नीमच की बदहाल सड़क पर बड़ा हादसा, कच्चे रास्ते में पलटा भारी ट्रक, दो घायल
सिरखेड़ा गांव की करीब 700 लोगों की आबादी लंबे समय से इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय सड़क की हालत और ज्यादा खराब हो जाती है। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
2 किलोमीटर का रास्ता बना हादसों का खतरा
चंल्दू पुलिया और सिरखेड़ा के बीच का यह कच्चा रास्ता कई साल से खराब हालत में है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ साल पहले इसी रास्ते की खराब हालत के कारण एक नर्स की जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी सड़क को पक्का करने की दिशा में कोई बड़ा काम नहीं हुआ। अब ट्रक पलटने की घटना के बाद एक बार फिर सड़क की हालत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
फैक्ट्री के भारी वाहनों से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, चंल्दू और सिरखेड़ा के बीच स्थित फैक्ट्री के कारण इस रास्ते पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। करीब 2 किलोमीटर का संकरा कच्चा रास्ता इन वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रहा है। कई जगह सड़क धंस चुकी है और गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारी ट्रक और अन्य वाहन यहां फंसने के साथ-साथ कई बार पलटने के खतरे में रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पक्की होती तो लोगों को काफी राहत मिल सकती थी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की पक्की सड़क की मांग
ट्रक पलटने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जिम्मेदार विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करीब 700 लोगों की आवाजाही के लिए इस सड़क का ठीक होना जरूरी है। ग्रामीण चाहते हैं कि चंल्दू पुलिया से सिरखेड़ा तक के 2 किलोमीटर रास्ते को जल्द पक्का किया जाए और भारी वाहनों की आवाजाही को भी सुरक्षित बनाया जाए। ग्रामीणों का सवाल है कि सड़क की हालत कब सुधरेगी और किसी बड़े हादसे से पहले जिम्मेदार विभाग कब जागेगा। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
ग्वालियर में देर रात अवैध शराब और नकली पेट्रोल बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी, 2600 लीटर इथेनॉल जब्त, मामला दर्ज
मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुए मौतों की घटना सामने आने के बाद हडकंप मचा हुआ है, आबकारी आयुक्त के निर्देश के बाद आबकारी अमला फील्ड में है, आबकारी मुख्यालय ग्वालियर के अधिकारी भी जब मैदान में उतरे तो उन्हें उनकी ही नाक के नीचे ही अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री चलती मिली, अफसर उस समय चौंक गए जब उन्हें अवैध शराब के साथ साथ यहाँ नकली पेट्रोल बनाने का भी कारोबार पकड़ में आया, आबकारी विभाग ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद दोनों विभागों में अपने अपने अधिकार क्षेत्र की कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों पर एक्शन लिया है।
रविवार को देर रात आबकारी विभाग की टीम ने मोहना थाना क्षेत्र में हाईवे पर स्थित ढाबों में चैकिंग की, मोहना थान पुलिस भी आबकारी टीम एक साथ थी, टीम को यहाँ महाकाल ढाबे पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली , आबकारी अमला और पुलिस जब महाकाल ढाबे पर पहुंची तो सूचना सही साबित हुई।
करीब 50 लाख की अवैध शराब नकली पेट्रोल जब्त
अफसरों को ढाबे के दो कमरों में अवैध शराब निर्माण और निकली पेट्रोल निर्माण होता मिला यानि यहाँ हाईवे पर बेखौफ अवैध शराब और नकली पट्रोल की फैक्ट्री चल रही थी, पुलिस को छापे में 2600 लीटर इथेनॉल मिला, 63 बल्क लीटर शराब बीयर , 20 ड्रम पेट्रोल और 18 ड्रम थिनर मिला, पूरे माल की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
नकली पेट्रोल हाई वे से गुजरने वाले वाहनों को बेचते थे
शुरुआती पूछताछ में मालूम चला कि जब्त इथेनॉल से करीब 32 लाख रुपए की शराब बनाई जा सकती थी, फैक्ट्री में पेट्रोल में थिनर, इथेनॉल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ मिलाकर नकली पेट्रोल तैयार किया जाता था जो हाईवे से गुजरने वाली गाड़ियों को बेचा जाता था।
ढाबा संचालक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ये जिस जगह अवैध फैक्ट्री चल रही थी वो ढाबा अनिल शर्मा निवासी मोहना का है वो अपने साथियों सौरभ गुर्जर निवासी श्योपुर व अतीक खान निवासी मोहना गिरफ्तार के साथ मिलकर ये अवैध कारोबार कर रहा है पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
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