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Pak match fixing allegations: पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग का साया? लॉर्ड्स टेस्ट के बाद PCB ने शुरू की जांच

pakistan cricket match fixing allegations: इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मचा घमासान अब जांच तक पहुंच गया है। लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रन की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने खिलाड़ियों के अनुशासन और आचरण को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। PCB के प्रवक्ता आमिर मीर ने सोमवार, 7 सितंबर को इसकी पुष्टि की। हालांकि, बोर्ड ने यह नहीं बताया कि जांच किस खिलाड़ी या किस घटना को लेकर है।

आमिर मीर ने कहा कि PCB ने मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। उन्होंने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया बोर्ड के नियमों के तहत होगी और संबंधित सभी लोगों का पक्ष ध्यान में रखा जाएगा।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान टीम में पहले ही बड़ा फेरबदल हो चुका है। इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराया था। इसके बाद लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली और इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।

एक साथ बड़ी कार्रवाई से भी शक 
दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद आवैस जफर को टीम से बाहर कर दिया। वहीं हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल की भी छुट्टी कर दी गई। इनकी जगह सात खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। इनमें सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं। पांच खिलाड़ी अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाए हैं।

डायरेक्टर ने ही उठाए सवाल 
मामला तब और गरमा गया जब PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने इमाम-उल-हक की चोट पर सवाल उठाए। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम को मामूली कैल्फ इंजरी हुई थी और वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। आकिब ने कहा कि मांसपेशियों की ऐसी चोट बल्लेबाजी से पूरी तरह रोक दे, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इमाम के खिलाफ जांच की बात भी कही।

इसी बीच पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीम में हुए बदलावों के पीछे सिर्फ खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि क्रिकेट से ज्यादा कुछ कारण हो सकते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB के पास जमा होने की बात कही गई। हालांकि बोर्ड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इन खबरों के बीच 2010 के लॉर्ड्स स्पॉट-फिक्सिंग कांड की यादें भी ताजा हो गई हैं। उस समय सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को जानबूझकर नो-बॉल कराने के मामले में सजा मिली थी।

हालांकि, मौजूदा जांच को PCB ने मैच फिक्सिंग से नहीं जोड़ा है। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करने की अपील की है। फिलहाल जांच जारी है और यह साफ नहीं है कि इसका अंत किस कार्रवाई के साथ होगा।

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OpenAI के मुख्य वैज्ञानिक Jakub Pachocki ने दी चेतावनी, AI के तेज विकास के लिए दुनिया तैयार नहीं

नयी दिल्ली, सात सितंबर लोकप्रिय एआई टूल चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के मुख्य वैज्ञानिक याकूब पाचोकी ने कृत्रिम मेधा (एआई) के तेजी से बढ़ते विकास को लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि मशीनी बुद्धिमत्ता में तेज वृद्धि के परिणामों के लिए कोई भी तैयार नहीं है। पाचोकी ने ‘एन एलियन माइंड’ शीर्षक से लिखे पोस्ट में कहा, ‘‘एआई के विकास की मौजूदा रफ्तार जारी रही तो अगले कुछ साल में इसकी क्षमताओं में बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है और यह अपने विकास को भी तेजी से आगे बढ़ा सकता है। यह ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने वाला समय है।’’ उन्होंने कहा कि जब तक एआई की सुरक्षा के लिए साझा मानक तय नहीं होते, तब तक इसके विकास की गति को स्वैच्छिक रूप से धीमा करना आम बात बननी चाहिए।

साथ ही, एआई के भविष्य के विकास पर अंतरराष्ट्रीय समन्वय को दुनिया भर की सरकारों की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एआई एजेंट (स्वतंत्र रूप से कई चरणों वाले कार्यों की योजना बनाकर उन्हें पूरा कर सकने वाली प्रणालियां) एआई विकास की नई सीमा बनकर उभर रहे हैं। इनकी बढ़ती स्वायत्तता के बीच ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें एजेंट ने अपने निर्धारित कार्यों को पूरा करते हुए अनपेक्षित कदम भी उठाए।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में ओपनएआई के एआई एजेंट के एक समूह ने परीक्षण के दौरान जर्मनी की एक समुदाय-संचालित प्रोग्रामिंग वेबसाइट के कुछ पेज पर कथित रूप से नियंत्रण हासिल कर लिया और उनका इस्तेमाल संचार मंच के रूप में किया। जुलाई में ओपनएआई ने ऐसी एक अन्य घटना की जानकारी दी थी, जिसमें उसके एजेंट परीक्षण के लिए तैयार नियंत्रित माहौल से बाहर निकलकर एआई मंच हगिंग फेस द्वारा संचालित प्रणालियों तक पहुंच गए थे। पाचोकी ने इस पोस्ट में कहा कि तर्क करने में सक्षम भाषाई मॉडल अब विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाने, कंप्यूटर और ग्राफिकल इंटरफेस संचालित करने, लोगों तथा एक-दूसरे के साथ सहयोग करने और शोध परियोजनाएं चलाने लगे हैं।

हालांकि, ये कंप्यूटर सुरक्षा के परिदृश्य को भी बदल रहे हैं और नए स्पष्ट जोखिम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मशीनी बुद्धिमत्ता इंसानी बुद्धिमत्ता से मौलिक रूप से अलग प्रक्रिया से विकसित होती है। इसलिए यह मान लेना उचित नहीं है कि एआई अपने आप मानवीय सिद्धांतों का पालन करेगा।’’ उन्होंने कहा कि एआई अनुसंधान की मूल समस्या यह सुनिश्चित करना है कि एआई मानवीय मानकों के अनुरूप सही काम करने की कोशिश करे।

पाचोकी ने कहा कि ओपनएआई एआई को मानवीय मूल्यों के अनुरूप बनाने, उसकी निगरानी के लिए तकनीकी समाधान तलाशने और सुरक्षा प्रणालियां तैयार करने पर काम करती रहेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर हस्तक्षेप भी जरूरी हैं। उन्होंने मानवीय नियंत्रण बनाए रखने और ऐसी स्थिति से बचने की जरूरत बताई जिसमें एआई के कारण शक्ति कुछ लोगों के हाथों में अत्यधिक केंद्रित हो जाए।

ओपनएआई के मुख्य वैज्ञानिक ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं और चाहता हूं कि साझा सुरक्षा मानक तय होने तक एआई विकास की गति को स्वैच्छिक रूप से धीमा करना एक आम बात हो जाए।” उन्होंने कहा कि एआई के भविष्य के विकास पर अंतरराष्ट्रीय समन्वय को सरकारों की शीर्ष प्राथमिकता बनना चाहिए।

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  Sports

England से हार के बाद PCB का 'Clean Sweep' प्लान, Shoaib Akhtar बोले- 2 साल तक टीम से कोई उम्मीद नहीं

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहने के बाद अब पूरा क्रिकेट ढांचा बदलाव के दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इंग्लैंड ने पहले दोनों टेस्ट जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। हेडिंग्ले में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हार मिली थी, जबकि लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने 194 रन से बाजी मारी।

लगातार दो बड़ी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम और उसके सहयोगी दल में बड़े बदलाव किए हैं। सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग व्यवस्था से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह माइक हेसन को टीम की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एश्ले नॉफ्के को सहायक की भूमिका सौंपी गई है।

इसके अलावा तीसरे और अंतिम टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया है। इनमें अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इस फैसले से संकेत मिल रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब मौजूदा खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी टीम में हो रहे इन बदलावों को लेकर अपनी राय रखी है। एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अख्तर ने कहा कि उन्हें लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का मौजूदा खिलाड़ियों के एक बड़े हिस्से पर भरोसा लगभग खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, बोर्ड अब इंग्लैंड में मिली हार को केवल एक खराब दौरे के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि इसे टीम के व्यापक पुनर्निर्माण के मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

शोएब अख्तर के मुताबिक, बोर्ड मौजूदा टीम को हटाकर नए और युवा खिलाड़ियों को आगे लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए खेलने की इच्छा रखने वाले नए खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जा रहा है और भविष्य के लिए टीम तैयार करने की कोशिश हो रही है।

हालांकि, अख्तर ने इस बदलाव के दौरान कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के करियर को बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने खास तौर पर शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ का नाम लिया। उनका कहना है कि इन तीनों तेज गेंदबाजों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है और बदलाव की प्रक्रिया में उनके भविष्य का ध्यान रखा जाना चाहिए।

अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी के साथ हुई कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अधिकारी से पूछा कि इंग्लैंड दौरे पर मौजूदा टीम से बोर्ड को क्या उम्मीद है, तो जवाब बेहद सीधा था। अख्तर के अनुसार अधिकारी ने कहा कि मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं है और बोर्ड की उम्मीदें अगली पीढ़ी के उन खिलाड़ियों से हैं, जिन्हें बड़े मंच के लिए तैयार किया जा रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इसे पटरी पर लौटने में करीब दो साल लग सकते हैं। उन्होंने लाहौर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी का भी जिक्र किया, जहां दूसरे टेस्ट के दौरान वह पहुंचे थे। अख्तर ने कहा कि करीब 26 साल बाद अकादमी में बुनियादी ढांचे से जुड़े काम होते दिखाई दे रहे हैं।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने टीम के प्रदर्शन पर भी कड़ी टिप्पणी की। उनका कहना था कि इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान की टीम में संघर्ष करने का जज्बा नजर नहीं आया। लगातार दो बड़ी हार ने टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और दबाव झेलने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि अब पाकिस्तान के सामने एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट की चुनौती है। इंग्लैंड पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका है और उसकी नजर अब पाकिस्तान का 3-0 से सफाया करने पर होगी। वहीं पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सिर्फ हार से बचने का अवसर नहीं है, बल्कि बदली हुई टीम और नए कोचिंग ढांचे के साथ भविष्य की दिशा तय करने का मौका भी माना जा रहा है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हालिया फैसलों और शोएब अख्तर की टिप्पणियों से साफ है कि टीम की समस्या को अब केवल इंग्लैंड दौरे की हार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों को मौका देना, ढांचे में बदलाव करना और लंबे समय के लिए मजबूत टीम तैयार करना पाकिस्तान क्रिकेट की प्राथमिकता बनती दिखाई दे रही है। आने वाले दो साल इस पुनर्निर्माण की सफलता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Mon, 07 Sep 2026 21:35:00 +0530

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