जयपुर के AIIMS परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी से हंगामा, री-एग्जाम रद्द; नीट-पीजी गड़बड़ी के ठीक एक दिन बाद हुआ नया बवाल
AIIMS recruitment exam: राजधानी जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान तकनीकी खामियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार (31 अगस्त) को जयपुर के एक केंद्र पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की भर्ती परीक्षा तकनीकी खराबी के चलते रद्द करनी पड़ी। इस अचानक हुए फैसले से नाराज उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सांगानेर सदर के एसएचओ कमलेश कुमार ने जानकारी दी कि स्थिति को देखते हुए AIIMS प्रशासन ने प्रभावित केंद्र पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है और कुछ दिनों बाद इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा।
सितापुरा के परीक्षा केंद्र पर हुआ हंगामा
यह पूरा मामला सितापुरा स्थित आयन डिजिटल जोन (iON Digital Zone) परीक्षा केंद्र का है, जहां AIIMS की ओर से कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन-5 के तहत ग्रुप बी और ग्रुप सी के गैर-शैक्षणिक पदों के लिए री-एग्जाम आयोजित किया जा रहा था। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होनी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण यह करीब 30 मिनट की देरी से शुरू हुई।
एसएचओ कमलेश कुमार के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद सर्वर डाउन हो गया, जिससे परीक्षार्थियों की मुश्किलें बढ़ गईं। इसके अलावा, परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने (पावर आउटेज) की दो घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद गुस्साए छात्र परीक्षा हॉल से बाहर निकल आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नीट-पीजी परीक्षा में भी हो चुका है बवाल
गौर करने वाली बात यह है कि ठीक एक दिन पहले यानी रविवार को इसी केंद्र पर नीट-पीजी 2026 (NEET-PG 2026) की परीक्षा के दौरान भी भारी तकनीकी गड़बड़ी देखने को मिली थी। सर्वर ठप होने और बार-बार कंप्यूटर स्क्रीन बंद होने के कारण वहां भी छात्रों ने नाराजगी जताते हुए परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रदर्शन किया था।
नीट-पीजी परीक्षा में आई इस बड़ी बाधा के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने एक्शन लेते हुए प्रभावित हुए 2,445 उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया था।
जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी
नीट-पीजी परीक्षा के दौरान सितापुरा स्थित इसी आयन डिजिटल जोन (iDZ) केंद्र पर हुई बिजली आपूर्ति की विफलता की जांच के लिए एनबीईएमएस (NBEMS) ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौर की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में राजस्थान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी को शामिल किया गया है, जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे।
Janmashtami Weekend Travel: जन्माष्टमी पर पूजा के साथ बनाएं घूमने का प्लान, कृष्ण से जुड़ी इन 5 जगहों का करें दीदार
Janmashtami Weekend Travel: जन्माष्टमी आते ही मंदिरों से लेकर घरों तक कृष्ण भक्ति का रंग नजर आने लगता है। अगर इस बार पूजा-पाठ के साथ कहीं घूमने का भी मन है, तो श्रीकृष्ण से जुड़ी इन जगहों की यात्रा आपके त्योहार को और यादगार बना सकती है।
कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान इन शहरों में मंदिरों की रौनक देखते ही बनती है। कहीं विशेष पूजा और भजन-कीर्तन होते हैं, तो कहीं कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी परंपराएं लोगों को अपनी ओर खींचती हैं। ऐसे में जन्माष्टमी के मौके पर इन 5 जगहों को अपनी यात्रा सूची में शामिल किया जा सकता है।
1. मथुरा-वृंदावन
जन्माष्टमी की बात हो और मथुरा-वृंदावन का नाम न आए, ऐसा शायद ही हो। कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मथुरा और उनकी बाल लीलाओं से जुड़ा वृंदावन त्योहार के दौरान खास रौनक से भर जाता है।
जन्माष्टमी के समय यहां मंदिरों में सजावट, पूजा और भजन-कीर्तन का माहौल देखने को मिलता है। कृष्ण भक्तों के लिए यहां की यात्रा धार्मिक अनुभव के साथ एक अलग तरह की आध्यात्मिक शांति भी दे सकती है।
2. द्वारका
गुजरात की द्वारका नगरी का नाम भगवान श्रीकृष्ण से गहराई से जुड़ा है। यहां द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन के साथ शहर के धार्मिक वातावरण को महसूस किया जा सकता है।
जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में होने वाले आयोजन और सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा समुद्र के किनारे घूमने का अनुभव इस धार्मिक यात्रा को और खास बना सकता है।
3. गोकुल
कृष्ण के बाल रूप से जुड़ी कथाओं और मान्यताओं को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो गोकुल का रुख किया जा सकता है। यहां का धार्मिक माहौल जन्माष्टमी के दौरान और भी खास हो जाता है।
त्योहार के मौके पर मंदिरों में पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। गोकुल की गलियों और आसपास का माहौल कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी मान्यताओं की याद दिलाता है।
4. नाथद्वारा
राजस्थान का नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर के लिए देशभर में जाना जाता है। जन्माष्टमी जैसे खास मौके पर यहां श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की रौनक देखने लायक होती है।
अगर आप धार्मिक यात्रा के साथ राजस्थान की संस्कृति, स्थानीय बाजार और खान-पान का आनंद लेना चाहते हैं, तो नाथद्वारा एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
5. पुरी
ओडिशा का पुरी जगन्नाथ मंदिर और समुद्र तट के लिए प्रसिद्ध है। शहर में धार्मिक माहौल हमेशा देखने को मिलता है और जन्माष्टमी के मौके पर कई जगहों पर कृष्ण से जुड़े आयोजन भी किए जाते हैं।
यहां मंदिर दर्शन के साथ समुद्र तट पर समय बिताने का मौका भी मिलता है। ऐसे में जो लोग भक्ति के साथ छोटी ट्रिप का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए पुरी एक अलग अनुभव दे सकता है।
जन्माष्टमी पर ट्रिप बना रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
- यात्रा पर निकलने से पहले होटल, ट्रेन या फ्लाइट की बुकिंग करा लेना समझदारी होगी।
- मंदिरों में दर्शन और प्रवेश से जुड़े नियम अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।
- अगर परिवार या बच्चों के साथ जा रहे हैं, तो भीड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। पानी साथ रखें और जरूरी दवाइयों को बैग में जरूर रखें।
अगर इस बार जन्माष्टमी को कुछ अलग अंदाज में मनाने का मन है, तो कृष्ण से जुड़ी किसी धार्मिक नगरी की यात्रा अच्छा अनुभव दे सकती है। पूजा और दर्शन के साथ नई जगह देखने का मौका त्योहार की यादों को और खास बना सकता है।
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