लिवर की बीमारी में खुजली क्यों होती है? ILBS से जानें कारण और कब दिखाना चाहिए डॉक्टर को
Itching in Liver Problem: क्या आप को भी दोनों हथेलियों में हर वक्त बहुत ज्यादा खुजली होती रहती है, जिस कारण आपकी नींद सब कुछ प्रभावित हो गई है? आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन लिवर की समस्या के कारण भी इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है.
The post लिवर की बीमारी में खुजली क्यों होती है? ILBS से जानें कारण और कब दिखाना चाहिए डॉक्टर को appeared first on News24 Hindi.
Explainer: 3 साल में बना वो 'अमर' रिकॉर्ड जिसने टेस्ट क्रिकेट में लिखा 'ब्लैक चैप्टर', जानें क्यों अब कोई टीम नहीं कर पाएगी ऐसा?
Test Records: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे बेहतरीन रिकॉर्ड्स हैं, जिन पर खिलाड़ियों और टीमों को गर्व होता है, वहीं कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स भी बने हैं, जिन्हें टेस्ट क्रिकेट जगत का एक काला अध्याय माना जाता है. बांग्लादेश का लगातार 21 टेस्ट मैच हारने का वो शर्मनाक रिकॉर्ड्स जिसे कोई भी टीम कभी अपने नाम नहीं करना चाहेगी. बांग्लादेश ने यह अनचाहा रिकॉर्ड साल 2001 से 2004 के बीच बनाया था और आज के आधुनिक क्रिकेट के दौर में इस रिकॉर्ड का टूटना एक पहेली जैसा लगता है, लेकिन फिर भी यह सवाल उठता है कि क्या बांग्लादेश का बनाया हुआ लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट हार का यह रिकॉर्ड उतना ही सुरक्षित है जितना दिखता है? क्या भविष्य में कोई भी टीम इस रिकॉर्ड की बराबरी कर पाएगी या इसे तोड़ पाएगी? आज का टेस्ट क्रिकेट पूरी तरह से बदल गया है जहां आज टीमें एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती हैं और T20 और वनडे के आने से बल्लेबाज और गेंदबाज अब आक्रामक खेल खेलते हैं, तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि यह रिकॉर्ड कभी भी क्यों नहीं टूट पाएगा.
टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे काला दौर
बांग्लादेश क्रिकेट टीम को साल 2000 में टेस्ट दर्जा तो मिल गया था, लेकिन इसके बाद से बांग्लादेशी टीम को इंटरनेशनल क्रिकेट में काफी संघर्ष करना पड़ा था. नवंबर 2001 में बांग्लादेश का जिम्बाब्वे के खिलाफ हार से शुरू हुआ यह सिलसिला फरवरी 2004 में जाकर रुका, और इस दौरान बांग्लादेश ने लगातार 21 टेस्ट मैच गंवाए. इनमें से ज्यादातर मैचों में टीम को एक पारी या भारी अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. इस सिलसिले का तकनीकी विश्लेषण करने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह समझना है कि उस समय बांग्लादेश एक नई-नवेली टीम थी, जिसके पास न तो लंबा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट का अनुभव था और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा था. लेकिन आज का क्रिकेट खेलने का तरीका, उसकी परिस्थितियां और पूरा माहौल पूरी तरह बदल चुका है.
टॉप टीमों की मजबूत संरचना और जवाबदेही
आज के समय में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के पास वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, बेहतरीन कोच, डेटा एनालिटिक्स और बैकअप खिलाड़ियों की एक बड़ी फौज है. अगर कोई मजबूत टीम लगातार 3 या 4 टेस्ट मैच भी हार जाती है, तो क्रिकेट बोर्ड, मीडिया और फैंस का दबाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि टीम में तुरंत बड़े बदलाव कर दिए जाते हैं. कप्तान बदल दिए जाते हैं, कोचों की छुट्टी हो जाती है और घरेलू क्रिकेट से नए प्रतिभावान खिलाड़ियों को टीम में मौका दिया जाता है. इतने मजबूत और प्रोफेशनल सिस्टम के कारण किसी भी बड़ी या मीडियम स्तर की टीम के लिए लगातार 21-22 टेस्ट हारना नामुमकिन जैसा है. कोई भी टीम इतनी लंबी हार का सिलसिला बर्दाश्त ही नहीं कर सकती.
यह भी पढ़ें: कौन है दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज, लिस्ट में आकाश चोपड़ा का नाम है शामिल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
news24
News Nation





