Responsive Scrollable Menu

अमेरिका-कनाडा के बीच ट्रेड वॉर शुरू, US ने कनाडाई शराब, गाड़ियों और डेयरी उत्पादों के इंपोर्ट पर लगाया बैन, कई प्रोडक्ट पर लगाया 50%टैरिफ

US Tariff: अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया है. कनाडा के बाद अब अमेरिका ने भी कड़ा एक्शन लिया है. अमेरिका ने कनाडा की शराब, गाड़ियों और डेयरी उत्पादों को बैन कर दिया है. 29 सितंबर से ये सामान अमेरिका में इंपोर्ट नहीं होगा. वहीं कई कनाडाई उत्पादों पर अमेरिका ने 50 प्रतिशत का टैरिफ भी लगाया है. अमेरिका ने यह फैसला कनाडा के जवाबी टैरिफ के बाद किया है. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी नोटिस में बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन 29 सितंबर से कुछ कनाडाई मादक पेय पदार्थों, मोटर वाहनों और डेयरी उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा. हाल ही में ओटावा ने अमेरिका के करीब 28 अरब डॉलर के उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाया था. इसके बाद व्हाइट हाउस ने कनाडा के कुछ सामानों पर कार्रवाई की बात कही है, जिनमें शराब, कुछ डेयरी उत्पाद और मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.

क्या बोले कनाडा के प्रधानमंत्री?

यह अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में एक और जवाबी कार्रवाई है. हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लोगों से मजबूती से हालात का सामना करने की अपील की है. कार्नी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि कनाडा के पास आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए जरूरी सभी संसाधन हैं. उन्होंने कहा कि बदलाव की कुछ कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन कुछ न करने और मौजूदा स्थिति को बनाए रखने की कीमत इससे कहीं ज्यादा होगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने जुलाई में किया था टैरिफ का एलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जुलाई में कनाडा से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया था. ट्रंप ने इसके पीछे अमेरिकी उत्पादों के साथ कनाडा के कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार को वजह बताया था. इसके बाद अगस्त में दोनों देशों ने टैरिफ लागू होने से रोकने के लिए व्यापार वार्ता शुरू की. कुछ दिनों के लिए शुल्क लगाने की समय सीमा भी टाल दी गई, जिससे समझौते की उम्मीद बढ़ी थी. लेकिन 22 अगस्त की नई समय सीमा से पहले दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका.

 

Continue reading on the app

600 से ज्यादा उड़ानें रद्द, लंदन-मैनचेस्टर एयरपोर्ट्स सबसे अधिक प्रभावित, ब्रिटेन में अफरातफरी की क्या रही वजह?

ब्रिटन में मंगलवार (8 सितंबर) को एयर ट्रैफिक में आई गड़बड़ी की वजह से अफरातफरी मच गई. जिसके चलते लंदन समेत देश के कई एयरपोर्ट पर सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी. देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण लंदन हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई बड़े एयरपोर्ट्स पर 600 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं.

फ्लाइटरडार 24 के मुताबिक, एयर ट्रैफिक में आई गड़बड़ी के चलते 625 उड़ानें रद्द कर दी गई. इनमें से easyJet की 218, ब्रिटिश एयरवेज की  132, KLM की 37, यूरोविंग्स की 22 और रयान एयर की 41 उड़ानें शामिल हैं. फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से यह भी पता चला है कि एयरलाइन शेड्यूल पर असर पड़ने के कारण रद्द उड़ानों की संख्या और बढ़ सकती है.

ब्रिटेन में उड़ानों के रद्द होने की क्या रही वजह?

दरअसल, यह रुकावट नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी की वजह से हुई. बता दें कि  NATS ही पूरे ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक को मैनेज करता है.

  • शुरुआत में NATS ने कहा कि वह फ्लािट के रवाना होने में आ रही तकनीकी समस्या की जांच कर रहा है. बाद में उसने पुष्टि की कि समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में थी और इंजीनियर सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं.
  • हालांकि बाद में NATS ने कहा कि उसने समस्या का समाधान कर लिया है और उसका सिस्टम ठीक होने लगा है. हालांकि, उसने चेतावनी दी कि सामान्य फ्लाइट शेड्यूल को बहाल करने में समय लगेगा क्योंकि आउटेज की वजह से बहुत सारी फ्लाइट्स का काम पेंडिंग हो गया था.
  • बता दें कि इन रुकावटों का मतलब यह नहीं था कि ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह से बंद हो गया था. NATS ने कहा कि फ्लाइट्स अभी भी रवाना हो रही हैं और UK का एयरस्पेस खुला है, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से फ्लाइट्स को कुशलतापूर्वक प्रोसेस और मैनेज करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई थी.

इन एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा पड़ा प्रभाव

ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक में आई इस दिक्कत की वजह से लंदन के हीथ्रो, गैटविक, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ल्यूटन, एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन में भी कामकाज में रुकावट आई. रॉयटर्स के फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, हीथ्रो में लगभग 100 उड़ानें  रद्द कर दी गईं. जबकि सैकड़ें उड़ानें  लेट हो गईं.

  • वहीं गैटविक में भी सैकड़ों फ्लाइट में देरी हुई. मैनचेस्टर एयरपोर्ट के साथ-साथ स्टैनस्टेड और ईस्ट मिडलैंड्स एयरपोर्ट भी प्रभावित हुए; इन सभी का संचालन मैनचेस्टर एयरपोर्ट्स ग्रुप करता है.
  • बता दें कि एयर ट्रैफिक की ये रुकावट इंग्लैड तक ही सीमित नहीं रही बल्कि ये ब्रिटन के बाहर भी फैली. जिसके चलते यूरोप के दूसरे एयरपोर्ट पर कुछ आने वाली फ्लाइट्स को रोक दिया गया. जबकि कुछ विमानों को ब्रुसेल्स, एम्स्टर्डम, पेरिस और डसेलडोर्फ़ जैसे एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा.

क्या हैं एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट ऑपरेशन?

दरअसल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम एयरलाइन शेड्यूल, एयरपोर्ट ऑपरेशन और फ्लाइट प्लानिंग से गहराई से जुड़े होते हैं. जब NATS के इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोसेसिंग सिस्टम में कोई बड़ी खराबी आती है, तो फ्लाइट अपनी सामान्य फ्रीक्वेंसी पर नहीं चल पातीं.

  • ऐसे में, ट्रैफिक के सुरक्षित स्तर को बनाए रखने के लिए उड़ान भरने (डिपार्चर) पर रोक लगानी पड़ती है या उनमें देरी करनी पड़ती है. एक बार जब विमान और क्रू अपनी जगह से हट जाते हैं, तो तकनीकी समस्या ठीक होने के बाद भी इसका असर बाद की फ्लाइट पर पड़ सकता है.
  • NATS ने चेतावनी दी है कि इसका असर कई घंटों तक और शायद बुधवार तक भी बना रह सकता है.

भारत-UK फ्लाइट पर भी पड़ा असर

इस रुकावट का असर UK से जुड़ी लंबी दूरी की उड़ानों पर भी पड़ा. भारत और ब्रिटेन के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर हीथ्रो से उड़ान भरने वालों को देरी और उड़ानों के रद्द होने का सामना करना पड़ा. लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट भारत-ब्रिटेन यात्रा के लिए एक बड़ा केंद्र है, जहां एयर इंडिया और ब्रिटिश एयरवेज जैसी एयरलाइंस लंदन और भारतीय शहरों के बीच सेवाएं देती हैं.

ये भी पढ़ें: Bihar: हवाई यात्राओं में आई तेजी, दो दशक में छह गुना बढ़ी विमानों की आवाजाही, 17 गुना बढ़े यात्री

  • दिन भर भारत या ब्रिटेन जाने वाली अलग-अलग उड़ानों पर इसका असर अलग-अलग रहा, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई कि वे सिर्फ मूल समय-सारणी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी एयरलाइन का लाइव फ्लाइट स्टेटस देख लें. हीथ्रो ने यात्रियों से यह भी कहा कि वे एयरपोर्ट तभी जाएं जब उनकी फ्लाइट  कन्फर्म हो.

ये भी पढ़ें: Cyber Attack: यूरोप के एयरपोर्ट सिस्टम पर साइबर हमला, कई देशों में उड़ानें रद्द, हजारों यात्री फंसे

Continue reading on the app

  Sports

Opinion: महिला क्रिकेट को भी चाहिए अब दो कप्तान, स्मृति की लीडरशिप टेस्ट करने का वक्त, ओलंपिक से पहले बदलाव जरूरी?

smriti mandhana as captain: ओलंपिक में अब सिर्फ दो साल का समय बचा है. सवाल यह है कि क्या हरमनप्रीत टी20 फॉर्मेट में कप्तान के तौर पर भारत को ओलंपिक पदक तक पहुंचाने का भरोसा पैदा करती हैं? यही वह सवाल है जिसे पूछा जाना चाहिए. जवाब नहीं है तो स्मृति मंधाना की तरफ बतर कप्तान देखा जाने का समय आ चुका है. Wed, 9 Sep 2026 13:56:10 +0530

  Videos
See all

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने बगल वाली इमारत पर चलाया छेनी हथौड़ा | New Delhi | MCD | Action | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-09T08:45:37+00:00

जजिया नहीं तो हिंदू का कत्ल, लूट लिया माल-ए-गनीमत | Bangladesh Hindu Killing | Muslim #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-09T08:45:41+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers