रामेश्वर शर्मा के विवादित बयान पर कांग्रेस हमलावर, राहुल राज का बीजेपी-आरएसएस पर दोहरे चरित्र का आरोप
भोपाल में बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के एक भाषण को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। करोंद में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए बीजेपी और संघ पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मुसलमानों को लेकर समावेशी और सद्भाव की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी विधायक काजी कैंप पर मिसाइल दागने जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इसे बीजेपी और संघ का दोहरा चरित्र बताया।
क्या है मामला
रविवार रात भोपाल के करोंद में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मंच से कहा था कि करोंद चौराहे से मिसाइल चलाकर काजी कैंप में गिरा दो। बयान के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की तरफ नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप की ओर था। उन्होंने अपने भाषण में भारत की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी जिक्र किया।
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस ने इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने रामेश्वर शर्मा के बयान को लेकर बीजेपी और संघ पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होंने सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ संघ मुसलमानों से नफरत न करने की बात करता है, दूसरी तरफ बीजेपी विधायक भोपाल के काजी कैंप पर मिसाइल दागने जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
राहुल राज ने रामेश्वर शर्मा को घेरते हुए कहा कि “व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी से इतिहास-भूगोल पढ़ने वालों को बता दें कि पृथ्वी, अग्नि जैसी मिसाइलों की नींव दशकों पहले देश में रखी जा चुकी थी। अग्नि का पहला सफल परीक्षण 22 मई 1989 को राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हो चुका था। मोदी जी तो 2014 में आए हैं। इस्लामाबाद में काजी कैंप नाम की कोई जगह है ही नहीं, इसलिए भोपाल शहर के सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की उनकी मानसिकता जगजाहिर हो चुकी है।” राहुल राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल किया कि क्या रामेश्वर शर्मा के इस भाषण को लेकर कोई कार्रवाई की जाएगी।
एक तरफ संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत जी कहते हैं “मुसलमानों से नफरत करने वाला हिंदू हो ही नहीं सकता”, दूसरी तरफ भाजपा विधायक भोपाल के काजी कैंप पर मिसाइल दागने की बात करते हैं।
यही है भाजपा और संघ का असली दोहरा चरित्र।
रामेश्वर शर्मा जी जैसे व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी से इतिहास-भूगोल… pic.twitter.com/ieCrAH74Ri
— Rahul Raj | राहुल राज (@rahulraj_kisaan) September 6, 2026
MP Weather: 2 वेदर सिस्टम एक्टिव, आज रीवा-सतना समेत 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें भोपाल-इंदौर में कैसा रहेगा मौसम
अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों और मानसून की सक्रियता के चलते मध्यप्रदेश में अगले तीन-चार दिन बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। सोमवार, 7 सितंबर को रीवा और सागर संभाग में मौसम बदला रहेगा, यहां के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने आज निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सागर, दमोह में हल्की से मध्यम बारिश, झंझावात और वज्रपात और झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी है।
मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर तक रीवा, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, मउगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट और मंडला जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। वर्तमान में मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम मप्र के निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। दक्षिण हरियाणा से दक्षिण असम व दक्षिण गुजरात से उत्तर बांग्लादेश तक बने ट्रफ भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।
मध्य प्रदेश में कोटे से 5 % कम पानी गिरा, पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश
- मध्य प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर 2026 तक सामान्य से 30.9 इंच बारिश हो चुकी है लेकिन कोटे से अब भी 1.8 इंच यानि 6% बारिश कम हुई है।
- जून से अबतक पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 2% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम पानी गिरा है।
- जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग के कई जिलों की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है। मऊगंज में सबसे ज्यादा 53 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा है।
- अबतक सिर्फ अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल में 100% से ज्यादा पानी गिर चुका है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में होमगार्ड मुख्यालय स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर बाढ़ और अतिवृष्टि से बने हालात की समीक्षा की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक सजग रहें। बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाएं और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलाए।
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