NCERT LDC Result 2026 रिजल्ट जारी, 19-20 सितंबर को टाइपिंग टेस्ट और DV; ऐसे करें चेक
NCERT LDC परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए इंतजार खत्म हो गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने Non-Teaching LDC Result 2026 जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।
रिजल्ट ऑनलाइन PDF के रूप में उपलब्ध कराया गया है। उम्मीदवार इसमें अपना रोल नंबर चेक करके यह पता कर सकते हैं कि वे अगले चरण के लिए चयनित हुए हैं या नहीं।
ऐसे चेक करें NCERT LDC Result 2026
- सबसे पहले NCERT की आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in पर जाएं।
- होम पेज पर दिए गए Result सेक्शन पर क्लिक करें।
- अब NCERT LDC Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
- रिजल्ट PDF स्क्रीन पर खुल जाएगा।
- PDF में अपना Roll Number सर्च करके चयन की स्थिति जांचें।
- भविष्य के लिए रिजल्ट डाउनलोड कर इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
19 और 20 सितंबर को होगा टाइपिंग टेस्ट और DV
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा। NCERT की ओर से जारी जानकारी के अनुसार Computer Typing Test और Document Verification 19 और 20 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
टाइपिंग टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उम्मीदवारों को अलग से जरूरी निर्देशों का पालन करना होगा। परिषद की ओर से टाइपिंग टेस्ट का शेड्यूल, परीक्षा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
रिजल्ट में अपना रोल नंबर जरूर चेक करें
रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार PDF को ध्यान से देखें और उसमें अपना रोल नंबर खोजें। चयनित उम्मीदवारों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
अभ्यर्थी आगे के अपडेट के लिए NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। खासकर टाइपिंग टेस्ट के सेंटर, रिपोर्टिंग टाइम और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित निर्देश जारी होने के बाद उन्हें ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा।
ITR Deadline: आईटीआर की 31 अगस्त की डेडलाइन निकल गई? अब भी हैं 3 रास्ते, जानें पूरा नियम
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की 31 अगस्त की डेडलाइन निकल चुकी। अगर आपने अभी तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा। टैक्सपेयर्स अभी बेलटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
वहीं, जिन लोगों ने पहले ही इनकम टैक्स रिटर्न भर दिया, लेकिन उसमें कोई गलती या जानकारी छूट गई है, वे रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते। कुछ खास परिस्थितियों में देरी से रिटर्न की समयसीमा निकलने के बाद कंडोनेशन ऑफ डिले का विकल्प भी उपलब्ध है।
31 दिसंबर तक भर सकते हैं बीलेटेड ITR
मूल समयसीमा तक आईटीआर दाखिल नहीं करने वाले टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(4) के तहत बेलटेड रिटर्न भर सकते हैं। एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए यह रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, दाखिल किया जा सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बेलटेड रिटर्न पर धारा 234A के तहत टैक्स पर ब्याज और धारा 234F के तहत लेट फीस लग सकती है। लेट फीस अधिकतम 5,000 रुपए हो सकती है। अगर कुल आय 5 लाख रुपए तक है तो यह फीस 1,000 रुपए तक हो सकती है। इसके अलावा बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज लग सकता है।
बीलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर बिजनेस और कैपिटल लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी खो सकता है। साथ ही टैक्स व्यवस्था और उपलब्ध डिडक्शन पर भी असर पड़ सकता है। रिफंड का दावा किया जा सकता है, लेकिन उसकी प्रोसेसिंग में सामान्य रिटर्न की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है।
रिवाइज्ड रिटर्न किसके लिए?
रिवाइज्ड रिटर्न उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले ही ओरिजिनल या बेलटेड ITR दाखिल कर दिया है और बाद में उसमें कोई गलती या जानकारी छूटने का पता चलता है। यानी जिसने अब तक कोई ITR ही दाखिल नहीं किया, वह सीधे रिवाइज्ड रिटर्न नहीं भर सकता।
AY 2026-27 और उसके बाद के वर्षों के लिए रिवाइज्ड रिटर्न की विंडो 31 मार्च 2027 तक है। हालांकि 31 दिसंबर 2026 के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर अतिरिक्त फीस लागू हो सकती है।
31 दिसंबर के बाद क्या विकल्प?
अगर बीलेटेड रिटर्न की समयसीमा भी निकल गई है तो कुछ मामलों में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 119(2)(b) के तहत कंडोनेशन ऑफ डिले के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह सामान्य रूप से समयसीमा बढ़ाने का विकल्प नहीं है, बल्कि असाधारण परिस्थितियों में राहत देने की व्यवस्था है। खासकर वास्तविक परेशानी के कारण देरी होने और रिफंड या लॉस कैरी फॉरवर्ड जैसे वैध दावे होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे मामलों में टैक्सपेयर्स को वास्तविक परेशानी का स्पष्ट कारण और उसके समर्थन में जरूरी दस्तावेज देने चाहिए। जानबूझकर की गई देरी, लगातार नियमों का पालन नहीं करने का रिकॉर्ड या पर्याप्त सबूत नहीं होने पर आवेदन खारिज भी हो सकता है।
इसलिए जिन टैक्सपेयर्स ने 31 अगस्त तक ITR दाखिल नहीं किया है, उनके लिए सबसे अहम तारीख अब 31 दिसंबर 2026 है। समयसीमा का इंतजार करने के बजाय जल्द रिटर्न दाखिल करना अतिरिक्त ब्याज और लेट फीस के बोझ को नियंत्रित करने का बेहतर तरीका है।
(प्रियंका कुमारी)
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