BookMyShow: PM मोदी के वडोदरा कार्यक्रम का जबरदस्त क्रेज, एक घंटे में बुक हुईं सभी सीटें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के वडोदरा में होने वाले कार्यक्रम को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। कार्यक्रम के लिए BookMyShow पर फ्री रजिस्ट्रेशन शुरू होने के महज एक घंटे के भीतर सभी उपलब्ध सीटें बुक हो गईं। इसके बाद 42 हजार से ज्यादा लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।
PM Modi के कार्यक्रम की सीटें एक घंटे में फुल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वडोदरा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। उनके कार्यक्रम में आम लोगों की भागीदारी के लिए वडोदरा नगर निगम (VMC) की ओर से BookMyShow के जरिए फ्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की गई थी।
रजिस्ट्रेशन खुलते ही लोगों की बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया देखने को मिली। उपलब्ध सीटें करीब एक घंटे के भीतर ही बुक हो गईं। सीटें भरने के बाद रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया और 42,000 से ज्यादा लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया।
डिजिटल टिकट से होगी कार्यक्रम में एंट्री
इस कार्यक्रम की एक खास बात इसका डिजिटल रजिस्ट्रेशन और एंट्री सिस्टम है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को उनके BookMyShow अकाउंट पर डिजिटल M-Ticket उपलब्ध कराया जाएगा। इस टिकट में सिक्योर लाइव QR कोड होगा। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के समय इसी QR कोड को स्कैन कर टिकट की जांच की जाएगी।
प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन से लेकर पहचान सत्यापन, प्रवेश और सीट मैनेजमेंट तक की प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों के प्रवेश और आवाजाही को व्यवस्थित करना है।
वडोदरा में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी के वडोदरा दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इनमें रेलवे और सड़क से जुड़ी परियोजनाओं के साथ गुजरात सरकार के विकास कार्य भी शामिल हैं।
कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) से जुड़ा है। प्रधानमंत्री इसके तीन सेक्शन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 326 रूट किलोमीटर है और इन पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
इन सेक्शन में सानंद (नॉर्थ)-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-JNPT शामिल हैं। इनके शुरू होने से औद्योगिक क्षेत्रों और बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
चार जगहों से शुरू होगी मालगाड़ी सेवा
प्रधानमंत्री न्यू सानंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव और मुंबई स्थित न्यू JNPT से फ्रेट ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे पश्चिमी समर्पित माल गलियारे पर माल परिवहन को गति देने और औद्योगिक केंद्रों को पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा वडोदरा से टांडा रोड के बीच नई पैसेंजर ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इससे वडोदरा के साथ छोटा उदेपुर और अलीराजपुर क्षेत्र के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
329 किमी की तीन रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास
वडोदरा कार्यक्रम में तीन प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। इनकी संयुक्त लंबाई करीब 329 किलोमीटर और अनुमानित लागत 9,700 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
इन परियोजनाओं में वडोदरा-रतलाम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन, मियागाम करजन-चोरंदा-मालसर गेज कन्वर्जन और विश्वामित्री-डभोई रेलवे लाइन का डबलिंग प्रोजेक्ट शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल क्षमता बढ़ाने और संबंधित क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स भी एजेंडे में
प्रधानमंत्री करीब 1,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले तीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा गुजरात सरकार से जुड़े करीब 2,600 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
इस तरह वडोदरा में होने वाला प्रधानमंत्री का कार्यक्रम केवल जनसभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें रेलवे, माल परिवहन, हाईवे और राज्य सरकार की कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी होगी।
Retail Sugar Rates Relief: मिलों में ₹5,000 क्विंटल से नीचे पहुंचे दाम; अब खुदरा बाजार में ₹5 से ₹8 तक राहत की उम्मीद
हाल के हफ्तों में राखी और आगामी गणेशोत्सव व दीपावली जैसे त्योहारों की मांग को देखते हुए खुदरा बाजार में चीनी के दाम ₹60 से ₹65 प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गए थे। बढ़ती कीमतों और सट्टेबाजी पर नकेल कसने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सख्त कदम उठाए। सरकार की इन कोशिशों के बाद एक्स-मिल रेट जो पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे, वे गिरकर ₹50 से ₹55 प्रति किलो पर आ गए हैं।
जमाखोरी और 'कृत्रिम कमी' पर कसा शिकंजा
खाद्य मंत्रालय की जांच में सामने आया कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद कई मिलें और बड़े व्यापारी मनमाने ढंग से दरें बढ़ा रहे थे। बिक चुकी चीनी को मिलों में रोके रखकर बाजार में कृत्रिम किल्लत दिखाई जा रही थी। इसे रोकने के लिए सरकार ने आदेश दिया है कि बिक्री के सात दिनों के भीतर चीनी का उठान अनिवार्य होगा और मिलों के लिए बिक्री कोटा अब मासिक के बजाय पखवाड़े के आधार पर तय किया जाएगा।
शुल्क-मुक्त आयात और स्टॉक लिमिट से बिगड़े सट्टेबाजों के गणित
कीमतों पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के सीमा शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरी दी। इसके साथ ही महीने में 10 टन से ज्यादा खपत या व्यापार करने वाले डीलरों के लिए 15 दिनों का स्टॉक लिमिट लागू कर दिया गया है। इन दो बड़े फैसलों के चलते बाजार में आपूर्ति बढ़ने का भरोसा जागा है और जमाखोरी कर रहे कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
शहरों में मौजूदा स्थिति और आगे क्या राहत मिलेगी?
वर्तमान में देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में चीनी की खुदरा कीमतें ₹62 से ₹66 प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अनुसार, एक्स-मिल दरों में आई गिरावट का असर अगले 7 से 10 दिनों में खुदरा दुकानों तक पहुंचेगा। इसके बाद खुदरा कीमतों में ₹5 से ₹8 प्रति किलो तक की कमी आने का अनुमान है।
अक्टूबर से शुरू होगा नया सीजन
अक्टूबर 2026 से नया चीनी पेराई सीजन शुरू होने जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि अक्टूबर में 10 लाख टन से अधिक और नवंबर में करीब 45 लाख टन नई चीनी का उत्पादन होगा। ऐसे में नई आवक और आयातित चीनी के बाजार में पहुंचने से पूरे त्योहारी सीजन में मिठास सस्ती बनी रहने की उम्मीद है।
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