PM Narendra Modi ने कहा, India-France संबंध मजबूत सांस्कृतिक और रणनीतिक नींव पर टिके हैं
नयी दिल्ली, छह सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध नयी ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक संबंधों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नयी ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मेरे मित्र राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस नयी गति और नयी ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं।
यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान की याद आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रेमी यह भी जानते हैं कि संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में फ्रांसीसी विद्वानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रोमां रोलां के रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर लिखे गए कार्यों ने हमारे समाजों को और करीब लाने का काम किया।’’ मोदी ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरविंद आश्रम तक ‘द मदर’ की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के असंख्य साधकों को प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि कई दशक पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे जिससे इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज योग भी दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाला एक माध्यम बन गया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एफिल टावर की तस्वीरें फ्रांस में योग की अपार लोकप्रियता को दर्शाती हैं।
MP के Sagar में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत, 54 अन्य अस्पताल में भर्ती
सागर (मध्यप्रदेश), छह सितंबर मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले छह साल में यह दूसरी बार है जब जहरीली शराब से मौत का मामला सामने आया है और आशंका जताई जा रही है कि यह शराब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से लाई गई थी। राज्य के सागर जिले में रविवार को जहरीली शराब के सेवन से 11 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, फरवरी 2021 में, उत्तर प्रदेश में एक दुकान से खरीदी गई देशी शराब ब्रांड ‘दिलसे’ के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई थी। मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कहा कि इस बार संदेह है कि पीड़ितों ने नकली शराब का सेवन किया, जिसे ‘सागर गोल्ड’ के साथ-साथ एक अन्य देशी शराब ब्रांड के रूप में बेचा गया था। इस घटना में मरने वालों के अलावा 54 अन्य लोग शराब पीने के बाद बीमार पड़ गए जिनका सागर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र उत्तरी मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। मध्यप्रदेश का सागर और उत्तर प्रदेश का ललितपुर जिला एक बड़ी सीधी सीमा साझा करते हैं और दोनों के बीच करीब 110-120 किलोमीटर की दूरी है। स्थानीय पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मध्यप्रदेश के मुकाबले शराब और पेट्रोल तुलनात्मक रूप से बहुत सस्ता है।
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मध्यप्रदेश के कई लोग ये दोनों चीजें (शराब और पेट्रोल) खरीदने के लिए निर्बाध सीमा पार करते हैं। मध्य प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिले उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हुए हैं। सागर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक शशींद्र चौहान ने बताया कि 11 लोगों की मौत की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर जिले के लोगों और स्थानीय शराब ठेकेदार के बीच संबंध सामने आए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बीमार पड़े 54 लोगों में से 49 लोग धुंधली दृष्टि और चक्कर आने जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर नामित लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सागर का दौरा करने के बाद सक्सेना ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि त्रासदी नकली शराब के कारण हुई, जिसकी तस्करी उत्तर प्रदेश से की गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नकली शराब की पैकिंग स्थानीय ब्रांडों की तरह असली लग रही थी, जैसे कि एक व्हिस्की और एक देशी शराब ब्रांड।’’ उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त शराब विक्रेता के एजेंट ने शराब बेची थी और लोगों को लगा कि यह असली है।
ताजा त्रासदी मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में फरवरी 2021 की घटना से मिलता-जुलता है, जब जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर परेठा गांव में लगभग 150 लोग एक पार्टी के लिए एकत्र हुए थे। छतरपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया था कि पीड़ितों ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान से ‘दिलसे’ ब्रांड की शराब खरीदी थी और उसका सेवन किया था। जनवरी 2021 में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में जहरीली शराब के सेवन से करीब 24 लोगों की मौत हो गई थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





