आज यानी की 07 सितंबर को बॉलीवुड एक्ट्रेस राधिका आप्टे अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं। राधिका आप्टे ने बॉलीवुड, साउथ से लेकर ओटीटी तक में अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता है। एक्ट्रेस अपने बेबाकी, बोल्ड और निडर अंदाज वाले किरदारों के लिए जानी जाती हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस राधिका आप्टे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
तमिलनाडु के वेल्लोर में 07 सितंबर 1985 को राधिका आप्टे का जन्म हुआ था। वह एक मराठी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम डॉ. चारुदत्त आप्टे है, जोकि एक न्यूरोसर्जन हैं और पुणे के सह्याद्री हॉस्पिटल के अध्यक्ष रहे हैं। राधिका आप्टे ने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से गणित और अर्थशास्त्र में अपनी पढ़ाई पूरी की है।
फिल्मी सफर
राधिका आप्टे ने थिएटर से अपने करियर की शुरूआत की है। उन्होंने परिवार से आर्थिक मदद नहीं ली। वह शुरूआती दिनों में शेयरिंग रूम में रहती थीं और पैसे बचाने के लिए बस में सफर किया करती थीं। एक्ट्रेस ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत साल 2005 में आई फिल्म 'वाह! लाइफ हो तो ऐसी' से किया था। हालांकि इस फिल्म में अभिनेत्री का छोटा सा रोल था।
इसके बाद एक्ट्रेस ने हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी और मलयालम फिल्मों में काम किया। राधिका आप्टे ने 'अंधाधुन', 'पैडमैन', 'मांझी', और 'फोबिया' जैसे कई शानदारी फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा वह वेब सीरीज जैसे 'सेक्रेड गेम्स', 'लस्ट स्टोरीज' और 'मोनिका ओ माय डार्लिंग' में भी नजर आ चुकी हैं।
हाल ही में एक्ट्रेस अपनी फिल्म 'साली मोहब्बत' और 'लस्ट स्टोरीज' के तीसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। वह अब निर्देशन की दुनिया में भी कदम रख रही हैं, जिससे एक्ट्रेस बहुमुखी प्रतिभा और बढ़ रही है।
अवॉर्ड
बता दें कि अभिनेत्री को 'लस्ट स्टोरीज' के लिए अंतरराष्ट्रीय एमी नामांकन और 'द स्लीपवॉकर्स' के लिए पाम स्प्रिंग्स शॉर्टफेस्ट में चुना गया है। इसके अलावा उनको 'पर्च्ड', 'फोबिया' और 'सेक्रेड गेम्स' से प्रशंसा मिली है। तो वहीं कुछ मामलों में अवॉर्ड्स से नामांकन भी दिलाए हैं।
पर्सनल लाइफ
राधिका ने साल 2013 में ब्रिटिश म्यूजिशियन बेनेडिक्ट टेलर से शादी की थी। दोनों की साल 2011 में लंदन में मुलाकात हुई थी। राधिका और बेनेडिक्ट की शादी काफी गुपचुप तरीके से हुई थी। वहीं साल 2024 में एक्ट्रेस ने अपनी बेटी का वेलकम किया था।
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उज्जैन के महाकाल की तरह मंदसौर के पशुपतिनाथ को लेकर भक्तों के बीच गहरी आस्था है। यहां भी दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बीते दिन अष्टमुखी पशुपतिनाथ महादेव के दरबार में 48 साल से चली आ रही परंपरा एक बार फिर निभाई गई।
दरअसल, रविवार रात यहां छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया गया। गर्भगृह में भगवान पशुपतिनाथ को 56 तरह के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचे। इस दौरान भगवान का ड्रायफ्रूट से विशेष श्रृंगार किया गया।
पशुपतिनाथ को लगा 56 भोग
पशुपतिनाथ महादेव को 56 भोग लगाया गया। जिसमें कई तरह के व्यंजन और मिठाई शामिल थे। सभी व्यंजनों को मावे और देसी घी से बनाया गया था। मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा से कारीगरों को व्यंजन तैयार करने के लिए बुलाया गया था। सारी सामग्री तैयार करने में तकरीबन सात दिन का वक्त लगा। इसके बाद सभी चीजों को आकर्षक तरीके से सजाकर भोग लगाया गया।
किया गया आकर्षक श्रृंगार
छप्पन भोग के इस अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ का विशेष श्रृंगार भी किया गया। ड्राई फ्रूट से भगवान की पगड़ी और माला तैयार की गई। अन्य श्रृंगार भी सूखे मेवे से किया गया। इस दौरान मंदिर में हवन और महारुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया। कई श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने के लिए मंदिर पहुंचे।
48 साल से चल रही परंपरा
मंदिर में 56 भोग लगाने की ये परंपरा पिछले 48 साल से चली आ रही है। छोटे स्वरूप के साथ शुरू हुआ छप्पन भोग लगाने का ये क्रम समय के साथ बड़ा होता चला गया। हर साल प्रातः कालीन आरती मंडल की ओर से सावन खत्म होने के बाद आने वाले पहले रविवार को इस परंपरा को निभाया जा रहा है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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