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NPS में Active Choice या ऑटो चॉइस: फैसला लेने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में निवेश करने वालों के सामने एक अहम फैसला यह होता है कि उनकी जमा रकम किस तरह निवेश की जाए। इसके लिए एनपीएस में मुख्य रूप से एक्टिव चॉइस और ऑटो चॉइस का विकल्प मिलता है। एक्टिव चॉइस में निवेशक खुद तय करता है कि पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों जैसे एसेट क्लास में कितना रखा जाए।

वहीं, ऑटो चॉइस में उम्र और रिटायरमेंट के करीब आने के हिसाब से निवेश का अनुपात अपने आप बदलता रहता है। इसलिए विकल्प चुनते समय कुछ जरूरी बातों को समझना चाहिए।

पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता समझें

एक्टिव चॉइस उन निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकता है जिन्हें बाजार और अलग-अलग निवेश विकल्पों की अच्छी समझ है। इसमें निवेशक तय कर सकता है कि उसके पोर्टफोलियो में इक्विटी का कितना हिस्सा रहे। नियमों के तहत इक्विटी में 75% तक निवेश का विकल्प मिल सकता है। ज्यादा इक्विटी का मतलब लंबे समय में अधिक रिटर्न की संभावना है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी ज्यादा रहता है।

ऑटो चॉइस उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो निवेश का फैसला बार-बार खुद नहीं लेना चाहते। इसमें लाइफसाइकिल फंड के तहत इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश का अनुपात उम्र के साथ अपने आप बदलता है।

उम्र और निवेश की अवधि का रखें ध्यान
एनपीएस में लंबी निवेश अवधि युवा निवेशकों के लिए बड़ा फायदा हो सकती है। 20 और 30 की उम्र में निवेश शुरू करने वालों के पास बाजार के उतार-चढ़ाव को सहने और लंबे समय में इक्विटी से ग्रोथ हासिल करने का अधिक समय होता है। ऐसे निवेशक एक्टिव चॉइस के जरिए अपेक्षाकृत ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर बनाए रख सकते हैं।

वहीं 40 के आखिरी वर्षों और 50 की उम्र के निवेशकों के लिए रिटायरमेंट का समय नजदीक होता है। ऐसे में ऑटो चॉइस धीरे-धीरे ज्यादा जोखिम वाली इक्विटी से पैसा निकालकर सरकारी प्रतिभूतियों और कॉरपोरेट डेट जैसे अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले विकल्पों की ओर निवेश बढ़ाता है। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के करीब बाजार में बड़ी गिरावट से जमा रकम को बचाना है।

कितना समय दे सकते हैं, यह भी जरूरी
अगर आप अपने निवेश की नियमित निगरानी कर सकते हैं और समय-समय पर एसेट का संतुलन समझना चाहते हैं, तो एक्टिव चॉइस पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए निवेशक को अपने लक्ष्य और जोखिम के हिसाब से पोर्टफोलियो पर नजर रखनी होती है। व्यस्त नौकरी करने वाले या कम अनुभव वाले निवेशकों के लिए ऑटो चॉइस आसान विकल्प हो सकता है।

एनपीएस में दोनों विकल्पों के तहत निवेश का तरीका बदलने की सुविधा भी है। टियर-1 और टियर-2 में वित्त वर्ष के दौरान चार बार निवेश विकल्प बदला जा सकता है। नियमों के अनुसार सब्सक्राइबर अपना पेंशन फंड मैनेजर भी बदल सकते हैं। इसलिए फैसला अपनी उम्र, जोखिम क्षमता, लक्ष्य और निवेश की निगरानी के लिए उपलब्ध समय को देखकर लेना चाहिए।

(प्रियंका कुमारी)

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GATE 2027: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, gate2027.iitm.ac.in से करें आवेदन; जानें आवेदन फीस

GATE 2027 registration: इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (GATE) 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया का आधिकारिक तौर पर आगाज हो चुका है। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, वे अब आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर विजिट कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) पोर्टल का उपयोग करना होगा।

इस बार परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के पास है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए समय रहते अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें।

DigiLocker अकाउंट होना अनिवार्य
गेट 2027 के लिए आवेदन करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पूर्व-आवश्यकताओं में से एक यह है कि उन्हें डिजिलाकर (DigiLocker) के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। इसलिए, आवेदन करने से पहले सभी उम्मीदवारों के पास एक सत्यापित डिजिलाकर खाता होना जरूरी है।

जिन अभ्यर्थियों के पास पहले से ही यह खाता मौजूद है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका अकाउंट पूरी तरह से सक्रिय और अप-टू-डेट है, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या रुकावट का सामना न करना पड़े।

महत्वपूर्ण तिथियों का पूरा शेड्यूल
परीक्षा और पंजीकरण से जुड़े सभी अहम चरण इस प्रकार हैं:

  • GOAPS पंजीकरण शुरू होने की तिथि: 27 अगस्त 2026
  • नियमित पंजीकरण की अंतिम तिथि: 27 सितंबर 2026
  • विलंब शुल्क के साथ विस्तारित पंजीकरण की अंतिम तिथि: 5 अक्टूबर 2026
  • परीक्षा शहर के आवंटन की घोषणा: 4 जनवरी 2027
  • प्रवेश पत्र (Admit Card) डाउनलोड: जल्द घोषित किया जाएगा
  • GATE 2027 परीक्षा (सप्ताह 1): 6-7 फरवरी 2027
  • GATE 2027 परीक्षा (सप्ताह 2): 13-14 फरवरी 2027
  • GATE 2027 परीक्षा (सप्ताह 3): 20-21 फरवरी 2027
  • परिणाम (Results) की घोषणा: 19 मार्च 2027

श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क (Application Fees)
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, गेट 2027 का आवेदन शुल्क आवेदक की श्रेणी और पंजीकरण की अवधि के आधार पर अलग-अलग निर्धारित किया गया है:

  • महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार (प्रति पेपर):
  • सामान्य अवधि (27 अगस्त से 27 सितंबर 2026): ₹1,000
  • विस्तारित अवधि (28 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026): ₹1,500
  • अन्य सभी उम्मीदवार, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं (प्रति पेपर):
  • सामान्य अवधि (27 अगस्त से 27 सितंबर 2026): ₹2,000
  • विस्तारित अवधि (28 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026): ₹2,500

आवेदन करने की प्रक्रिया
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं:

  • सबसे पहले GATE 2027 की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और GOAPS पोर्टल का लिंक खोलें।
  • आवश्यक बुनियादी जानकारी दर्ज करके अपने लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं और रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • GOAPS में सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद आवेदन पत्र भरना शुरू करें।
  • अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और अन्य जरूरी जानकारियां सही-सही दर्ज करें।
  • उस गेट पेपर या पेपर्स का चयन करें जिसके लिए आप परीक्षा देना चाहते हैं।
  • अपनी प्राथमिकता के अनुसार परीक्षा शहर (Exam City) का चुनाव करें।
  • निर्धारित प्रारूप और दिशानिर्देशों के अनुसार अपने जरूरी दस्तावेज, हालिया फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें, एक बार पूरी जानकारी की दोबारा जांच (Review) कर लें और फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें।
  • सबमिट करने के बाद कंफर्मेशन पेज को डाउनलोड कर लें और भविष्य के उपयोग के लिए उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।

आवेदन से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज
पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित दस्तावेज और जानकारियां तैयार होनी चाहिए:

  • वैध पहचान पत्र (Valid ID): पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, [Aadhaar Redacted] या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य वैध फोटो पहचान पत्र।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई स्पष्ट तस्वीर जो तीन महीने से अधिक पुरानी न हो।
  • स्कैन किए गए हस्ताक्षर: निर्धारित नियमों और प्रारूप के अनुसार।
  • श्रेणी प्रमाण पत्र: आरक्षित वर्ग (SC/ST) के लाभ के लिए वैध जाति प्रमाण पत्र।
  • दिव्यांगता/UDID प्रमाण पत्र: लागू होने पर PwD या UDID सर्टिफिकेट।
  • डिसलेक्सिया प्रमाण पत्र: यदि कोई उम्मीदवार इससे जुड़े प्रावधानों का लाभ लेना चाहता है।
  • शैक्षणिक विवरण: डिग्री से जुड़े सभी आंकड़े और कॉलेज या विश्वविद्यालय का नाम।
  • व्यक्तिगत जानकारी: जन्म तिथि और माता-पिता/अभिभावक का विवरण।
  • पत्राचार का पता: पूरा एड्रेस और पिन कोड।
  • पेपर और शहर का चयन: चुने गए परीक्षा पेपर और पसंद के शहरों की जानकारी।

अधिक जानकारियों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करने की सलाह दी जाती है।

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  Sports

वनडे में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाली 5 जोड़ियां, 19 साल का विश्व कीर्तिमान आज भी कायम

5 most century partnership in odi history: वनडे क्रिकेट के इतिहास में शतकीय साझेदारियां सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि दो बल्लेबाजों के बीच के अटूट भरोसे की गवाही देती हैं. सचिन-गांगुली की शतकीय साझेदारियों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लेकर विराट-रोहित, दिलशान-संगकारा, धवन-रोहित और गिलक्रिस्ट-हेडन की विस्फोटक जोड़ियों तक, इन दिग्गजों ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन तालमेल के दम पर न केवल अपनी टीमों को ऐतिहासिक जीत दिलाई, बल्कि मैदान पर कई नए कीर्तिमान स्थापित किए. Tue, 8 Sep 2026 08:01:02 +0530

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