' ये अंडरगारमेंट्स भी धुलवाएगी....', Bigg Boss 20 में पहले ही दिन मचा घमासान, माही विज की बॉसगिरी से भड़कीं ईशा रिखी
Bigg Boss 20: सलमान खान के मोस्ट अवेटेड रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ का आखिरकार धमाकेदार आगाज हो चुका है. ग्रैंड प्रीमियर के साथ ही शो के घर में टीवी, भोजपुरी, स्पोर्ट्स, सोशल मीडिया और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई चर्चित चेहरे एंट्री कर चुके हैं. हर सीजन की तरह इस बार भी दर्शकों को कंटेस्टेंट्स के बीच दोस्ती, दुश्मनी, प्यार, तकरार और जमकर ड्रामा देखने की उम्मीद है. लेकिन लगता है कि इस सीजन में दर्शकों को ड्रामा के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
शो के पहले ही दिन घर के काम को लेकर कंटेस्टेंट्स के बीच तनातनी शुरू हो गई है. ‘बिग बॉस 20’ का पहला प्रोमो सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है. प्रोमो में टीवी एक्ट्रेस माही विज अपने दबंग अंदाज में घरवालों को काम बांटती नजर आ रही हैं. वहीं, उनके इस अंदाज से कुछ कंटेस्टेंट्स खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं.
बिग बॉस के घर में पहले दिन ही शुरू हुई कैटफाइट
‘बिग बॉस’ के घर में एंट्री लेने के बाद कंटेस्टेंट्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वो एक-दूसरे के साथ तालमेल कैसे बैठाते हैं. घर में सीमित संसाधनों के बीच खाना बनाने, सफाई करने और दूसरे घरेलू कामों की जिम्मेदारी को लेकर अक्सर कंटेस्टेंट्स के बीच बहस देखने को मिलती है. ‘बिग बॉस 20’ में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. शो के पहले प्रोमो में माही विज घर की पहली सुबह से ही काफी एक्टिव नजर आ रही हैं. वो दूसरे घरवालों को काम करने के लिए कहती दिखाई देती हैं. हालांकि, उनका ये अंदाज बाकी कंटेस्टेंट्स को ज्यादा पसंद नहीं आया. प्रोमो में माही विज पहले ईशा रिखी से चाय बनाने के लिए कहती नजर आती हैं. इसके बाद वो एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अरिश्फा खान को भी चाय बनाने का आदेश देती दिखाई देती हैं. माही का बार-बार घरवालों को काम बताना ईशा और अरिश्फा को परेशान कर देता है.
माही विज की ‘बॉसगिरी’ से परेशान हुईं ईशा
प्रोमो में ईशा रिखी माही विज के इस रवैये से काफी नाराज दिखाई देती हैं. उन्हें लगता है कि माही घर में आने के साथ ही बाकी कंटेस्टेंट्स पर हुक्म चलाने लगी हैं. ईशा अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहती हैं कि जब से माही घर में आई हैं, तब से वो लगातार ऑर्डर दे रही हैं कि कोई उनके लिए चाय बनाए तो कोई उनके कपड़े लेकर आए. ईशा का गुस्सा यहीं नहीं रुकता. वो माही के रवैये पर तंज कसते हुए कहती हैं, “ये जब से आई हैं बस ऑर्डर चला रही हैं कि तुम मेरे लिए चाय बनाओ, तुम मेरे कपड़े लाओ. शुक्र है इन्होंने ये नहीं बोला कि मेरे अंडरगारमेंट्स भी धो दो.” ईशा का ये बयान सुनकर साफ है कि घर में पहले ही दिन कंटेस्टेंट्स के बीच तनाव की शुरुआत हो चुकी है.
अरिश्फा खान को भी आईं नेगेटिव वाइब्स
सिर्फ ईशा रिखी ही नहीं, बल्कि अरिश्फा खान भी माही विज के बिहेवियर से खुश नजर नहीं आईं. प्रोमो में अरिश्फा कहती दिखाई देती हैं कि उन्हें माही से काफी नेगेटिव वाइब्स मिल रही हैं. दरअसल, बिग बॉस के घर में पहले दिन से ही हर कंटेस्टेंट अपनी जगह बनाने की कोशिश करता है. ऐसे में अगर कोई कंटेस्टेंट दूसरों पर हुक्म चलाने की कोशिश करे, तो टकराव होना लाजिमी है. माही का यही अंदाज अब घर के बाकी सदस्यों के लिए परेशानी का कारण बनता दिखाई दे रहा है.
पहले दिन ही बन गईं ‘बॉस’?
माही विज का घरवालों को काम बताने वाला अंदाज देखकर ऐसा लग रहा है कि उन्होंने बिग बॉस के घर में अपनी भूमिका काफी जल्दी तय कर ली है. वो घर के कामों को लेकर एक्टिव नजर आ रही हैं, लेकिन उनका तरीका बाकी कंटेस्टेंट्स को पसंद नहीं आ रहा. यही वजह है कि शो की शुरुआत में ही माही के खिलाफ माहौल बनता दिखाई दे रहा है. हालांकि, ये सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच ये टकराव किस तरह बढ़ता है ये देखना दिलचस्प होगा.
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2nd वर्ल्डवॉर के बाद पहली बार जर्मनी में आ सकती है दक्षिणपंथी सरकार, चांसलर मर्ज की पार्टी को बड़ा झटका
जर्मनी में दक्षिणपंथी सरकार अस्तित्व में आ सकती है. दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी ने पूर्वी राज्य सैक्सोनी-आनहाल्ट के चुनाव में बड़ी जीत हासिल की. पार्टी को 43.8 प्रतिशत वोट मिले हैं. यह 5 साल पहले के मुकाबले दोगुने से अधिक है. हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से एएफडी 3 सीट दूर है. एएफडी राज्य की इकलौती सबसे बड़ी पार्टी है. बता दें, एएफडी अकेले सत्ता में आना चाह रही थी लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया.
खास बात है कि एएफडी जर्मनी में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार किसी राज्य में दक्षिणपंथी सरकार बनाने की कोशिश में जुटी हुई है. एएफडी ने अल्पमत सरकार बनाने की संभावना खारिज कर दी है. खास बात है कि दूसरी पार्टियों के लिए भी एएफडी के बिना स्थिर सरकार चलाना मुश्किल होगा.
चांसलर मर्ज की पार्टी CDU को बड़ा झटका
सैक्सोनी-आनहाल्ट पिछले 24 साल से CDU का गढ़ रही है. CDU जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पार्टी है. अपने अभेद्य किले में CDU इस बार सिर्फ 15 सीटें ही जीत पाई है. इसके अलावा, सोशल डेमोक्रेट्स को 9.3%, ग्रीन्स को 8.9% और लेफ्ट पार्टी को 8.6% वोट मिले हैं. तीनों ही पार्टी को 8-8 सीटें मिली हैं. इसके अलावा, BSW पार्टी को 5.3% वोटों के साथ 5 सीटें मिलीं हैं. विधानसभा चुनाव में 77.8% वोटिंग हुई है.
सामने आए AfD-CDU नेताओं के बयान
चुनाव परिणाम के बीच पार्टी नेताओं के बयान सामने आने लगे हैं. AfD की नेता एलिस वीडेल ने कहा कि हमारी पार्टी को सरकार बनाने का स्पष्ट जनादेश मिला है. इसके अलावा, CDU की महासचिव फ्रांजिस्का हॉपरमैन ने कहा कि उनकी पार्टी AfD के साथ काम नहीं करेगी. AfD को उसने दक्षिणपंथी चरमपंथी पार्टी बताया और रूस के साथ उनके करीबी रिश्तों की आलोचना की.
AfD की नीतियां क्या हैं?
बता दें, प्रवासन के खिलाफ AfD का रुख सख्त है. पार्टी रिमिग्रेशन यानी प्रवासियों को वापस भेजने के लिए काम कर रही है. पार्टी बड़े पैमाने पर निर्वासन और जर्मनी आने के लिए मिलने वाले प्रोत्साहन को खत्म करना चाहती हैं. इसके अलावा, पार्टी राज्य में होम-स्कूलिंग को अनुमति, स्कूलों में राष्ट्रीय झंडा लगाने और सरकारी संस्थानों में कुछ नीतिगत बदलाव चाह रही है. पार्टी टैक्सपेयर्स के पैसे को यूक्रेन को देने की आलोचना करती है. साथ ही पार्टी रूस पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग भी कर रही है. भले ही पार्टी राज्य में सरकार बना ले लेकिन वे विदेश नीति को नहीं बदल सकती क्योंकि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
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