Viral Video: माधुरी और करिश्मा ने रीक्रिएट किया 'ले गई ले गई' पर डांस, वीडियो देख फैंस बोले- 'आइकॉनिक!'
Madhuri-Karisma Dance Video: बॉलीवुड की दो सदाबहार एक्ट्रेसेस माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर एक बार फिर अपने फैंस के दिलों पर छा गईं। हाल ही में दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी सुपरहिट फिल्म 'दिल तो पागल है' के फेमस गाने 'ले गई' के मशहूर हुक स्टेप को रीक्रिएट करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो ने दर्शकों को सीधे 90 के दशक की यादों में पहुंचा दिया है।
स्टेज पर दिखी शानदार केमिस्ट्री
हाल ही में दोनों अभिनेत्रियां सोनी टीवी के डांस शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5' में शामिल हुईं। इस दौरान दोनों ने खूब मस्ती और फन किया। सोनी टीवी ने इंस्टाग्राम पर इस शो का बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो शेयर किया जिसमें माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर 'ले गई' के आइकॉनिक हूक स्टेप रीक्रिएट करती दिख रही हैं।
डांस के बाद दोनों अभिनेत्रियों ने एक-दूसरे को गले लगा लेती हैं। इस डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसने पैंस को पयोर नॉस्टैल्जिया दे दिया।
सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार
वीडियो सामने आते ही फैंस ने कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएं व्यक्त करनी शुरू कर दीं। किसी ने दोनों को "आइकॉनिक जोड़ी" बताया, तो किसी ने लिखा कि माधुरी का आकर्षण और करिश्मा की एनर्जी आज भी वैसी ही है। कई फैंस ने तो फिल्म दिल तो पागल है के सीक्वल की मांग तक कर डाली। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "अब 'दिल तो पागल है 2' बन ही जानी चाहिए।"
'ले गई' आज भी है दर्शकों का पसंदीदा गाना
साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म दिल तो पागल है का गीत 'ले गई' आज भी बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय डांस नंबरों में गिना जाता है। इस गाने में करिश्मा कपूर और शाहरुख खान की शानदार परफॉर्मेंस को दर्शकों ने खूब सराहा था। गाने को आशा भोसले और उदित नारायण ने अपनी आवाज दी थी, जबकि संगीत उत्तम सिंह ने तैयार किया था। इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे।
फिल्म में शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई थी और इसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले थे।
घर में टूटा शीशा रखना शुभ है या अशुभ? जानें धार्मिक मान्यता और वास्तु से जुड़ी बातें
Ghar mein sheesha rakhne ke niyam: भारतीय घरों में शीशे का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में होता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों में इसे केवल उपयोग की वस्तु नहीं माना गया है। कई परंपराओं में शीशे को ऊर्जा और प्रतिबिंब से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि घर में टूटे हुए शीशे को रखने को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं।
टूटा हुआ शीशा रखना क्यों माना जाता है अशुभ?
लोकमान्यताओं और कुछ वास्तु परंपराओं के अनुसार, टूटे या चटके हुए शीशे को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी मान्यता है कि इससे घर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये बातें धार्मिक विश्वासों और पारंपरिक धारणाओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं में शीशे का महत्व
कई धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शीशे को सुंदरता, आत्मचिंतन और प्रतिबिंब का प्रतीक माना जाता है। कुछ पूजा और पारंपरिक अनुष्ठानों में भी शीशे का उपयोग देखने को मिलता है।
इसी वजह से टूटे हुए शीशे को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग मान्यताएं विकसित हुईं। कई परिवार इसे घर में रखने से बचते हैं और शीशा टूटने पर उसे जल्द बदल देते हैं।
वास्तु मान्यताओं में टूटे शीशे को लेकर क्या कहा जाता है?
कुछ वास्तु मान्यताओं में टूटे हुए शीशे को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर में साफ और सही स्थिति में मौजूद वस्तुएं व्यवस्था और सकारात्मकता का प्रतीक होती हैं।
हालांकि, वास्तु से जुड़े नियम अलग-अलग परंपराओं और विशेषज्ञों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। इसलिए इन्हें व्यक्तिगत आस्था और विश्वास के आधार पर देखा जा सकता है।
टूटा हुआ शीशा घर में हो तो क्या करना चाहिए?
व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो टूटा हुआ शीशा चोट लगने का कारण बन सकता है। इसलिए इसे सुरक्षित तरीके से हटाना और उसकी जगह नया शीशा लगाना बेहतर होता है।
धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग टूटे शीशे को लंबे समय तक घर में न रखने की परंपरा का पालन करते हैं।
शीशे की दिशा को लेकर भी हैं मान्यताएं
वास्तु परंपराओं में घर में शीशा लगाने की दिशा को लेकर भी अलग-अलग धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे उत्तर या पूर्व दिशा से जोड़ते हैं, जबकि घर की बनावट और उपयोग के अनुसार इसकी स्थिति तय की जाती है।
हालांकि, शीशा कहां और किस दिशा में लगाया जाए, इसे लेकर अलग-अलग वास्तु विशेषज्ञों और परंपराओं की राय अलग हो सकती है।
आज भी लोग मानते हैं ये परंपराएं
भले ही आधुनिक जीवनशैली में कई बदलाव आ गए हों, लेकिन टूटे शीशे को घर में रखने से जुड़ी मान्यताएं आज भी कई परिवारों में प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक विश्वास के रूप में देखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे केवल सुरक्षा और घर की साफ-सफाई से जुड़ी अच्छी आदत मानते हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, लोकविश्वासों और वास्तु संबंधी परंपराओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण होने का दावा नहीं किया गया है। इसे केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
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