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Bihar CM की चेतावनी: जन-शिकायतें 30 दिन में निपटारा न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 सितंबर को कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए 'सहयोग कार्यक्रम' को एक अहम ज़रिया बताया। पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य-स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' आयोजित किया गया, जिसमें 137 आवेदकों ने अपनी शिकायतें रखीं। संबंधित विभागों और ज़िला प्रशासन को समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
 

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चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 'सहयोग कार्यक्रम' में जनता का भरोसा बनाए रखने पर ज़ोर देते हुए, तय समय-सीमा के भीतर लोगों की शिकायतों को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निपटाएं। आवेदकों ने राजस्व और भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने ज़िलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर मामलों का समाधान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि ज़रूरी कदम तुरंत उठाए जाएंगे।

उन्होंने सलाह दी कि जिन आवेदकों की शिकायतों का समाधान पहले ही हो चुका है, उन्हें पटना में राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में आने की ज़रूरत नहीं है। हालाँकि, जिनके मामले जटिल हैं और ज़िला स्तर पर हल नहीं हो पाए हैं, वे 'सहयोग कार्यक्रम' के ज़रिए समाधान पा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य-स्तरीय कार्यक्रम जटिल मामलों की समीक्षा करने और उचित व त्वरित निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करता है।
 

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इसके अलावा, चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड मिलें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी कल्याणकारी लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। सरकार का लक्ष्य 'सहयोग' शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का 30 दिनों के भीतर समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे मामलों का संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित करने के लिए पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करें।
 
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सत्य निकेतन इमारत हादसे पर Supreme Court 10 सितंबर को करेगा सुनवाई

नयी दिल्ली, आठ सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे से जुड़े मुद्दों पर 10 सितंबर को विचार करेगा और जरूरत पड़ने पर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पहले से ही देखे जा रहे मामले को अपने पास स्थानांतरित कर सकता है। पूरे देश में रिहायशी इलाकों में बिना मंज़ूरी के निर्माण, अग्नि सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन कर आवासीय जगहों को वाणिज्यिक स्थानों में बदलने जैसे मामलों पर पहले से ही सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत से रविवार की घटना पर तुरंत सुनवाई करने की अपील की गई, जिसमें सात छात्रों की मौत हो गई। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय जिन मुद्दों पर विचार कर रहा है, वे ‘‘गंभीर’’ हैं और पूरे देश के स्तर पर शीर्ष अदालत द्वारा पहले ही देखे जा रहे मामलों से मिलते-जुलते हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारे मन में एक बात है। हम इस मामले पर परसों (10 सितंबर को) विचार करेंगे। यह एक गंभीर मामला है।

उच्च न्यायालय जिन मुद्दों पर विचार कर रहा है, वे उस मुद्दे से मेल खाते हैं, जिस पर यह न्यायालय पूरे देश के स्तर पर विचार कर रहा है।’’ दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस घटना को ‘‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कहा, ‘‘हमारी संवेदनाएं बच्चों तथा उनके माता-पिता के साथ हैं।’’ उन्होंने शीर्ष अदालत का ध्यान इस बात की ओर दिलाया कि दिल्ली उच्च न्यायालय पहले से ही इस मामले पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उन्होंने इस संबंध में सोमवार को पारित आदेश को रिकॉर्ड पर रखा। उच्चतम न्यायालय द्वारा इस मामले में नियुक्त अदालत मित्र एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा ने शुरू में कहा कि हाल की दुखद घटना को देखते हुए, उन्होंने आईआईटी के एक प्रोफेसर और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

उन्होंने इस संबंध में वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल की। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया कि वह इस मामले पर तत्काल सुनवाई करे, ताकि ज़रूरी निर्देश जारी किए जा सकें। उच्चतम न्यायालय पहले ही अधिकारियों को कई निर्देश जारी कर चुका है।

ये निर्देश रिहायशी इलाकों में बिना मंज़ूरी के निर्माण, आग से सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन कर रिहायशी जगहों को वाणिज्यिक स्थानों में बदलने जैसे मुद्दों से जुड़े हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को इस घटना की उच्चस्तरीय एमसीडी जांच का आदेश दिया और स्पष्ट किया कि सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती। रविवार को अपराह्न करीब 1.30 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘साउथ कैंपस’ के पास सत्य निकेतन स्थित पांच मंजिला एक इमारत के गिर जाने से सात छात्रों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

घटनास्थल पर 27 घंटे से अधिक समय तक चला राहत एवं बचाव अभियान सोमवार को समाप्त हुआ। संबंधित इमारत का इस्तेमाल लड़कों के ‘पेइंग गेस्ट’ आवास के रूप में किया जा रहा था। हादसे के संबंध में इमारत के मालिक, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा पांच एमसीडी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

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  Sports

Sachin Tendulkar: जब सचिन की आंखों से छलके थे आंसू, इस खास पल के लिए करना पड़ा था 78 पारियों का इंतजार

9 सितंबर 1994 को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पहली वनडे सेंचुरी जड़ी. 78 मैच के इंतज़ार के बाद आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेली 110 रन की यादगार पारी.

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Wed, 09 Sep 2026 01:00:00

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