‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम स्थल को लेकर कांग्रेस को अभी भी नहीं मिली परमिशन, दावा – 75 हजार छात्रों ने किया रजिस्ट्रेशन
इंदौर में कांग्रेस के प्रस्तावित छात्र कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। दरअसल कार्यक्रम की तारीख नजदीक आने के बावजूद आयोजन स्थल को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्र संपर्क अभियान, बैठकों और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बिना रुके जारी है।
बता दें कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि छात्रों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 75 हजार पार कर चुका है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। पार्टी का दावा है कि यह आयोजन युवाओं के मुद्दों को लेकर बड़ा संवाद बनेगा।
जानिए कार्यक्रम के लिए परमिशन क्यों अटकी?
कांग्रेस ने आयोजन के लिए रीजनल पार्क के सामने आईडीए के खाली मैदान को प्राथमिक स्थान चुना है। पार्टी की ओर से जारी क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म पर भी इसी मैदान को कार्यक्रम स्थल के रूप में दर्शाया गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। रविवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे समेत कई नेताओं ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर अनुमति की मांग रखी थी। उम्मीद थी कि सोमवार तक स्थिति साफ हो जाएगी, लेकिन अब भी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। वहीं इसके बाद कांग्रेस ने आईडीए और नगर निगम दोनों को अलग-अलग पत्र सौंपे हैं। आईडीए से 14 से 19 सितंबर तक मैदान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रशासन के सभी नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। पार्टी ने आवेदन की प्राप्ति रसीद भी ली है।
रजिस्ट्रेशन अभियान जारी
वहीं रीजनल पार्क के अलावा कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम के लिए भी दोबारा आवेदन दिया है। पार्टी ने 14 से 19 सितंबर तक स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग की है। इससे पहले भी नेहरू स्टेडियम के लिए आवेदन किया गया था लेकिन उस समय न तो अनुमति मिली और न ही औपचारिक रूप से इनकार किया गया। दरअसल कांग्रेस ने दो अन्य वैकल्पिक मैदानों की भी पहचान कर रखी है ताकि अंतिम समय में आयोजन प्रभावित न हो। पार्टी का कहना है कि मंच, स्वयंसेवकों और छात्र समन्वय से जुड़ी तैयारियां पहले से चल रही हैं। चिंटू चौकसे ने दावा किया कि कार्यक्रम तय समय पर होगा और छात्र भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आयोजन स्थल को लेकर अंतिम अनुमति जारी नहीं की गई है।
इंदौर में बारिश बनी आफत, चलती कार पर गिरा विशाल इमली का पेड़, डिप्टी डायरेक्टर की मां की दर्दनाक मौत
इंदौर में सोमवार दोपहर तेज बारिश के बीच ऐसा हादसा हुआ, जिसने सड़क पर चल रहे लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। केंद्रीय जेल के पास अचानक एक विशाल पुराना इमली का पेड़ उखड़कर सड़क से गुजर रही दो कारों पर जा गिरा।
पेड़ इतना भारी था कि दोनों गाड़ियां बुरी तरह दब गईं। हादसे में कार में सवार 78 वर्षीय राधा देवी सिंघी और 55 वर्षीय वैशाली जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। राधा देवी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राधा देवी सिंघी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में डिप्टी डायरेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां थीं।
दो कारों पर गिरा विशाल इमली का पेड़
पेड़ सीधे कारों पर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों वाहनों में कुल पांच लोग सवार बताए गए। पेड़ की मोटी शाखाओं और भारी तने के नीचे कारों का बड़ा हिस्सा दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करने की कोशिश शुरू की और पुलिस को घटना की सूचना दी।
हादसे में 78 वर्षीय राधा देवी सिंघी और उनके साथ कार में बैठी 55 वर्षीय वैशाली जायसवाल पेड़ के नीचे दब गईं। दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
पेड़ के नीचे फंसी महिला को पुलिस वाहन से पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी थी। इसी दौरान एंबुलेंस आने में देरी की बात सामने आई। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने समय गंवाए बिना अपनी एफआरवी गाड़ी से घायल राधा देवी को अस्पताल पहुंचाया।
बताया गया कि जब अधिकारियों को पता चला कि घायल महिला नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की डिप्टी डायरेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां हैं, तो अपर कलेक्टर रजनीश कसेरा भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने रेस्क्यू और राहत कार्य की जानकारी ली।
इंदौर में पेड़ गिरने के बाद कई घंटे प्रभावित रहा यातायात
हादसे के बाद सड़क पर भारी पेड़ और उसकी शाखाएं फैल गईं। इससे जेल रोड के आसपास यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन ने पहले वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया और इसके बाद पेड़ हटाने का काम शुरू कराया।
नगर निगम की टीम क्रेन और कटर लेकर मौके पर पहुंची। भारी तने को छोटे हिस्सों में काटकर सड़क से हटाया गया। पेड़ हटाने के बाद ही रास्ते पर यातायात सामान्य हो सका।
सिर्फ जेल रोड नहीं, शहर के दूसरे हिस्सों में भी गिरे पेड़
सोमवार को हुई बारिश और तेज हवाओं का असर इंदौर के कई इलाकों में देखने को मिला। चिमनबाग क्षेत्र के अलावा नयापुरा मार्ग, राजमहल कॉलोनी और दूसरे स्थानों पर भी पेड़ या उनकी बड़ी शाखाएं गिरने की जानकारी सामने आई।
कई जगह सड़क पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही रुक गई। कुछ रास्तों पर जाम की स्थिति बनी और वाहन चालकों को परेशानी हुई। बारिश के दौरान सड़क पर पहले से ही फिसलन रहती है। ऐसे में अचानक पेड़ या बड़ी शाखा गिरने से खतरा और बढ़ जाता है।
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