स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर, JDA का मिला समर्थन, OPD-OT बहिष्कार का ऐलान
सोमवार की सुबह से एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठे हुए है। इनका ये आंदोलन आज भी जारी है। इंटर्न डॉक्टर कमला पार्क की सड़क पर रात भर बैठ रहे। इसी बीच उन्हें जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का समर्थन भी मिल गया है।
अपने आंदोलन के चलते डॉक्टर हमीदिया अस्पताल की नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का बहिष्कार करने वाले हैं। इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं पर किसी भी तरह की रोक नहीं रहेगी। इन्टर्न डॉक्टर्स का कहना है कि स्टाइपेंड में तत्काल वृद्धि करने के साथ-साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उन पर लाठी चार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इमरजेंसी सेवाएं चालू
रेजिडेंट डॉक्टर आज नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का बहिष्कार करने वाले हैं। लेकिन इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से जारी रहने वाली है। डॉक्टर्स का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत होने के बाद जब मांगों पर आश्वासन मिलेगा उसके बाद ही आगे की रणनीति के बारे में सोचा जाएगा।
लाठी चार्ज और वाटर कैनन का विरोध
बता दें कि यह सभी इंटर्न डॉक्टर अपने स्टाइपेंड को बढ़ाने के लिए शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन इन पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन की कार्रवाई की गई है। इस वजह से चिकित्सक समुदाय में रोष का माहौल देखने को मिल रहा है। इसे लेकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश मालवीय भी प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टर से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो पूरा चिकित्सक समुदाय उनके साथ खड़ा रहेगा।
एफएआईएमए का क्या कहना
इस मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन की ओर से उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा गया था। हालांकि अब तक इस पर सरकार द्वारा विचार नहीं किया गया है। संगठन का कहना है कि सरकार को बल प्रयोग का इस्तेमाल करने की जगह बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। संगठन की ओर से छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए यह कहा गया है कि बातचीत से इस तरह के मुद्दों का रास्ता निकाल सकता है।
एबीवीपी ने भी की निंदा
इस पूरे मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर पर किए गए लाठी चार्ज और वाटर कैनन के उपयोग की कड़ी निंदा की है। एबीपी का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांग रखना छात्रों का अधिकार है। ऐसे में जो घायल इंटर्न डॉक्टर हैं, उन्हें निशुल्क इलाज देने के साथ इस घटना के दोषी अधिकारी और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: MP के 3 शहर देश के टॉप 5 में, इंदौर दूसरे स्थान पर, भोपाल के वार्ड-60 को भी राष्ट्रीय सम्मान
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 7 सितंबर को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं। इसमें मध्यप्रदेश के तीन शहरों ने देश के शीर्ष पाँच शहरों में जगह पाई है। इस बार 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश का लखनऊ 198 अंकों के साथ देश में पहले स्थान पर रहा है।
इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान और भोपाल 192 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा। हालांकि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में इंदौर शीर्ष पर था, जबकि लखनऊ 22 वें स्थान पर था। वहीं दूसरे स्थान पर जबलपुर और तीसरे स्थान पर आगरा था। यह सर्वेक्षण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराया गया।
मध्य प्रदेश का इंदौर दूसरे, जबलपुर तीसरे और भोपाल चौथे स्थान पर
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान पाया। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वे स्थान पर रहा। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया।
समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार, कमलेश श्रीवास्तव, श्री संभव अयाची एवं जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया।
वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत
‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ के अवसर पर सोमवार, 7 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर और जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।
वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य आरके सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026
मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धिस्वच्छ वायु प्रबंधन में
प्रदेश के 3 शहर Top 5 में????इंदौर – देश में 2nd
????जबलपुर – देश में 3rd
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— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 7, 2026
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