Satya Niketan Building Collapse: मालिक और पत्नी न्यायिक हिरासत में, बेटे को पुलिस कस्टडी
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को अदालत के सामने पेश किया गया. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. पुलिस अब हादसे से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसका बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर दर्ज था. वहीं, पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत का प्रबंधन उनके बेटे महेश गुप्ता के जिम्मे था. संपत्ति के दस्तावेजों में इमारत उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज बताई गई है. इन जानकारियों के आधार पर पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि इमारत की देखरेख और उससे जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी किस स्तर पर किस व्यक्ति के पास थी.
कई लोगों को बाहर निकाला
छह सितंबर को सत्य निकेतन में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई. इमारत के गिरते ही बड़ी मात्रा में मलबा मौके पर जमा हो गया और कई लोगों के उसके नीचे फंसे होने की आशंका बनी. सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर लोगों की तलाश शुरू की गई. राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई.
जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी?
घटना के बाद से ही इमारत की स्थिति, उसके रखरखाव और प्रबंधन से जुड़े सवाल उठ रहे हैं. पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि हादसे से पहले इमारत की स्थिति कैसी थी और वहां किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं. इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इमारत से जुड़े दस्तावेज, बिजली कनेक्शन और प्रबंधन की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी.
जांच एजेंसी पूछताछ करेगी
अदालत द्वारा हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब दोनों जेल में रहेंगे. वहीं, महेश गुप्ता को मिली दो दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जांच एजेंसी उससे पूछताछ करेगी. पुलिस इस दौरान हादसे से जुड़े तथ्यों और इमारत के संचालन से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी. सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत के बाद मामले की जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होगा कि इमारत गिरने के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही और इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है.
सिंगापुर जा रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान की चेन्नई में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, 180 यात्री थे सवार
Air India Express Emergency Landing: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने वाले एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक विमान में उस समय हड़कंप मच गया जब बीच रास्ते में उसमें तकनीकी खराबी आ गई. विमान जब ऊंचाई पर सफर कर रहा था, तभी पायलट को कुछ तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ. बिना किसी देरी के पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत नजदीकी चेन्नई हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से संपर्क साधा. कंट्रोल रूम को हालात से अवगत कराते हुए विमान को चेन्नई की तरफ मोड़ने की अनुमति मांगी गई, जिसके बाद हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी से बचने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाए गए.
चेन्नई हवाई अड्डे पर आपात तैयारी
पायलट की ओर से चेतावनी मिलते ही चेन्नई हवाई अड्डे पर शाम करीब पौने छह बजे लोकल स्टैंड-बाई का एलान कर दिया गया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रनवे के आसपास राहत और बचाव से जुड़े दल तैयार कर दिए गए. कुछ ही पलों में विमान ने चेन्नई एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग की. विमान के जमीन पर पहिए छूते ही अंदर बैठे सभी लोगों ने राहत की गहरी सांस ली. अधिकारियों ने साफ किया कि विमान में मौजूद सभी 180 लोग, जिनमें मुसाफिर और चालक दल के सदस्य शामिल थे, पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
विमान की जांच और यात्रियों के लिए इंतजाम
लैंडिंग के बाद हवाई जहाज को रनवे से हटाकर खड़ा कर दिया गया है. तकनीकी भाषा में इसे एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि जब तक तकनीकी टीम इसकी पूरी पड़ताल नहीं कर लेती, तब तक यह विमान दोबारा उड़ान नहीं भरेगा. एयरलाइन के इंजीनियरों का दल विमान के हर हिस्से की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि हवा में किस वजह से रुकावट आई थी. इस पूरे घटनाक्रम के बीच चेन्नई हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह सामान्य बना रहा और अन्य उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ा. वहीं फंसे हुए यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की जा रही है ताकि वे जल्द से जल्द सिंगापुर रवाना हो सकें.
एक ही दिन में दो विमानों में गड़बड़ी
चेन्नई हवाई अड्डे के लिए यह दिन काफी हलचल भरा रहा, क्योंकि कुछ ही घंटों के अंतराल में यह दूसरी बड़ी घटना थी जब किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को तकनीकी खराबी की वजह से यहां उतारना पड़ा. इससे पहले मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से जेद्दा जा रही मलेशिया एयरलाइंस की एक उड़ान को भी चेन्नई डाइवर्ट किया गया था. मलेशिया एयरलाइंस के उस विमान में करीब एक सौ छियासी यात्री और क्रू सवार थे. उस विमान के दूसरे नंबर के इंजन में अचानक कुछ खराबी आ गई थी, जिसकी वजह से पायलट को उड़ान का रास्ता बदलना पड़ा.
मलेशियाई विमान में भी इंजन की परेशानी
मलेशिया एयरलाइंस के मामले में भी चेन्नई एयरपोर्ट पर तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे. अच्छी बात यह रही कि वह विमान भी पूरी सुरक्षा के साथ रनवे पर उतर गया था. लैंडिंग के बाद टोइंग गाड़ी की मदद से उस बड़े विमान को पार्किंग एरिया में पहुंचाया गया. उस विमान की भी तकनीकी जांच की जा रही है और उसके यात्रियों के ठहरने का उचित प्रबंध हवाई अड्डे पर ही कराया गया. एक ही दिन में दो अलग-अलग एयरलाइंस के विमानों में आई तकनीकी दिक्कतों ने सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर ला दिया. हालांकि, दोनों ही मामलों में पायलटों की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसलों की वजह से सैकड़ों लोगों की जान सुरक्षित बच गई.
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