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BRICS Economic Partnership Strategy 2030: नई दिल्ली शिखर सम्मेलन से तय होगी भविष्य की ग्लोबल ट्रेड नीति, मजबूती और इनोवेशन' पर टिकी दुनिया की नजर

भारत 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने जा रहा है। यह तेज़ी से आगे बढ़ रहे उस अंतर-सरकारी मंच के लिए एक अहम पल होगा, जिसमें प्रमुख उभरती हुई बाज़ार अर्थव्यवस्थाएँ और विकासशील देश शामिल हैं। शुरुआत में यह ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन का 'ब्रिक' (BRIC) गठबंधन था। इसने 2006 में न्यूयॉर्क में UN महासभा के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की थी और 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में अपना पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया था। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह 'ब्रिक्स' (BRICS) बन गया। तब से इस समूह का काफ़ी विस्तार हुआ है; जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE इसके पूर्ण सदस्य बने और उसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ। आज, 11 पूर्ण सदस्य देशों और कई सहयोगी देशों के साथ, यह गठबंधन वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति में काफ़ी प्रभाव रखता है।

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भारत की 2026 की अध्यक्षता की थीम "मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण" से प्रेरित होकर, नई दिल्ली का विज़न सामान्य राजनीतिक तालमेल से आगे बढ़कर व्यापार, कृषि, हेल्थकेयर, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, शहरी विकास, छोटे उद्यमों को सशक्त बनाने, स्टार्टअप, क्लाइमेट एक्शन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में ठोस और व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत की अध्यक्षता का ढांचा चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है। पहला स्तंभ 'मजबूती' (Resilience) है, जिसका उद्देश्य संस्थानों, समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को सप्लाई-चैन में रुकावटों, स्वास्थ्य संकटों, भू-राजनीतिक झटकों और जलवायु जोखिमों से बचाना है। दूसरा स्तंभ 'इनोवेशन' है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-आधारित सिस्टम के इस्तेमाल पर केंद्रित है। तीसरा स्तंभ 'सहयोग' है, जो व्यापार के प्रवाह, संस्थागत संबंधों, विकास के लिए फाइनेंसिंग और आर्थिक नीति में तालमेल को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है। चौथा स्तंभ 'सस्टेनेबिलिटी' है, जिसका लक्ष्य ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन फाइनेंस, ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थापित सिस्टम समिट के बाद भी लंबे समय तक काम के फायदे देते रहें। आर्थिक गवर्नेंस और व्यापार के क्षेत्र में, इस गठबंधन ने 'ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी रणनीति 2030' को आगे बढ़ाया है और साथ ही WTO के नेतृत्व वाले मजबूत मल्टीलेटरल ट्रेडिंग सिस्टम के लिए अपना समर्थन दोहराया है।

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व्यापारिक कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए, सदस्य देशों ने 'ब्रिक्स ग्लोबल वैल्यू चेन एक्शन प्लान 2026-2030' को अपनाया है, साथ ही एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) का आकलन करने के लिए गाइडलाइंस भी तैयार की हैं। समावेशी विकास और रोजगार पैदा करने में छोटे व्यवसायों को केंद्र में रखते हुए, भारत ने व्यापार फाइनेंस की जरूरतों को पूरा करने के लिए 'ब्रिक्स इनवॉइस डिस्काउंटिंग मैकेनिज्म' का प्रस्ताव दिया है। इसे 'ब्रिक्स MSME सहयोग पोर्टल' के प्रस्ताव से और भी मजबूती मिलेगी, जिसका मकसद सदस्य देशों के टेक्नोलॉजी सेंटरों, वित्तीय संस्थानों, ट्रेनिंग देने वाली संस्थाओं और नीति निर्माताओं को आपस में जोड़ना है।

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महाकाल की राजसी सवारी में अचानक बिगड़ी पुजारी की तबीयत, आरती के दौरान मची अफरा-तफरी

महाकाल की राजसी सवारी मंदिर पहुंचने के बाद सभा मंडप में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भगवान चंद्रमोलेश्वर की आरती के दौरान पुजारी आशीष शर्मा को अचानक चक्कर आने लगा। उन्हें तुरंत आकस्मिक चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद उनका ब्लड प्रेशर और शुगर चेक किया, जो सामान्य मिला। कुछ देर आराम कराने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। बताया गया कि पुजारी दोपहर से ही राजसी सवारी की तैयारियों में लगे थे और लंबे समय तक भीड़ व उमस के बीच ड्यूटी कर रहे थे।

महाकाल राजसी सवारी में अचानक बिगड़ी पुजारी की तबीयत

भगवान महाकाल की राजसी सवारी मंदिर पहुंचने के बाद सभी की नजरें सभा मंडप में होने वाली आरती पर थीं। इसी दौरान भगवान चंद्रमोलेश्वर की आरती करते समय पुजारी आशीष शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरती के बीच उन्हें चक्कर आने लगा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों में चिंता फैल गई।

मौके पर मौजूद लोगों ने बिना देर किए उन्हें महाकाल मंदिर परिसर में बने आकस्मिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी जांच शुरू की। कुछ समय के लिए राजसी सवारी के माहौल में भी इस घटना के कारण हड़कंप की स्थिति बन गई।

महाकाल मंदिर के चिकित्सा केंद्र में हुई जांच

आशीष शर्मा को चिकित्सा केंद्र पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर और शुगर चेक किया। जांच में दोनों सामान्य पाए गए। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर नजर रखने के साथ उन्हें कुछ देर आराम करने की सलाह दी।

जांच के बाद किसी गंभीर परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर जाकर आराम करने की सलाह दी। पुजारी को घर भेजे जाने के बाद मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और उनके साथियों ने राहत की सांस ली। फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

दोपहर से राजसी सवारी की तैयारियों में जुटे थे पुजारी

मंदिर से जुड़े संजय पुजारी के अनुसार, आशीष शर्मा दोपहर करीब एक बजे से ही महाकाल की राजसी सवारी की तैयारियों में लगे हुए थे। सवारी शुरू होने के बाद भी वे लगातार पालकी के पास अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

 

राजसी सवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। लंबे समय तक लगातार ड्यूटी करने और भीड़ के बीच रहने से शरीर पर थकान का असर पड़ सकता है। कई घंटे की व्यस्तता के बाद आरती के समय उन्हें चक्कर आने की स्थिति बनी। हालांकि, चिकित्सा जांच में उनका ब्लड प्रेशर और शुगर सामान्य रहा।

उमस और लगातार ड्यूटी से थकान की संभावना

राजसी सवारी के दौरान मंदिर और सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे माहौल में लंबे समय तक खड़े रहना और लगातार धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल रहना शरीर के लिए थकान वाला हो सकता है। इस दौरान मौसम में उमस भी थी।

बताया जा रहा है कि इसी वजह से पुजारी आशीष शर्मा को कमजोरी या चक्कर की समस्या हुई हो सकती है। हालांकि, यह केवल थकान की संभावना है। डॉक्टरों की जांच में उनका बीपी और शुगर सामान्य मिला है। फिलहाल किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की बात सामने नहीं आई है।

पुजारी की हालत सामान्य

महाकाल राजसी सवारी के दौरान हुई इस घटना के बाद सबसे राहत वाली बात यह रही कि पुजारी आशीष शर्मा की जांच सामान्य रही। प्राथमिक चिकित्सा मिलने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने के लिए घर भेज दिया।

धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। इस घटना में भी समय पर चिकित्सा केंद्र पहुंचाने से पुजारी को तुरंत जांच और जरूरी मदद मिल सकी। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य है और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है। राजसी सवारी के दौरान कुछ देर के लिए बनी चिंता की स्थिति अब टल गई है।

 

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भारत और अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए ब्रॉडकास्टर का ऐलान हो गया है. दोनों टीमों के बीच 13 सितंबर से सीरीज की शुरुआत हो रही है. मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सीरीज के सभी मैच का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. मुकाबला टीवी और सोनी एप लाइव स्ट्रीमिंग होगा. Tue, 8 Sep 2026 13:46:12 +0530

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