Asha Bhosle और Bhupen Hazarika के जन्म से जुड़ा है 8 September का इतिहास
नयी दिल्ली, आठ सितंबर इतिहास में आठ सितंबर का दिन बहुत सुरीली और शोख गायिका आशा भोसले के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। हजारों गीतों को अपनी आवाज से अमर बना देने वाली आशा भोसले को भारतीय सिने जगत की सर्वकालिक महान गायिकाओं में गिना जाता है। आठ सितंबर 1933 को जन्मी आशा ने हिंदी के अलावा मराठी, बांग्ला, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी में भी बहुत से गीत गाए हैं।
मई 1997 को आशा पहली भारतीय गायिका बनीं जो ‘ग्रेमी अवार्ड के लिए नामांकित की गईं। उस्ताद अली अकबर खान के साथ एक विशेष एलबम के लिए वह नामित की गईं। भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2000 में आशा को दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया।
साल 2002 में आयोजित बर्मिंघम फिल्म महोत्सव खास तौर पर आशा को समर्पित था। पांच मई 2008 को आशा को भारत सरकार के प्रतिष्ठित पद्मविभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। आशा का 12 अप्रैल 2026 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया।
आठ सितंबर 2026 को महान संगीतकार एवं गायक भूपेन हजारिका का जन्म हुआ था। आवाज के जादूगर भूपेन ने रुदाली, साज, मिल गई मंजिल, मुझे, दरमियां, गजगामिनी जैसी सुपरहिट फिल्मों में संगीत दिया। राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी सिनेमा में असम और पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति और लोक संगीत को पेश करने वाले भूपेन को 1975 में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987), पद्म श्री (1977) और पद्म भूषण (2001), दादा साहब फाल्के पुरस्कार (1992), भारत में सिनेमा के लिए सर्वोच्च पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप (2008), संगीत नाटक अकादमी का सर्वोच्च पुरस्कार दिया गया।
भूपेन ने पांच नवंबर 2011 को 85 साल की उम्र में अंतिम श्वांस ली। उन्हें मरणोपरांत 2012 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण और 2019 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया। आठ सितंबर 2022 को ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का स्कॉटलैंड के बालमोरल कैसल में निधन हो गया।
वह 96 वर्ष की थीं। महारानी ने 70 साल तक शासन किया। उनके निधन के साथ ही ब्रिटेन के इतिहास में किसी शासक के सबसे लंबे समय तक किए गए शासन का अंत हो गया।
महारानी 1952 में गद्दी पर बैठी थीं और वह अभूतपूर्व सामाजिक परिवर्तन की गवाह रहीं। देश-दुनिया के इतिहास में आठ सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1900 : टेक्सास के गैलवेस्टोन में चक्रवाती तूफान से 6,000 लोगों की मौत। 1926 : महान संगीतकार एवं गायक भूपेन हजारिका का जन्म।
1943 : द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इटली ने मित्र सेना के साथ बिना शर्त युद्धविराम संधि पर हस्ताक्षर किए। 1960 : भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी का निधन। 1962 : चीन ने भारत की पूर्वी सीमा में घुसपैठ की।
1966 : लोगों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए यूनेस्को ने ‘साक्षरता दिवस’ मनाने की शुरुआत की। 1988 : जाने-माने व्यवसायी विजयपत सिंघानिया अपने ‘माइक्रो लाइट सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट’ से लंदन से अहमदाबाद पहुंचे। 2002 : नेपाल में माओवादियों ने 119 पुलिसकर्मियों की हत्या की।
2008 : अमेरिकी पत्रिका फोर्ब्स ने भारतीय अरबपति लक्ष्मी मित्तल को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की। 2017 : मैक्सिको के चियापास तट के पास 8.1 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया जिसमें 98 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। 2021 : इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पास भीड़-भाड़ वाली एक जेल में भीषण आग लगने से 41 कैदियों की मौत, 80 से अधिक घायल।
2022 : ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 वर्ष की आयु में निधन। 2023 : माली के अशांत उत्तरी क्षेत्र में विद्रोहियों के दो हमलों में 49 नागरिकों और 15 सैनिकों की मौत। 2024 : नाइजीरिया में एक ईंधन टैंकर एक ट्रक से टकरा गया, जिससे हुए विस्फोट में 48 लोगों की मौत हो गई।
2025 : नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के दौरान 19 लोगों की मौत हो गई, तथा 300 से अधिक लोग घायल हो गए।
Tamil Nadu Assembly: CM के आरोपों पर DMK का हंगामा, मार्शल ने विधायकों को सदन से निकाला
चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। द्रमुक विधायकों ने इसके साथ ही नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है।
वेलु ने सरकारिया आयोग के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि आयोग ने माना था कि कोई अपराध नहीं हुआ था। कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन द्रमुक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया।
द्रमुक सदस्यों ने इसका विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद द्रमुक विधायकों की नारेबाजी जारी रही। द्रमुक के कई विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने एकत्र हो गए और अपनी मांग दोहराते हुए नारेबाजी करते रहे।
सदन के नेता के. ए. सेंगोट्टैयन ने सदन के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। विधानसभा कक्ष से बाहर ले जाए जाते समय भी द्रमुक विधायक इस मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।
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