बिहार में नदियों का पानी ओवरफ़्लो होने से 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे लगभग 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैशाली और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रही कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित अलग-अलग ज़िलों में 190 कम्युनिटी किचन्स चलाई जा रही हैं, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके डिप्टी विजय कुमार चौधरी ने वैशाली और भागलपुर में कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार नदी के तटबंधों की निगरानी करें और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखें। उन्होंने सारण में भी कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसा। इस दौरान सीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खुद भी भोजन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हर समस्या, हर कदम पर जनता के साथ हूँ!
उन्होंने कहा कि वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हाजीपुर एवं सोनपुर के राहत शिविरों का निरीक्षण किया। राहत शिविर में लोगों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ भोजन भी किया। आपदा पीड़ितों को सहायता राशि भी दी गई एवं प्रभावित किसानों को फसल क्षति का समुचित मुआवजा दिया जाएगा। आमजन की सुरक्षा और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
पटना में गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा नदी के जलस्तर के बाढ़ के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के बाद अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं और बिहार के 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज़्यादा है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें
National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Continue reading on the app