दाल-सब्जी की नहीं पड़ेगी जरूरत, अगर ऐसे बना ली टमाटर-धनिया की स्मोकी चटनी, देसी फ्लेवर के फैन हो जाएंगे सब
Smoky Chutney Recipe: आपने आज तक कई तरह की चटनियां खायी होंगी पर स्मोकी चटनी शायद ही ट्राई की हो. एक बार टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक को आग में भूनकर फिर चटनी बनाएं और ऊपर से सरसों का तेल जरूर डालें. ऐसा स्वाद आएगा कि खाने वाला बार-बार डिमांड करेगा.
UP Election 2027: राजधानी लखनऊ से 300 KM दूर 'रामपुर' कैसे तय करेगा यूपी की सियासत?
Kursi Ka Countdown: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. यूपी के प्रमुख जिलों में रामपुर भी शामिल हैं. यहां पांच विधानसभा सीटें हैं. जिले के महत्व की बात करें तो रामपुर अपने चाकू उद्योग के लिए काफी प्रसिद्ध है. इसके अलावा यहां चीनी, कपड़ा और चीनी मिट्टी के बर्तनों से जुड़े उद्योग भी हैं. शहर में अरबी भाषा का एक विद्यालय भी है.
उत्तर प्रदेश का रामपुर लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां का राजनीतिक समीकरण बदला है और भाजपा ने भी अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. रामपुर की राजनीति में आजम खान और समाजवादी पार्टी का लंबे समय तक प्रभाव रहा है. यहां मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं की बड़ी भूमिका मानी जाती है, जिसका असर चुनावी नतीजों पर भी देखने को मिलता रहा है.
नवाब परिवार का भी रहा असर
रामपुर की राजनीति में नवाब परिवार की भी पुरानी भूमिका रही है. नवाब परिवार से जुड़े लोग अलग-अलग चुनावों में कांग्रेस और दूसरे दलों के टिकट पर मैदान में उतरते रहे हैं. इस वजह से रामपुर की राजनीति में नवाब परिवार को भी महत्वपूर्ण माना जाता है.
उपचुनाव में भाजपा ने बदला समीकरण
2022 के विधानसभा चुनाव में आजम खान ने रामपुर सीट से जीत दर्ज की थी. हालांकि, सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई. इसके बाद दिसंबर 2022 में रामपुर सीट पर उपचुनाव हुआ. इस उपचुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना ने जीत दर्ज की। यह भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जीत थी, क्योंकि लंबे समय तक इस सीट पर सपा का प्रभाव रहा था. आकाश सक्सेना वर्तमान में रामपुर से विधायक हैं.
आगे भी सपा-भाजपा में मुकाबला
रामपुर में अब सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक मुकाबला अहम माना जा रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी दोनों दलों की सक्रियता बढ़ी है. ऐसे में रामपुर की राजनीति अब पुराने समीकरणों के साथ-साथ बदलते राजनीतिक माहौल के लिए भी चर्चा में है. आजम खान के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में भाजपा की जीत ने यहां के राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव किया है.
यह भी पढ़ें: UP Election 2027: आगरा की 9 सीटों पर बिछी चुनावी बिसात...
आइये सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं, एक-एक सीट के बारे में...
सीट 1. स्वार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान ने 1,26,162 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं, अपना दल (सोनेलाल) के हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां 65,059 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) के अध्यापक शंकर लाल को 15,035 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे.
सीट 2. चमरौआ (चमरव्वा)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट (35) से समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान ने 1,00,976 वोट (50.34%) हासिल कर जीत दर्ज की. भाजपा के मोहन कुमार लोधी को 66,686 वोट (33.24%) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के अली यूसुफ अली 18,213 वोट (9.08%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे. नसीर अहमद खान ने भाजपा के मोहन कुमार लोधी को 34,290 वोटों के अंतर से हराया था.
सीट 3. बिलासपुर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में रामपुर जिले की बिलासपुर विधानसभा सीट (सीट संख्या-36) पर बेहद करीबी मुकाबला हुआ. भाजपा के बलदेव सिंह औलख ने 1,01,998 वोट (43.39%) हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि सपा के अमरजीत सिंह को 1,01,691 वोट (43.26%) मिले और वे सिर्फ 307 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे. वहीं बसपा के रामअवतार कश्यप को 18,870 वोट (8.03%) मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस के संजय कपूर 9,814 वोट (4.18%) के साथ चौथे स्थान पर रहे.
यह भी पढ़ें: UP Election 2027: सहारनपुर की 7 सीटों पर बिछी चुनावी बिसात...
सीट 4. रामपुर (सदर)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में रामपुर (सदर) विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद आजम खान ने 1,31,225 वोट (59.72%) हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं भाजपा के आकाश सक्सेना (हनी) को 76,084 वोट (34.63%) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बसपा के सदाकत हुसैन 4,940 वोट (2.25%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
सीट 5. मिलक (SC)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में रामपुर जिले की मिलक (SC) विधानसभा सीट पर भाजपा की राजबाला सिंह ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 97,948 वोट मिले, जो कुल वोटों का 43.11 प्रतिशत था. वहीं समाजवादी पार्टी के विजय सिंह 92,036 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 40.50 प्रतिशत वोट मिले। बहुजन समाज पार्टी के सुरेंद्र सिंह सागर 31,492 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे. राजबाला सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी विजय सिंह को 5,912 वोटों के अंतर से हराया था.
अब आगे क्या होगा...
आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रामपुर में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. इस चुनाव में कई मुद्दे अहम रहेंगे. आजम खान की गैरमौजूदगी सपा के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है, क्योंकि वह रामपुर में पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में रहे हैं। वहीं, भाजपा 2022 के उपचुनाव में मिली जीत के बाद रामपुर में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी. दूसरी ओर, सपा का पुराना जनाधार अब भी मजबूत माना जाता है और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने इसे फिर से मजबूत किया. रामपुर में मुस्लिम वोटरों की बड़ी संख्या है, लेकिन ओबीसी, दलित और दूसरी जातियों के वोट भी चुनाव का नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. कुल मिलाकर, 2027 में रामपुर का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा रहने की संभावना है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
News Nation





