अगस्त में पहली बार यात्री वाहन बिक्री में सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी ने पेट्रोल को पीछे छोड़ा: फाडा
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के यात्री वाहन बाजार में अगस्त में पहली बार वैकल्पिक ईंधन वाले वाहन जैसे सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक ने पेट्रोल कारों को बिक्री के मामले में पीछे छोड़ दिया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक, यह उपभोक्ताओं की पसंद में एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है।
फाडा ने कहा कि सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी यात्री वाहन बिक्री में 41.95 प्रतिशत रही, जबकि पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 40.85 प्रतिशत थी।
यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब एक साल से कुछ अधिक पहले तक पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों से करीब 11 प्रतिशत अधिक थी। यह भारत के ऑटो बाजार में बदलाव की तेज रफ्तार को दर्शाता है।
इसके अलावा, ऑटो क्षेत्र में अगस्त में अब तक की सबसे अधिक 24,23,201 इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 17.51 प्रतिशत की वृद्धि है।
फाडा के अनुसार, दोपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन, ट्रैक्टर और तीनपहिया सभी कैटेगरी ने अगस्त में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए।
यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 4,02,398 इकाइयों पर रही, जो सालाना आधार पर करीब 16 प्रतिशत अधिक है। इसका मतलब है कि अगस्त महीने में पहली बार यात्री वाहनों की बिक्री 4 लाख का आंकड़ा पार कर गई।
हालांकि, फाडा ने कहा कि सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि का आंकड़ा आंशिक रूप से अगस्त 2025 के कमजोर आधार के कारण भी बेहतर दिख रहा है। उस समय खरीदारों ने जीएसटी 2.0 की दरों में कटौती की उम्मीद में अपनी खरीदारी टाल दी थी।
फाडा ने कहा, “सीजन की असली परीक्षा सितंबर से नवंबर के दौरान शोरूम में पूछताछ का बिक्री में बदलना होगी, न कि केवल सालाना आंकड़ों की तुलना।”
फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि अगले तीन महीने सकारात्मक नजर आ रहे हैं। त्योहारी मांग का वास्तविक बिक्री में बदलना, मानसून के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली मांग और पीक सीजन के दौरान इन्वेंट्री का अनुशासन प्रमुख निगरानी योग्य बिंदु होंगे।
इसके अलावा, फाडा ने कहा कि मानसून के बाद माल ढुलाई, बुनियादी ढांचे से जुड़े काम और फसल की आवाजाही दोबारा शुरू होने से वाणिज्यिक वाहनों की मांग में मजबूती आने की उम्मीद है।
सितंबर-नवंबर के दौरान 81.62 प्रतिशत डीलरों को बाजार में वृद्धि की उम्मीद है, जबकि 17.09 प्रतिशत डीलरों को बाजार के स्थिर रहने और 1.28 प्रतिशत को बाजार में गिरावट की आशंका है।
--आईएएनएस
एबीएस
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'NASA के मून बेस प्रोग्राम में शामिल होगा ISRO', बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा एलान
Bengaluru Space Expo 2026: NASA मिशन में भारत को लेकर अमेरिकी राजदूत ने बड़ा बयान दिया है. गोर ने नासा के चांद मिशन के बारे में खुलकर बात की. गोर ने मिशन में भारत का भी जिक्र किया. इसे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. गोर ने यह भी कहा कि हमारे इकोसिस्टम आपका स्वागत करते हैं.
दरअसल, कोलकाता में बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 का आयोजन हो रहा है. इसमें अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी शिरकत की. इस दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि NASA ने आधिकारिक तौर पर ISRO को हमारे मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है. हम चांद पर वापस जा रहे हैं और हम चाहते हैं कि चांद की सतह पर भारत हमारे साथ हो. इस कमरे में मौजूद हर भारतीय स्पेस एंटरप्रेन्योर से, अमेरिकी बाजार आपके लिए खुला है. कहा कि हमारे निवेशक आप पर नजर रखे हुए हैं.
#WATCH | Bengaluru Space Expo 2026 | US Ambassador to India Sergio Gor says, "NASA has officially invited ISRO to join us in the Moon base program. Make no mistake. We're going back to the Moon, and we want India by our side on the lunar surface... To every Indian space… pic.twitter.com/kgYDbBlOFE
— ANI (@ANI) September 7, 2026
पार्टनरशिप केवल सहयोग तक सीमित नहीं...
बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि 9वें US-इंडिया सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप में हमने बड़े बदलाव होते देखे. उन चर्चाओं से यह पक्का हुआ कि हमारी पार्टनरशिप अब सिर्फ सहयोग तक सीमित नहीं है. यह मिलकर कुछ नया बनाने (को-क्रिएशन) के बारे में है. हम अब सिर्फ डेटा शेयर नहीं कर रहे हैं. हम मिलकर इंस्ट्रूमेंट्स डिजाइन कर रहे हैं, स्टार्टअप्स को मिलकर फंडिंग दे रहे हैं और इंसानी खोज के भविष्य को मिलकर आकार दे रहे हैं.
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स्पेस ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन से लेकर शंघाई तक...
अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि स्पेस ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन से लेकर शंघाई में होने वाली वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस तक, वॉशिंगटन और दिल्ली तानाशाही दबदबे के खिलाफ खुले और नियमों पर आधारित स्पेस गवर्नेंस की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.
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