Responsive Scrollable Menu

जावद में ‘चड्डी गैंग’ की दहशत: थाने के सामने से बेखौफ गुजरे 5 नकाबपोश बदमाश, सूने मकान से नकदी-जेवर पार

नीमच के जावद कस्बे में बेखौफ बदमाशों की सक्रियता ने पुलिस गश्त और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार तड़के करीब 3:30 से 4 बजे के बीच नीमच रोड इलाके में कुख्यात ‘चड्डी गैंग’ शैली के 5 नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। हैरानी की बात यह है कि यह गिरोह जावद पुलिस थाने के ठीक सामने से बेखौफ होकर गुजरा और इलाके में एक सूने मकान को निशाना बनाकर सोने के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

जानकारी के अनुसार, नीमच रोड स्थित ‘मुच्छाल जी की मल्टी’ में विद्युत विभाग (MPSEB) में पदस्थ शशिकांत मीणा का मकान सूना था। तड़के मुंह पर कपड़ा बांधे और अंडरगार्मेंट्स/शॉर्ट्स पहने 5 संदिग्ध बदमाश मल्टी परिसर में घुसे। उन्होंने सूने मकान का ताला चटकाकर भीतर रखी नकदी और सोने-चांदी के जेवरातों पर हाथ साफ कर दिया।

पड़ोसियों के घरों की बाहर से लगाई कुंडी

वारदात के दौरान कोई पड़ोसी बाहर न आ सके और शोर सुनकर विरोध न कर सके, इसके लिए बदमाशों ने शातिराना तरीका अपनाया। चोरों ने आसपास के सभी मकानों के दरवाजों पर बाहर से कुंडी (सांकल) लगा दी, ताकि अंदर सो रहे लोग बाहर न निकल सकें और उन्हें पकड़ने का कोई प्रयास न हो सके।

3-4 बाइकों के लॉक तोड़े, वायरिंग काटकर ले जाने की कोशिश नाकाम

सूने मकान में चोरी करने के बाद बदमाशों ने मल्टी परिसर और सड़क किनारे खड़ी 3 से 4 मोटरसाइकिलों को चुराने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि बदमाश दोपहिया वाहनों के लॉक तोड़कर उनकी वायरिंग काटकर डायरेक्ट स्टार्ट करने की कोशिश करते रहे। हालांकि, वाहन स्टार्ट न होने या किसी आहट के चलते वे बाइक ले जाने में नाकाम रहे और मौके से पैदल ही फरार हो गए। इसके अलावा आसपास के अन्य मकानों में भी घुसपैठ का प्रयास किया गया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई करतूत, पुलिस तलाश में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही सुबह इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय नागरिकों ने जब अपने सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की, तो नकाबपोश बदमाशों का पूरा मूवमेंट सामने आ गया। फुटेज में सभी पांचों बदमाश बेखौफ अंदाज में सड़कों और गलियों में घूमते नजर आ रहे हैं। जावद  थाना प्रभारी मनोज जादौन का कहना है सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध नकाबपोश युवक नजर आए हैं। एक सूने मकान में चोरी की घटना सामने आई है। फुटेज के आधार पर बदमाशों के हुलिए और आने-जाने के रास्तों की तकनीकी जांच की जा रही है। संदिग्धों की तलाश में पुलिस टीमें रवाना की गई हैं, जल्द ही गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इलाके में दहशत, रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग

कस्बे के मुख्य मार्ग और थाने के नजदीकी इलाके में इस तरह संगठित गिरोह द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व भय का माहौल है। नागरिकों का कहना है कि मुख्य सड़कों पर पुलिस की प्रभावी रात्रि गश्त न होने के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि पेट्रोलिंग कड़ी करने और जल्द से जल्द बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Continue reading on the app

मुकेश नायक ने शिक्षा व्यवस्था पर MP सरकार को घेरा, कहा “युवाओं का भविष्य संकट में”

मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को लेकर बड़े दावे कर रही है लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षकों की कमी, परीक्षा परिणामों में देरी, डिग्री मिलने में विलंब और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर युवाओं में असंतोष है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश के 7,217 स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि स्कूलों और विश्वविद्यालयों में लगभग 65 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

शिक्षा की स्थिति पर जताई चिंता

मुकेश नायक ने पन्ना जिले के पवई ब्लॉक के मोहंदरा शासकीय कन्या विद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राजनीति शास्त्र के शिक्षक 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भौतिकी पढ़ाते पाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक बाजार से खरीदी गई गाइड देखकर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। कांग्रेस नेता ने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 463 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। इसके अलावा मिड-डे मील और पोषण आहार की व्यवस्थाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

शिक्षा बजट और निजी विश्वविद्यालयों की स्थिति 

मुकेश नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुल बजट में शिक्षा की हिस्सेदारी 13.7 प्रतिशत है। उन्होंने इसे सरकार की शिक्षा संबंधी प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करने वाला आंकड़ा बताया। उन्होंने प्रदेश में संचालित 54 निजी विश्वविद्यालयों के नियमन और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नए विश्वविद्यालयों की मंजूरी वास्तविक भौतिक सत्यापन के बजाय दस्तावेजों के आधार पर दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विश्वविद्यालयों में नियमित कक्षाएं और परीक्षाएं समय पर नहीं होतीं।

परीक्षा परिणाम और डिग्री में देरी का मुद्दा

कांग्रेस नेता ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणाम घोषित होने में छह महीने से एक साल तक का समय लग जाता है और विद्यार्थियों को चार-चार साल तक डिग्री नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर युवाओं के करियर पर पड़ता है और कई विद्यार्थी नौकरी के लिए आवेदन की निर्धारित आयु सीमा से बाहर हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, इंटरनेट माइनिंग और इंटरनेशनल टूरिज्म जैसे आधुनिक क्षेत्रों में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन प्रदेश के विश्वविद्यालयों में रोजगारोन्मुख और आधुनिक पाठ्यक्रमों के विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

खेल सुविधाओं और विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस पर सवाल

मुकेश नायक ने स्कूल-कॉलेजों में अकादमिक और खेल-कैलेंडर को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि खेल और रेड क्रॉस के नाम पर विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जगह विद्यार्थियों के हित में खर्च होने वाले धन का उपयोग एसी, पर्दे और अन्य सुविधाओं पर किए जाने की शिकायतें मिली हैं। कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट, ब्लेजर और यात्रा जैसी जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। जिलों में बनाए गए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों के कारण खिलाड़ी वहां जाने से डरते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा 

वहीं, कांग्रेस नेता स्वतंत्र सिंह चौहान ने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं का परीक्षा कैलेंडर समय पर लागू नहीं होता। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षाओं की अलग-अलग शिफ्टों और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि एमपीपीएससी की परीक्षाओं में पिछले वर्षों में प्रश्नों में गलतियों और विवादों की स्थिति सामने आती रही है। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश में करीब एक लाख शिक्षक पद खाली होने का दावा किया। स्वतंत्र सिंह चौहान ने उत्तर पुस्तिकाओं और ओएमआर शीट देखने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता युवाओं का अधिकार है और सरकार को इसे सुनिश्चित करना चाहिए।

19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम

इस अवसर पर मुकेश नायक ने कहा कि राहुल गांधी के छात्र संवाद के तहत 19 सितंबर को इंदौर में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीयन करने की अपील की। पत्रकार वार्ता में स्वदेश शर्मा, विक्रम चौधरी, राहुल राज, अपराजिता पांडे और अभिनव बरोलिया सहित कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Continue reading on the app

  Sports

South Africa ODI Squad: साउथ अफ्रीका ने किसे टीम से निकाल दिया जिसके बाद ‘बवाल’ हो गया?

साउथ अफ्रीका को आने वाली 24 सितंबर से ऑस्ट्रेलियाई टीम की मेजबानी करनी है, जहां दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज के लिए ही चुने गए स्क्वॉड को लेकर बवाल हो रहा है. Mon, 07 Sep 2026 18:14:25 +0530

  Videos
See all

Suraksha Sabha Aaj Tak | AI से बदलेगी युद्ध की तस्वीर! Future Warfare पर Defense Experts की बड़ी बात #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T13:09:01+00:00

Dangal With Sahil Joshi: मंदिर पर कोई आपत्ति नहीं होती मस्जिद पर हाय-तौबा मचाते हैं- Rakesh Tripathi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T13:05:41+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers