कानपुर में बहू ने करोड़पति ससुर की हत्या कराई:नौकर को बेडरूम में छिपाया, फोन पर गाइड करती रही; शक न हो इसलिए खूब रोई
कानपुर में करोड़पति दवा करोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या उनकी 36 साल की इकलौती बहू ने कराई थी। वजह थी- बंदिशें…। विनीत बहू पर CCTV से नजर रखते थे। उसे पैसे भी उतने ही देते थे, जो जरूरी होते थे। देर रात घूमने और पार्टी करने वाली बहू ने नौकर विशाल (30) को 6 लाख में सुपारी दी, बदले में नौकर ने 26 बार चाकू से गोदकर विनीत को मार दिया। हत्यारोपी नौकर के कबूलनामे के बाद पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू को हिरासत में ले लिया है। पहले वह पुलिस को गुमराह करती रही। फिर सख्ती करने के बाद उसने अपना जुर्म कबूल लिया। पूछताछ में बहू ने रोते हुए कहा- करोड़पति परिवार की बहू होने के बाद भी मेरे और पति के खर्च पर ससुर का पूरा नियंत्रण था। छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी ससुर से पैसे मांगने पड़ते थे। पाई-पाई के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता था। इसलिए नौकर से मर्डर करा दिया। पुलिस ने शालू की कॉल डिटेल भी निकालवाई। हत्या की रात शालू और नौकर विशाल के बीच 14 बार बात हुई थी। शुरुआती जांच में पति सुब्रत का हत्याकांड में कोई रोल नहीं मिला है। हालांकि पुलिस ने उसे थाने में बैठा रखा है। दरअसल, कानपुर में शनिवार रात 11:28 बजे विनीत मिनोचा की उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त वह अकेले थे। बेटा-बहू पार्टी में गए थे। रविवार तड़के 3 बजे जब वह वापस आए तो विनीत की खून से लथपथ लाश उनके बेडरूम में मिली थी। शालू रोने और बेहोश होने का नाटक करती रही थी। मामला शहर के पॉश इलाके कल्याणपुर में रतन आर्बिट अपार्टमेंट का है। CCTV में नौकर और उसका साथी नजर आया, एनकाउंटर में अरेस्ट कानपुर पुलिस ने CCTV चेक किए तो नौकर विशाल और उसका साथी राज किशोर (30) अपार्टमेंट में दाखिल होते और फ्लैट से बाहर निकलते नजर आए। पुलिस ने रविवार देर रात एनकाउंटर में दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी विशाल से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि कारोबारी की हत्या क्यों की? जवाब में उसने कहा- ‘बहू शालू के कहने पर हत्या की। उन्होंने पैसे देने के लिए कहा था।’ नौकर के इस बयान के बाद हत्याकांड में नया मोड़ आ गया। पुलिस रातों रात शालू को पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। गार्ड बोला- शालू मैडम ने कहा था- इन्हें अंदर आने दो 28 जुलाई को ससुर ने डांटा, उसी दिन बहू ने हत्या कराने का मन बनाया DCP बोले- हत्या को हार्टअटैक का रूप देने की थी प्लानिंग घटना के दिन 14 बार की थी फोन पर बात पुलिस ने शालू और विशाल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगालनी शुरू की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में सामने आया कि 1 जुलाई से घटना के दिन तक शालू और विशाल की करीब 35 से 40 बार फोन पर बातचीत हुई थी। सीडीआर में सामने आया कि दोनों के बीच लंबी बातचीत नहीं हुई, अक्सर दोनों के बीच डेढ़ से दो मिनट ही बात होती थी। घटना के दिन यानी की शनिवार को दोनों के बीच 14 बार बातचीत हुई थी, सुबह 9 बजे पहले बार शालू ने विशाल को फोन किया था, जो देर रात तक जारी रहा। 2022 में चोरी के आरोप में विशाल को नौकरी से निकाला था पुलिस अधिकारियों ने बताया, विशाल, दवा कारोबारी की बिरहाना रोड स्थित दुकान में 2010 से काम कर रहा था। 2022 में दुकान से चोरी करते हुए कारोबारी विनीत ने उसे पकड़ लिया था। डांट फटकार के बाद उन्होंने विशाल को नौकरी से निकाल दिया। जिसके बाद विशाल कारोबारी के बेटे सुब्रत के कहने पर छोटे मोटे कामों के लिए घर आता जाता था। कारोबारी हत्याकांड में 3 वजहें, जिससे बहू की पोल खुली- दवा के थोक विक्रेता थे, बेटे के साथ संभालते थे कारोबार करोबारी विनीत रतन आर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर C-104 फ्लैट में परिवार संग रहते थे। 4 कमरों और डाइनिंग रूम वाले इस फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। विनीत बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। विनीत बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। सालाना टर्नओवर 50 से 60 करोड़ का था। परिवार में पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और 6 साल का पोता श्रीजय हैं। शालू और सुब्रत की शादी 7 साल पहले हुई थी। सुब्रत की ससुराल लखनऊ में है। पत्नी पुनीता मैरिज काउंसलर हैं। वह एक सप्ताह पहले गाजियाबाद गई थीं। बेटी सुभानी और दामाद गुरुग्राम में रहते हैं। दोनों इंजीनियर हैं। कारोबारी को पहले से थी अनहोनी की आशंका पुलिस का मानना है कि बहू शालू से झगड़े के बाद दवा कारोबारी विनीत को अपने साथ अनहोनी की आशंका थी। मिनोचा ने एक जुलाई को अपने 3 BHK फ्लैट में CCTV लगवाए थे। पहला कैमरा- मेनगेट के सामने लगा था, जो पूरा डाइनिंग हॉल कवर करता था। जबकि दूसरा कैमरा फ्लैट के अन्य कमरों में जाने वाले बालकनी में लगा था, जो कमरे की इंट्री–एग्जिट प्वाइंट को कैद करता था। 16 कर्मचारी और परिवार वाले रहते थे परेशान पुलिस पूछताछ में सामने आया कि विनीत मिनोचा की फर्म में 16 कर्मचारी हैं। उम्र बढ़ने से विनीत मिनोचा चिड़चिड़े हो गए थे। वे हर किसी से गाली गलौज से बात करते थे और हर किसी को शक की नजर से देखते थे। इसी वजह से उनकी फर्म का हर व्यक्ति परेशान था, कोई भी उनके सामने नहीं आता था। शालू के पिता लखनऊ में कपड़ा कारोबारी शालू मिनोचा के नरेश अरोड़ा कपड़ा कारोबारी हैं। वे लखनऊ के ठाकुरगंज में रहते हैं। नरेश ने बेटी की शादी लखनऊ से की थी। उनका एक बेटा श्रीजय है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने कहा- विनीत मिनोचा कानपुर के टॉप-5 दवा कारोबारियों में शामिल थे। बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। सलाना 40-50 करोड़ का टर्नओवर था। हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बहू के शामिल होने की जांच की जा रही है। 45 सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती, फिर भी नहीं लगी भनक हत्या के बाद रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। यहां 1056 फ्लैट और 27 बंगले हैं। हर परिवार में औसतन पांच सदस्य मान लिए जाएं तो करीब 5500 लोग यहां रहते हैं। सिक्योरिटी इंचार्ज समेत करीब 45 गार्ड तैनात हैं। एंट्री गेट से लेकर पूरे कैंपस में 650 कैमरे लगे हैं। वहीं फ्लैट के अंदर मालिकों ने कैमरे लगा रखे हैं। मुख्य गेट पर रोजाना चार गार्ड की ड्यूटी रहती है, लेकिन शनिवार को एक गार्ड छुट्टी पर था। इसके चलते मुख्य गेट पर तीन गार्ड तैनात थे, जबकि बाकी गार्ड अलग-अलग ब्लॉक में ड्यूटी करते हैं। पुलिस को मुख्य गेट के रजिस्टर में रात 8:28 बजे के बाद सीधे रात 10 बजे एक दूधवाले की एंट्री मिली है। इस बीच किसी अन्य व्यक्ति की एंट्री दर्ज नहीं है। पुलिस अब रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… करोड़पति दवा कारोबारी को नौकर ने गला काटकर मार डाला:बोला- बहू के कहने पर हत्या की; कानपुर पुलिस ने एनकाउंटर कर 2 को पकड़ा कानपुर में 63 साल के करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या उनके नौकर ने अपने साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने रविवार शाम 7:30 बजे दोनों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी विशाल गौतम (30) और राज किशोर (30) हैं। विशाल कारोबारी का नौकर है। उसने बताया- हमने कारोबारी की बहू के कहने पर हत्या की थी। उन्होंने पैसे देने के लिए कहा था। पढ़ें पूरी खबर…
न्यूरेमबर्ग ट्रायल्स: जब नाजी हुए कठघरे में खड़े [The history of Nuremberg Trails]
न्यूरेमबर्ग पैलेस ऑफ जस्टिस का कोर्ट रूम 600 नाजियों को उनके किए की सजा मिलने का गवाह बना. यह वही जगह थी जहां हिटलर और नाजी शासन ने यहूदी विरोधी कानून की नींव रखी थी. और फिर इसी शहर में नाजी सरकार के लोगों को उनके अत्याचारों की सजा भी सुनवाई गई. एक ऐसी अदालती कार्रवाई हुई जिसे पूरी दुनिया ने देखा. यहां होलोकॉस्ट के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की गई, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसा कभी दोबारा न हो. Courtroom 600 in Nuremberg's Palace of Justice became the stage for one of history's most consequential trials. A decade after Nuremberg gave its name to the Nazi regime's anti-Semitic laws, the city witnessed a dramatic reckoning. Here, leading members of Hitler's regime were put on trial before the world for war crimes, crimes against humanity, and the horrors of the Holocaust. The proceedings would not only hold perpetrators accountable, but also lay the foundations of modern international justice. #DWHindi #BaebaakIsha #DWHistory #NurembergTrials
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