दलीप ट्रॉफी फाइनल- लंच तक साउथ जोन का स्कोर 115/2:पडिक्कल अर्धशतक लगाकर नाबाद; ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए
चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर बनाया। इसके जवाब में साउथ जोन ने तीसरे दिन लंच तक 30 ओवर में 2 विकेट पर 115 रन बना लिए हैं। टीम अभी ईस्ट जोन से 593 रन पीछे है। ईस्ट जोन की ओर से कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 30 चौके और 7 छक्के लगाए। कुमार कुशाग्र ने 101, शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने भी 37 गेंदों पर 44 रन की तेज पारी खेली। ईस्ट जोन की पूरी टीम 163 ओवर में 708 रन पर ऑलआउट हुई। साउथ जोन की ओर से त्रिपुराना विजय ने 4 और श्रेयस गोपाल ने 2 विकेट लिए। साउथ जोन की पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल 58 और शैक रशीद 22 रन बनाकर नाबाद हैं। नारायण जगदीशन ने 32 रन बनाए, जबकि रिकी भुई 1 रन बनाकर आउट हुए। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार और शिखर मोहन को एक-एक विकेट मिला।
स्कूल के छज्जे की साफई करते बच्चे:न सुरक्षा, न कोई सीढ़ी, कोई स्कूल में टॉयलेट साफ कर रहा, कोई रेत उठा रहा वीडियो वायरल
मप्र के शहडोल जिले के गोरतरा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। काम के दौरान स्कूल भवन पर काई जमी हुई थी। साथ ही छत पर चढ़ने-उतरने के लिए कोई सुरक्षित इंतजाम भी नजर नहीं आ रहा है। ऊंचाई पर काई में चढ़ते बच्चे नजर आए ये वीडियो शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। बारिश की वजह से स्कूल बिल्डिंग में काई जमी नजर आ रही है लेकिन बच्चों को को ऊंचाई पर चढ़ाकर सफाई का काम करवाया जा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों के पेरेंट्स और ग्रामीणों ने स्कूल पर नाराजगी जताई है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर आनंद राय ने कहा है कि जांच कराई जाएगी। बिहार में बच्चे कुदाल से सफाई कर रहे थे हाल ही में बिहार के एक स्कूल का भी वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में बिहार के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के समय बच्चों से सफाई करवाई जा रही है। इस वीडियो में बच्चे कुदाल लेकर सफाई कर रहे हैं। जबकि स्कूल में उस समय क्लासेज चल रही है। ये घटना मध्य विद्यालय कोकला की है। वहीं बच्चे ये सफाई हेडमास्टर के कहने पर कर रहे थे। टॉयलेट की सफाई कर रहे हैं बच्चे वहीं 27 अगस्त को मंडला जिले के मवई विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का एक वीडियो सामने आया था। इसमें बच्चे पढ़ाई के बजाय स्कूल परिसर और टॉयलेट की सफाई करते दिख रहे हैं। कुछ क्लासेज में झाड़ू लगाते हुए नजर आ रहे हैं। शिक्षकों को नोटिस जारी किया बच्चों से टॉयलेट और क्लासेस की सफाई कराए जाने पर गंभीर सवाल भी उठे। स्कूलों में साफ-सफाई के लिए पर्याप्त पैसा अलॉट किया जाता है इसके बावजूद भी बच्चों से यह काम कराया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है और चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। ऐसे इसके साथ ही हाल ही में एक ओर वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें सभी बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में हैं और मजदूरों के साथ मिलकर रेत उठा रहे हैं। 6- 14 साल तक के बच्चों को पढ़ने के अधिकार 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक अधिकार है। RTE एक्ट इसी अधिकार को लागू करता है। यदि बच्चों को पढ़ाई के बजाय नियमित किसी काम में लगाया जा रहा है, तो यह उनके शिक्षा के अधिकार के भी विरुद्ध जा सकता है। गलती की सजा के तौर पर भी बच्चों से स्कूल में काम नहीं करवाया जा सकता। ऐसा करने पर RTE Act धारा 17 के तहत केस हो सकता है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें.. कहीं क्लास की छत गिरी, कहीं चलता पंखा:कर्नाटक में छह बच्चे घायल, दिल्ली स्कूल में छात्रा का सिर फटा देश में सरकारी स्कूलों की खस्ताहालत आए दिन सामने आ रही है। बुधवार को कर्नाटक के बागलकोट में एक सरकारी स्कूल की छत का कंक्रीट गिरने से 6 बच्चे घायल हो गए हैं पूरी खबर पढ़ें..
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