वैभव सूर्यवंशी की टीम का दलीप ट्रॉफी जीतना तय! BCCI का ये नियम बनेगा वजह, यहां समझिए समीकरण
Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है. चेन्नई में खेले जा रहे इस महामुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन की टीम ने कमाल की बल्लेबाजी की. ईशान किशन के 270 रनों की मैराथन पारी की बदौलत उनकी टीम ने स्कोरबोर्ड पर 708 रन लगा दिए है. वहीं, तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते हुए आगे बढ़ रही है. ऐसे में अब कहीं न कहीं ईस्ट जोन का पलड़ा भारी हो गया है और अब अगर यहां से मैच ड्रॉ भी होता है, तो ईशान किशन एंड कंपनी ही ट्रॉफी उठाएगी.
ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन
Shami-Mukesh combo strikes ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
The pace bowling duo dismiss set batters Shaik Rasheed and Devdutt Padikkal and breaks 56-run stand ????
South Zone are 134/4, trail by 574 runs.
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टॉस जीतकर ईशान किशन ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. जहां, पहले बैटिंग करने आई ईस्ट जोन की टीम ने 708 रन बोर्ड पर लगाए. ईस्ट जोन को अभिमन्यू ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने शतकीय साझेदारी करके मजबूत शुरुआत दिलाई थी. तो वहीं, ईशान किशन ने 270 रनों की मैराथन पारी खेली. उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 रनों की शतकीय पारी खेली. ईश्वरन ने 72, वैभव सूर्यवंशी ने 44, शिखर मोहन ने 85 रन बनाए. मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने 40 और फिर आखिर में मोहम्मद शमी ने 28 रन बनाए. इस तरह पूरी टीम ने मिलकर बोर्ड पर 708 रन लगा दिए.
I.C.Y.M.I
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
2️⃣7️⃣0️⃣ runs
3️⃣3️⃣4️⃣ balls
3️⃣0️⃣ fours
7️⃣ sixes
8️⃣0️⃣.8️⃣3️⃣ SR
Watch ???? highlights of Ishan Kishan's marathon knock ????????
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तिलक वर्मा की टीम की हालत खस्ता
तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन की टीम की हालत कुछ खास अच्छी नजर नहीं आ रही है. टीम को पहला झटका रिकी भुई के रूप में लगा, जो सिर्प 1 रन बनाकर ही आउट हो गए. वहीं, नारायन जगदीशन 32 रन बनाकर आउट हुए. शेख रशीद 27 रन बनाकर चलते बने. इस बीच देवदत्त पडिक्कल ने 62 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. इस तरह 129 के स्कोर पर ही साउथ जोन की टीम ने 4 विकेट गंवा दिए हैं.
क्यों ईस्ट जोन का जीतना लग रहा है तय?
Watch ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
Kumar Kushagra lights up Chennai with a brilliant 101(132) ????
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ईस्ट जोन की टीम ने लगभग पूरे 2 दिन बल्लेबाजी की और बोर्ड पर पहली ही पारी में 708 रन बना दिए, जो वाकई एक फाइनल मुकाबले के हिसाब से काफी बड़ा स्कोर है. ऐसे में अब साउथ जोन की टीम के सामने बड़ा चैलेंज है. अब यदि ये मुकाबला ड्रॉ पर खत्म होता है, तो उस सूरत में ईशान किशन की टीम का ट्रॉफी उठाना तय ही लग रहा है.
दरअसल, बीसीसीआई नियमों के मुताबिक यदि दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मैच ड्रॉ होता है, तो पहली पारी में बढ़त बनाने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है. यानी फाइनल में दोनों टीमों की पहली पारियां पूरी होने के बाद जिस टीम के रन ज्यादा होंगे, उसे मैच में बढ़त हासिल मानी जाएगी और वही ट्रॉफी अपने नाम करेगी. ऐसे में अब ईस्ट जोन की टीम का 708 रन पहली पारी में बनाना इस ओर इशारा करता है कि ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की ये टीम ट्रॉफी अपने नाम कर सकती है.
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कोयला गैसीकरण योजना को मिला उद्योग जगत का मजबूत समर्थन, 37,500 करोड़ रुपए की योजना के पहले चरण में आए 7 आवेदन
नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि योजना के पहले चरण में बड़े कॉर्पोरेट समूहों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से कुल सात आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस क्षेत्र में बढ़ते निवेश विश्वास को दर्शाते हैं।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने यूरिया उत्पादन से जुड़ी तीन परियोजनाओं के लिए आवेदन किया है। वहीं गैलेंट इस्पात लिमिटेड ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआई) और सिंथेसिस गैस (सिंगैस) उत्पादन परियोजना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
इसके अलावा, एनटीपीसी लिमिटेड ने सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (एसएनजी) परियोजना के लिए आवेदन दिया है, जबकि श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड ने सिंगैस उत्पादन तथा तालचेर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (टीएफएल) ने यूरिया उत्पादन परियोजना के लिए प्रस्ताव जमा किया है।
कोयला मंत्रालय का कहना है कि यह प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि उद्योग जगत कोयला गैसीकरण को ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, आयात निर्भरता कम करने और औद्योगिक विकास को गति देने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देख रहा है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जब हमने कहा था कि योजना में किसी की रुचि नहीं होने की खबरें समय से पहले थीं, तब हमें विश्वास था कि उद्योग जगत सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा। पहले ही चरण में सात आवेदन प्राप्त होना, जिनमें देश के कुछ सबसे बड़े औद्योगिक समूह और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं, इस योजना और भारत के कोयला गैसीकरण मिशन में विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई 2026 में इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य घरेलू कोयला और लिग्नाइट को उच्च मूल्य वाले उत्पादों जैसे सिंगैस, मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया और हाइड्रोजन में परिवर्तित करने को बढ़ावा देना है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से देश की एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम होगी। वित्त वर्ष 2024-25 में इन उत्पादों का कुल आयात मूल्य लगभग 2.77 लाख करोड़ रुपए रहा था।
यह योजना भारत के 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करने के लक्ष्य का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें से 75 मिलियन टन क्षमता इसी योजना के माध्यम से विकसित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार के अनुसार, इससे देश में 3 लाख करोड़ रुपए तक के निवेश को आकर्षित करने और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
वर्तमान योजना जनवरी 2024 में मंजूर की गई 8,500 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन योजना का विस्तार है। उस योजना के तहत फिलहाल 8 कोयला गैसीकरण परियोजनाएं विभिन्न चरणों में लागू की जा रही हैं।
कोयला मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि योजना का दूसरा चरण मंगलवार से खोल दिया गया है। प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) के अनुसार, आवेदन जमा करने की नई अवधि हर दो महीने के अंतराल पर खोली जाएगी, जिससे पात्र कंपनियों को परियोजनाओं के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
सरकार के अनुसार, निविदा जारी होने के बाद 7 जुलाई को पहले दौर के आवेदन जमा किए गए थे।
--आईएएनएस
डीबीपी
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