंधन में आए अचानक और बड़े तकनीकी संकट के कारण पूरे देश का हवाई नेटवर्क पूरी तरह से चरमरा गया। ब्रिटेन के मुख्य एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई एक तकनीकी खराबी की वजह से देश भर में उड़ानों का परिचालन बाधित हुआ। लोकप्रिय फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, इस व्यवधान के कारण पूरे यूके में 1,000 से ज़्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि सैकड़ों अन्य उड़ानों में घंटों की देरी हुई। ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफ़िक सर्विसेज़ (NATS) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि यह समस्या उनके मुख्य 'फ़्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम' से जुड़ी हुई थी। जब इस गंभीर समस्या ने यूके के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों को अपनी चपेट में लिया, तब NATS के इंजीनियरों की टीम नेटवर्क को सुरक्षित रखने और सामान्य कामकाज बहाल करने के लिए आपातकालीन स्तर पर काम में जुट गई थी। इस अप्रत्याशित संकट ने ब्रिटेन और यूरोप की प्रमुख एयरलाइंस के शेड्यूल को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया:
प्रमुख एयरलाइंस पर पड़ा व्यापक असर
इस अप्रत्याशित संकट ने ब्रिटेन और यूरोप की प्रमुख एयरलाइंस के शेड्यूल को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया:
ब्रिटिश एयरवेज़ (British Airways): एयरलाइन प्रबंधन ने बताया कि उन्हें 100 से भी ज़्यादा उड़ानें रद्द या डायवर्ट (दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ने) करने पर मजबूर होना पड़ा। ब्रिटिश एयरवेज़ के एक प्रवक्ता ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा: "इस तकनीकी खराबी की व्यापकता का मतलब है कि इसका व्यापक और लंबे समय तक रहने वाला असर पड़ेगा। यह घटना पूरी तरह से हमारे नियंत्रण से बाहर थी और हमारे ग्राहकों व क्रू मेंबर्स के लिए बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि विमान और क्रू अपनी निर्धारित जगहों पर मौजूद नहीं थे।"
रायनएयर (Ryanair): बजट एयरलाइन रायनएयर ने जानकारी दी कि इस सिस्टम फेलियर के कारण उनके 65,000 से अधिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कंपनी को 50 से ज़्यादा तय फ़्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
ईज़ीजेट (easyJet): ईज़ीजेट ने स्पष्ट किया कि ATC सिस्टम डाउन होने के कारण उनकी कई उड़ानें "नहीं चल पाईं"। कंपनी ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि इस व्यवधान का असर केवल यूके तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका 'नॉक-ऑन प्रभाव' पूरे यूरोप में उड़ानों में देरी के रूप में देखने को मिलेगा।
लंदन हीथ्रो से स्कॉटलैंड तक हवाई अड्डे प्रभावित
इस तकनीकी खराबी का असर ब्रिटेन के लगभग हर कोने में स्थित हवाई अड्डों पर पड़ा। देश के सबसे व्यस्त लंदन हीथ्रो (Heathrow) हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट पर कई उड़ानों के रद्द होने और अनिश्चितकालीन देरी के अपडेट दिखते रहे, जिनमें मुख्य रूप से यूरोपीय गंतव्यों के लिए छोटी दूरी (Short-haul) की उड़ानें शामिल थीं।
इसके अलावा, जिन अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, उनमें शामिल हैं:
लंदन स्टैनस्टेड (London Stansted)
लंदन सिटी एयरपोर्ट (London City Airport)
गैटविक (Gatwick)
मैनचेस्टर (Manchester)
बर्मिंघम (Birmingham)
स्कॉटलैंड के सभी प्रमुख हवाई अड्डे (एडिनबर्ग, ग्लासगो आदि)
विमानों के भीतर फंसे रहे यात्री; सोशल मीडिया पर निकला गुस्सा
फ़्लाइट्स के अचानक रद्द और डिले होने के कारण हज़ारों यात्री रनवे और टर्मिनल पर फंसे रहे। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया (X/ट्विटर) पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि उड़ान रद्द होने की आधिकारिक घोषणा से पहले उन्हें घंटों तक विमानों के अंदर ही बैठाकर रखा गया।
यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि इस पूरे संकट के दौरान एयरलाइंस और हवाई अड्डा अधिकारियों की तरफ़ से संवाद (Communication) बेहद निराशाजनक और अस्पष्ट था। दूर-दराज के देशों से यात्रा कर रहे कनेक्टिंग फ़्लाइट्स वाले यात्रियों को भी टर्मिनलों पर रात बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यात्रियों के लिए सलाह
नागरिक उड्डयन अधिकारियों और एयरलाइंस ने सभी यात्रियों से सख्त अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ़्लाइट का लाइव स्टेटस (Flight Status) अवश्य जांच लें। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि सिस्टम को ठीक करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन विमानों और क्रू मेंबर्स के असंतुलन (Displacement) के कारण उड़ानों के शेड्यूल को पूरी तरह से सामान्य होने में कुछ दिनों का समय लग सकता है।
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