हर यूजर है अलग और फोन से उनकी उम्मीद भी जुदा, आपको चाहिए ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम जो सबके हिसाब से ढल जाए
चाहे सलाह देने वाला हो या फिर कोई यात्री अथवा कंटेंट क्रिएटर. तीन अलग जिंदगियां और तीनों के अनुभव एक-दूसरे से बिल्कुल अलग. तो आप फोन डिजाइन कैसे तय कर सकते हैं? एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम, जो इन सबकी जरूरत के मुताबिक बना हो? इन सभी सवालों का जवाब ColorOS 16 देता है. लोग असल में कैसे काम करते हैं, उनकी यात्राएं और क्रिएटर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया स्मार्टफोन.
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोर्न एप दिखाकर साइबर ठगी:हैकर्स डेटा चुराकर बैंक खाते खाली कर रहे, गृह मंत्रालय ने 7 एप्स से बचने को कहा
सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने का एक नया पैटर्न सामने आया है। गृह मंत्रालय की साइबर विंग नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने एक एडवाइजरी जारी की है। जांच एजेंसी ने पाया है कि जालसाज फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोर्न एप्स के विज्ञापन चलाकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। स्मार्टफोन यूजर्स को निशाना बनाने वाले इस फ्रॉड को लेकर सरकार ने अलर्ट रहने को कहा है। गृह मंत्रालय ने 7 संदिग्ध एप से दूर रहने को कहा गृह मंत्रालय की विंग ने कुछ संदिग्ध एप्स के नामों का खुलासा किया है, जो इस समय सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव हैं। सरकार ने मुख्य रूप से इन नामों और इनके जैसे अन्य वैरिएंट्स से बचने की सलाह दी है। पोर्न एप्स के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करा रहे ठग NCTAU की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं। यहां वे एडल्ट या पोर्नोग्राफिक कंटेंट का झांसा देने वाले विज्ञापन चलाते हैं। जब यूजर इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, तो उसे एक बाहरी वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है। इस वेबसाइट पर जाने के बाद यूजर के सामने एक पॉप-अप आता है, जिसमें उसे एक APK फाइल यानी एप डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है। एक्सेसिबिलिटी परमिशन से हैकर्स ऐसे करते हैं खेल फोन में एप शुरू करने की जल्दी में लोग अक्सर बिना सोचे-समझे सभी परमिशन को Allow (मंजूरी) कर देते हैं। ये खतरनाक एप्स विशेष रूप से आपके फोन की 'एक्सेसिबिलिटी परमिशन' का गलत इस्तेमाल करते हैं। एक बार यह मंजूरी मिलते ही एप को आपके फोन का रिमोट कंट्रोल मिल जाता है। इसके बाद वह बैकग्राउंड में आपकी बिना मर्जी के दूसरे वायरस वाले एप्स डाउनलोड कर लेता है और आपके पूरे स्मार्टफोन को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेता है। डिवाइस हैक कर सीधे बैंक खातों पर निशाना स्मार्टफोन का कंट्रोल मिलते ही हैकर्स आपके बैंकिंग पासवर्ड, डिटेल्स और OTP आसानी से चुरा लेते हैं। इसके बाद वे चुपके से आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। चूंकि यह सारा खेल फोन के बैकग्राउंड में चलता रहता है, इसलिए आपको तब तक कुछ पता नहीं चलता जब तक कि मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज न आ जाए। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… आतंकी पोर्न वेबसाइट्स पर सीक्रेट चैटिंग कर रहे: पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स इसी पर मैसेज भेजते; एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए पहचान छिपाने की कोशिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी सीक्रेट चैटिंग के लिए अब पोर्न वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आतंकी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इसका सबसे ज्यादा यूज कर रहे हैं। आतंकी इसके जरिए जम्मू-कश्मीर में भर्ती किए गए लोगों तक मैसेज पहुंचा रहे हैं। ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इन पोर्नोग्राफी प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम चैट टूल मौजूद होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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