सत्य निकेतन हादसा- पूरी दिल्ली में बिल्डिंग जांच के आदेश:MCD ने 3 दिन में रिपोर्ट मांगी; 28 लाख में सिर्फ 19 इमारतें खतरनाक मिलीं थी
नई दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली-MCD ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) से अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। सत्य निकेतन में रविवार को एक बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 6 लोग घायल हुए थे। इसी हादसे के बाद यह आदेश जारी किया गया है। जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में 10 दिन के भीतर दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। सुनवाई 25 सितंबर को होगी। इधर, MCD के मुताबिक इस साल की शुरुआत में हुए एक सर्वे में 27,84,286 इमारतों का सर्वे किया गया, जिनमें से केवल 19 खतरनाक पाई गईं थीं। हादसे के 3 आरोपी गिरफ्तार, दंपती 14 दिन की रिमांड पर पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन इसका प्रबंधन और संचालन उनके पति और बेटे के पास था। सोमवार रात इन तीनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए भी तलाश शुरू कर दी है। उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। मलबा हटने के बाद की 2 तस्वीरें… मैप के जरिए समझिए हादसे की लोकेशन… हादसे में 7 की मौत, 3 गंभीर; रेस्क्यू ऑपरेशन 28 घंटे चला हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें अभिषेक कुमार, अर्पित जाज, युवराज सोनी, पवन कुमार, सुरेंद्र सिंह, अक्षत सिंह, परम लाल कोरी शामिल हैं। सत्य निकेतन में 28 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार शाम पूरा हुआ। मलबे से 12 लोग निकाले गए। 3 घायलों की हालत गंभीर है। MCD ने साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड किए हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं। जहां हादसा हुआ, वहां 300 मकान 170 में पीजी सत्य निकेतन 1965 से 1970 के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसा था। 1970 के दशक में साउथ कैंपस शुरू होने के बाद कॉलेज बढ़े और यहां छात्र रहने लगे। कई मूल आवंटी मकान बेच चुके हैं। इस इलाके में करीब 300 मकान हैं। इनमें करीब 170 में पीजी हैं। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट जगदीश ममगैन के मुताबिक दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने के हिसाब से नहीं बनाई गई हैं। दिल्ली के लगभग 75 लाख घरों में से केवल 1.75 लाख इमारतों के पास ही स्वीकृत बिल्डिंग लेआउट प्लान हैं। -------------------- दिल्ली PG हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
4 राज्यों में उपचुनाव का ऐलान, 6 अक्टूबर को वोटिंग:रिजल्ट 9 अक्टूबर को; बंगाल की 2 विधानसभा और असम की एक लोकसभा सीट शामिल
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। कमीशन के मुताबिक, चुनाव की औपचारिक गजट अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी। काउंटिंग 9 अक्टूबर को की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। इन सीटों पर होंगे उपचुनाव बशीरहाट और शिलांग के चुनाव अभी नहीं संबंधित जिलों में आचार संहिता लागू हो गई। शिलॉन्ग और बशीरहाट लोकसभा सीटों की तारीख घोषित नहीं हुई है। इस साल फरवरी में वायस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकान के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी। जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है। उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के निर्देश चुनाव आयोग ने कहा कि नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक वोटर लिस्ट को लगातार अपडेट किया जाएगा, बशर्ते नॉमिनेशन की समय-सीमा से 10 दिन पहले तक आवेदन प्राप्त हो जाएं। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पोलिंग स्टेशनों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। EPIC कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। हालांकि वोटर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा बताए गए अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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