Explainer: ऐश्वर्या राय से लेकर कैटरीना कैफ तक, इन सेलेब्स के हैं हमशक्ल, जानिए फिर क्यो है स्टारडम में जमीन-आसमान का फर्क?
Bollywood Celebs Lookalikes: शोबिज की दुनिया में चेहरा किसी आर्टिस्ट की पहचान बनाने में जरूर मदद करता है, लेकिन सिर्फ खूबसूरती या किसी बड़े स्टार से मिलती-जुलती शक्ल की वजह से वो सुपरस्टार नहीं बन सकता है. बॉलीवुड में ऐसी कई एक्ट्रेस हैं, जिनके हमशक्ल मौजूद हैं और सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से पॉपुलर हो जाती हैं. दिलचस्प बात यह है कि कई बार जिनकी शक्ल किसी बड़ी स्टार से मिलती है, उन्हें इंडस्ट्री में शुरुआत में काफी चर्चा भी मिलती है. लेकिन आगे का सफर हर किसी का अलग होता है. किसी को अपनी अलग पहचान बनाने का मौका मिलता है, तो कोई लगातार कंपैरिजन के बीच अपनी पहचान बनाने में पीछे रह जाता है.
ऐश्वर्या राय और स्नेहा उल्लाल , कैटरीना कैफ और जरीन खान, रवीना टंडन और ट्विंकल खन्ना, सोनाक्षी सिन्हा और रीना रॉय जैसी जोड़ियों का कंपैरिजन लंबे समय से होता रहा है. वहीं अनुष्का शर्मा और जूलिया माइकल्स का मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि जूलिया बॉलीवुड एक्ट्रेस नहीं बल्कि इंटरनेशनल सिंगर और सॉन्गराइटर हैं. ऐसे में इन सभी जोड़ियों के स्टारडम को समझना दिलचस्प हो जाता है कि आखिर चेहरा मिलता-जुलता होने के बावजूद इनके स्टारडम में इतना बड़ा फर्क क्यों दिखाई देता है.
ऐश्वर्या राय और स्नेहा उल्लल, हमशक्ल टैग ही बन गया पहचान
साल 2005 में सलमान खान की फिल्म 'लकी: नो टाइम फॉर लव' रिलीज हुई तो स्नेहा उल्लाल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उनकी शक्ल की हुई. स्नेहा की नीली-हरी आंखें, चेहरे की मासूमियत और स्माइल बिल्कुल ऐश्वर्या राय से मिलती है. फिल्म के साथ ही मीडिया और लोगों ने स्नेहा को ऐश्वर्या की हमशक्ल कहना शुरू कर दिया. उस समय ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की सबसे चर्चित एक्ट्रेसेस में शामिल थीं. 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी अलग जगह बनाई. स्नेहा के मामले में दिक्कतें ये आई कि उनकी शुरुआती पहचान ही किसी दूसरी एक्ट्रेस से जोड़ दी गई.लोगों ने उन्हें स्नेहा के रूप में देखने से पहले ऐश्वर्या की हमशक्ल का मानना शुरू कर दिया. ऐसे में उनके लिए अपनी अलग स्क्रीन पहचान बनाना आसान नहीं रहा. यही वजह है कि शुरुआत में पॉपुलैरिटी मिलने के बावजूद उनका करियर ऐश्वर्या जैसा नहीं बन सका.
जरीन खान को कैटरीना कैफ जैसा नहीं मिला स्टारडम
जरीन खान ने साल 2010 में सलमान खान की फिल्म 'वीर' से बॉलीवुड डेब्यू किया था. फिल्म में उन्हें देखने के बाद कई लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि वह कैटरीना कैफ जैसी दिखती हैं. उनकी मुस्कान, चेहरे की बनावट और एक्सप्रेशन तक कैटरीना से जोड़ा गया.लेकिन कैटरीना तब तक बॉलीवुड में अपनी बड़ी पहचान बना चुकी थीं. कैटरीना को स्टारडम सिर्फ उनके लुक की वजह से नहीं मिला. उनका डांसिंग टैलेंट, स्क्रीन प्रेजेंस, ग्लैमरस इमेज और बड़े स्टार्स के साथ लगातार काम करना भी उनकी स्टार इमेज का हिस्सा बना. वहीं, जरीन खान ने 'हाउसफुल 2' और 'हेट स्टोरी 3' जैसी फिल्मों में काम किया और लगातार अपनी पहचान बनाने की कोशिश की. लेकिन उनकी हमेशा से कैटरीना से तुलना होती रही. यही वजह उनके लिए धीरे-धीरे चुनौती बन गई.
रवीना टंडन और ट्विंकल खन्ना में कौन हैं ज्यादा पॉपुलर?
90 के दशक की हीरोइन रवीना टंडन और ट्विंकल खन्ना का एक जैसा लगता है. कई दर्शक भी उनके बीच डिफरेंस को समझ नहीं पाते हैं. दोनों की चेहरे की बनावट, नाक और चीकबोन्स को लेकर फैंस अक्सर कंपेयर करते थे. उस दौर में सोशल मीडिया नहीं हुआ करता था. इसलिए मैगजीन और फिल्मों के पोस्टर्स को लेकर चर्चा होती थी. रवीना टंडन ने अपने करियर में 'मोहरा', 'दिलवाले' और 'अंदाज अपना अपना' जैसी कई शानदार फिल्में कीं. वहीं, ट्विंकल खन्ना का फिल्मी बैकग्राउंड बेहद स्ट्रॉन्ग था. वह सुपरस्टार राजेश खन्ना और एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया की बेटी हैं. इसके बावजूद उनका मन लंबे समय तक एक्टिंग में नहीं लगा. ऐसे में इन दिनों की पॉपुलैरिटी को कंपेयर करना सही नहीं होगा क्योंकि दोनों ही आज भी बराबर की पॉपुलर हैं.
सोनाक्षी सिन्हा और रीना रॉय
जब शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने साल 2010 में 'दबंग' से बॉलीवुड में एंट्री की, तो उनकी तुलना उनकी मां पूनम सिन्हा से ज्यादा एक्ट्रेस रीना रॉय से की गई. सोनाक्षी की बड़ी आंखें, चेहरे की बनावट और एक्सप्रेशन रीना रॉय से मिलते-जुलते बताए जाते हैं. सोनाक्षी सिन्हा दबंग के बाद 'राउडी राठौर' और 'लुटेरा' जैसी कई शानदार फिल्में कीं. बाद में 'दहाड़' और 'हीरामंडी' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई. दूसरी तरफ रीना रॉय अपने टाइम की बड़ी स्टार थीं. उन्होंने 'नागिन' और 'कालीचरण' जैसी फिल्में कीं. लेकिन समय के साथ वह फिल्मों से दूर होती गईं. यही वजह है कि आज की युवा ऑडियंस सोनाक्षी को ज्यादा पहचानती है, जबकि 70 और 80 के दशक की ऑडियंस के लिए रीना रॉय का स्टारडम बहुत बड़ा था. ऐसे में इन दोनों के बीच पॉपुलैरिटी को कंपैरिजन करना सही नहीं होगा.
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अनुष्का शर्मा और जूलिया माइकल्स, दोनों ही अपने ही फील्ड में हैं पॉपुलर
अनुष्का शर्मा और जूलिया माइकल्स का फील्ड अलग है. जूलिया माइकल्स बॉलीवुड एक्ट्रेस नहीं हैं. वह अमेरिकन सिंगर और सॉन्गराइटर हैं. कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं, क्योंकि फैंस ने उनका चेहरा अनुष्का शर्मा से काफी मिलता-जुलता बताया. जूलिया और अनुष्का ने भी सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की तस्वीरों को लेकर मजेदार रिएक्शन दिया था. अनुष्का शर्मा ने'रब ने बना दी जोड़ी' से बॉलीवुड में शुरुआत की. इसके बाद 'बैंड बाजा बारात', 'पीके' और 'सुल्तान' जैसी शानदार फिल्में की. इससे उन्हें टॉप एक्ट्रेसेस में जगह मिली. वहीं जूलिया माइकल्स की पहचान म्यूजिक इंडस्ट्री में है. इसलिए अगर इंडिया की बात करें तो अनुष्का की पॉपुलैरिटी ज्यादा नजर आती है. इसकी वजह यह नहीं है कि जूलिया कम पॉपुलर हैं. दरअसल, दोनों की ऑडियंस ही अलग है. अनुष्का में इंडिया में ज्यादा पॉपुलर हैं तो जूलिया इंटरनेशनल म्यूजिक को पसंद करने वालों के बीच फेमस हैं.
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अमन अरोड़ा ने दुबई समिट में UAE के निवेशकों को किया आकर्षित, आसान क्लीयरेंस के साथ पूरे सहयोग का दिलाया भरोसा
मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रयास कर रही है. पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अमान अरोड़ा ने सोमवार को दुबई में 'एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग' (AIM) के दौरान UAE इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल (UAEIIC) के सेक्रेटरी जनरल महामहिम अब्दुल्ला अहमद अल सुवेदी से मुलाकात की. इस बैठक में राज्य में निवेश लाने के व्यापक अवसरों पर चर्चा की गई.
आर्थिक क्षमता पर चर्चा की
बैठक के दौरान, उद्योग मंत्री ने महामहिम अब्दुल्ला अहमद अल सुवेदी के साथ पंजाब की विशाल आर्थिक क्षमता पर चर्चा की और UAE के निवेशकों को सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारी के माध्यम से तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया.
लॉजिस्टिक्स संबंधी सुविधाएं
राज्य सरकार के संकल्प को दोहराते हुए, अमान अरोड़ा ने UAEIIC को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार राज्य में अपना कामकाज शुरू करने या विस्तार करने की चाह रखने वाली वैश्विक कंपनियों को पूरा प्रशासनिक सहयोग, हर कदम पर मदद और लॉजिस्टिक्स संबंधी सुविधाएं देगी. उन्होंने जोर दिया कि सीएम भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब UAE-स्थित निवेशकों और संस्थागत फंडों के साथ लंबे समय तक चलने वाली और आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने का इच्छुक है.
जरूरी मंजूरी और क्लीयरेंस
राज्य में निवेशकों के अनुकूल सुधारों पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने 'इन्वेस्ट पंजाब' के माध्यम से व्यापार करने में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) का जिक्र किया. यह राज्य का एक एकीकृत सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म है जो निवेश की प्रक्रिया को सुचारू और परेशानी-मुक्त बनाने के लिए तुरंत जरूरी मंजूरी और क्लीयरेंस देता है.
पारदर्शी शासन व्यवस्था
अमान अरोड़ा ने कहा, "पंजाब उद्यमियों के लिए बहुत अच्छा माहौल, बेहतरीन मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, कुशल तकनीकी मैनपावर और पारदर्शी शासन व्यवस्था प्रदान करता है. हम UAE के व्यापारिक नेताओं को पंजाब की आर्थिक विकास की कहानी में सक्रिय भागीदार बनने के लिए आमंत्रित करते हैं." UAE इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल (UAEIIC), जो UAE की सार्वजनिक और निजी संस्थाओं को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को बाहर भेजने के लिए एकजुट करती है, ने राज्य के प्रतिनिधिमंडल की इस सक्रिय पहल का स्वागत किया. इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मज़बूत संस्थागत संबंध बनाना था ताकि UAE और पंजाब के बीच सीधे पूंजी का प्रवाह और संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) स्थापित हो सकें. बातचीत को लेकर भरोसा जताते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि यह पहल एक अहम पड़ाव है, जो पंजाब में गहरे द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग, मजबूत कारोबारी रिश्तों और बड़े पैमाने पर निवेश के रास्ते खोलेगी.
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