Shubman Gill Birthday: 27 साल के हुए शुभमन गिल, गर्दन पर बने इस छोटे से टैटू का क्या है राज?
भारतीय क्रिकेट के युवा स्टार शुभमन गिल 27 साल के हो गए हैं. उनके जन्मदिन पर सिर्फ उनके रिकॉर्ड्स ही नहीं, बल्कि गर्दन पर बने एक छोटे से टैटू ने भी सबका ध्यान खींचा है.
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Yoga For Digestion: पेट की गैस और अपच से राहत के लिए 10 योगासन, रोज करें ये आसान Yoga Poses
Yoga For Digestion: खान-पान में गड़बड़ी, लंबे समय तक बैठे रहना और खराब दिनचर्या का असर अक्सर हमारे पाचन तंत्र पर दिखाई देता है। गैस, पेट फूलना, कब्ज और अपच जैसी परेशानियां आम हो सकती हैं। ऐसे में नियमित योग और सही लाइफस्टाइल पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
अगर आप भी अक्सर पेट भारी रहने या खाना ठीक से न पचने की शिकायत करते हैं, तो अपनी दिनचर्या में कुछ आसान योगासन शामिल कर सकते हैं। यहां जानिए ऐसे 10 योगासन जो पाचन को सपोर्ट करने के लिए किए जा सकते हैं।
1. पवनमुक्तासन
नाम से ही जाहिर है कि यह आसन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करने के लिए जाना जाता है। इसे करने से पेट और आंतों के आसपास हल्का दबाव बनता है, जिससे पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट मिल सकता है।
2. वज्रासन
वज्रासन उन आसान योगासनों में से है जिसे भोजन के बाद भी कुछ देर किया जा सकता है। यह शरीर को आराम देने के साथ पाचन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है।
3. बालासन
बालासन शरीर को रिलैक्स करने वाला आसन है। तनाव कम करने और शरीर को आराम देने के साथ यह पेट के आसपास हल्का खिंचाव देता है। तनाव कम होने से पाचन पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
4. भुजंगासन
भुजंगासन में पेट के हिस्से पर हल्का स्ट्रेच आता है। यह शरीर में लचीलापन बढ़ाने के साथ पेट के आसपास की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
5. अर्ध मत्स्येंद्रासन
यह एक तरह का स्पाइनल ट्विस्ट है। इसमें शरीर को मोड़ने से पेट के हिस्से में हल्का दबाव बनता है। नियमित अभ्यास पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
6. मार्जरी आसन
इसे आमतौर पर कैट-काउ पोज के रूप में भी जाना जाता है। इस आसन में रीढ़ और पेट के हिस्से की मूवमेंट होती है। यह शरीर को एक्टिव करने और पेट के आसपास जकड़न कम करने में मदद कर सकता है।
7. अधोमुख श्वानासन
यह योगासन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। नियमित योग अभ्यास के हिस्से के तौर पर इसे शामिल किया जा सकता है।
8. त्रिकोणासन
त्रिकोणासन में शरीर को एक तरफ झुकाया जाता है, जिससे पेट और कमर के आसपास खिंचाव महसूस होता है। यह शरीर की गतिशीलता बढ़ाने के साथ पाचन के लिए भी उपयोगी योग अभ्यास माना जाता है।
9. सेतु बंधासन
सेतु बंधासन में पेट और शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। यह शरीर को स्ट्रेच देने और रिलैक्सेशन में मदद कर सकता है।
10. शवासन
अंत में शवासन करना शरीर और दिमाग को पूरी तरह आराम देने में मदद करता है। तनाव और खराब नींद भी पाचन से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकती है, इसलिए रिलैक्सेशन को योग रूटीन का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है।
योग के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
सिर्फ योग करने से ही पाचन संबंधी हर समस्या दूर हो जाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है। पर्याप्त पानी पीना, फाइबर से भरपूर भोजन लेना, खाने का समय तय रखना और रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना भी जरूरी है।
(Disclaimer): योगासन किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं। इन्हें अपनी क्षमता के अनुसार और सही तकनीक के साथ करना चाहिए। अगर आपको लगातार कब्ज, तेज पेट दर्द, बार-बार उल्टी, खून आना या लंबे समय से पाचन संबंधी परेशानी है, तो केवल योग पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें।
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