PM Modi In Vadodara: वडोदरा में पीएम मोदी ने देश को सौंपी 20,700 करोड़ की फ्रेट कॉरिडोर परियोजना, पिछली सरकारों पर कसा तंज
PM Narendra Modi In Vadodara: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान देश को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। यहाँ भारी जनसमूह द्वारा प्रधानमंत्री का गर्मजोशी और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक खंडों को राष्ट्र को समर्पित किया। कुल 326 रूट किलोमीटर में फैले इन तीनों खंडों- साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमरगाँव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) को 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है।
'विकसित भारत' के संकल्प और विकास का उत्सव
इस अवसर पर युवाओं और जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन देश की प्रगति और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों की साझेदारी का एक उत्सव है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण की इस यात्रा को और अधिक गति प्रदान करने के लिए ही वे आज जनता के बीच आए हैं। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश के व्यापार और वाणिज्य रीढ़ कहे जाने वाले इस फ्रेट कॉरिडोर की अहमियत पर भी विस्तार से चर्चा की।
We are strengthening India's infrastructure to move people and goods faster, create new opportunities and power economic growth. Addressing a programme in Vadodara during the launch of key projects. https://t.co/JfapjA64fm
— Narendra Modi (@narendramodi) September 8, 2026
पुरानी सरकारों पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लागू करने में हुई लंबी देरी को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना की कल्पना साल 2004 में की गई थी और 2006 में इसके लिए एक विशेष कंपनी का गठन भी कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद यह प्रोजेक्ट वर्षों तक केवल सरकारी फाइलों में ही उलझ कर रह गया था।
पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा, "जो युवा आज यहाँ मौजूद हैं, जब यह विचार पहली बार आया था, तब शायद आप में से कई लोग पैदा भी नहीं हुए थे।"
उन्होंने नौकरशाही की लेटलतीफी की आलोचना करते हुए कहा कि 2014 तक फाइलें सिर्फ एक मेज से दूसरी मेज पर ही घूमती रहीं।
7-8 वर्षों में एक किलोमीटर भी नहीं हुआ था काम
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस देरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि योजना बनने के शुरुआती सात-आठ वर्षों के दौरान इस फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर हिस्सा भी पूरा नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि देश उसी रफ्तार से चलता रहता, तो न जाने कितनी पीढ़ियां बीत जातीं और यह प्रोजेक्ट फिर भी पूरा नहीं हो पाता।
2014 के बाद परियोजना को मिली असली रफ्तार
गुजरात से दिल्ली तक के अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य की जनता से उन्हें जो सीख और अनुभव मिला, उसी के दम पर उन्होंने केंद्र में कार्यभार संभालते ही इस अटके हुए प्रोजेक्ट को नए सिरे से गति दी। उन्होंने कहा, "वर्ष 2014 में आपने मुझे दिल्ली भेजा। इस मिट्टी ने मुझे जो सिखाया, उसे लेकर मैं दिल्ली गया और वहाँ पहुँचते ही हमने इस काम को तीव्र गति प्रदान की।"
Delhi Building Collapsed: मुनिरका में PG, होस्टल और कोचिंग सेंटर का हाल देखकर उड़ जाएंगे होश
Delhi Building Collapsed: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को एक इमारत गिर गई. इस इमारत में पीजी चलता था, जिसमें कई छात्र रहते थे. हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई. ऐसे में दिल्ली के दूसरे इलाकों में चल रहे पीजी, होस्टर और कोचिंग सेंटर्स की न्यूज नेशन ने पड़ताल की. दिल्ली का मुनिरका इलाका भी सैकड़ों पीजी और होस्टल से भरा हुआ है.
मुनिरका की गलियां संकरी और पतली हैं. इन्हीं गलियों में एक बड़ी आबादी रहती है. इनमें खासतौर पर बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं. जो यहां कोचिंग लेने या पढ़ाई करने कि लिए आते हैं. क्योंकि साउथ कैंपस से लेके जेएनयू तक के तमाम ऐसे छात्र हैं जिनको अपने कैंपस में होस्टल नहीं मिल पाता. ऐसे में वे मुनिरका के इन्ही पीजी और होस्टल में रहने को मजबूर हैं. देखें न्यूज नेशन की ये खास रिपोर्ट...
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