Responsive Scrollable Menu

Market cues : निफ्टी के लिए 23800-23750 के जोन में अहम सपोर्ट, यह रेंज टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Nifty Trade setup : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय निफ्टी के लिए 23,800-23,750 के जोन में अहम सपोर्ट है। अगर यह रेंज टूटती है तो शॉर्ट टर्म में 23,606 (जो जुलाई का निचला स्तर है) तक गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है

Continue reading on the app

CDSCO Drug Alert: सीडीएससीओ की जांच में 199 दवाओं के नमूने फेल, एक निकला पूरी तरह नकली; मरीजों की सेहत से खिलवाड़

मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक सवाल खड़ा हो गया है। देश की सर्वोच्च दवा नियामक संस्था सीडीएससीओ द्वारा जारी गुणवत्ता रिपोर्ट में 199 दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि कई जीवनरक्षक दवाओं में बीमारियों से लड़ने वाले मुख्य साल्ट या तो बहुत कम मात्रा में मिले या फिर शून्य पाए गए हैं। इस सूची में देश-विदेश की कई नामी फार्मास्यूटिकल कंपनियों के उत्पाद भी शामिल हैं।

​पेट की दवा में एक्टिव साल्ट निकला शून्य, दिल की दवा में 38% ही बचा असर 
जांच में सबसे गंभीर मामले पेट और दिल की बीमारियों से जुड़ी दवाओं में देखने को मिले हैं। समय फार्मा की पेट दर्द की दवा 'आर-जारा डीएसआर' कैप्सूल में रैबेप्राजोल और डोमपेरीडोन की मात्रा 0.0 मिलीग्राम पाई गई।

वहीं फार्मारूट्स हेल्थकेयर की दिल के मरीजों के लिए खून का थक्का जमने से रोकने वाली क्लोपिडोग्रेल और एस्पिरिन की संयुक्त गोली में क्लोपिडोग्रेल केवल 38.20% और एस्पिरिन 21.8% ही मिला। इसी तरह अन्य कंपनियों की प्रेगाबालिन और रामिप्रिल जैसी दवाओं में भी तय मानक से काफी कम दवा पाई गई।

​ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन फेल, एंटीबायोटिक्स और सिरप भी सवालों के घेरे में 
महिलाओं के प्रसव के दौरान गर्भाशय संकुचन के लिए इस्तेमाल होने वाला जैक्सन लेबोरेटरीज का 'ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन' पहचान जांच में फेल हो गया। इसके अलावा बुखार और दर्द की सबसे आम दवा 'पैरासिटामोल' की गोलियों के ठीक से न घुलने की समस्या सामने आई है।

बच्चों के पैरासिटामोल सिरप में सूक्ष्मजीव  जांच में खामियां मिलीं। सेफिक्सिम, अमॉक्सिसिलिन और क्लोक्सासिलिन जैसे प्रमुख एंटीबायोटिक्स भी गुणवत्ता के पैमाने पर फिसड्डी साबित हुए हैं।

​बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनियों के उत्पाद भी सूची में शामिल 
यह गड़बड़ी केवल छोटी या अनजान निर्माण इकाइयों तक ही सीमित नहीं है। सीडीएससीओ की सूची के अनुसार लुपिन, सनोफी इंडिया, जायडस हेल्थकेयर, आईपीका लेबोरेटरीज, मैक्लियोड्स, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (GSK) और कैडिला फार्मास्यूटिकल्स जैसी दिग्गज कंपनियों के कुछ बैच के उत्पाद भी अलग-अलग मानकों पर फेल हुए हैं।

इसके अलावा 'डायबिटिस-ऑल' नाम के एक पाउडर को पूरी तरह नकली घोषित किया गया है, जिसमें दावों के विपरीत पियोग्लिटाजोन मिला।

​नियामक एजेंसियों ने शुरू की कार्रवाई, मरीजों के लिए चेतावनी 
सीडीएससीओ और राज्य दवा नियंत्रक एजेंसियों ने गुणवत्ता परीक्षण में फेल हुए विशिष्ट बैच नंबरों को बाजार से वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उत्पादन प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गुणवत्ताहीन दवाएं न केवल मरीज का इलाज बेअसर करती हैं, बल्कि लंबे समय में शरीर में दवाओं के प्रति प्रतिरोध भी पैदा कर सकती हैं।

Continue reading on the app

  Sports

ईशान किशन ने शतक से जीता गर्लफ्रेंड का दिल… Duleep Trophy Final के बीच हुआ ऐसा

Ishan Kishan के दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जमाए शतक पर उनकी रयूमर्ड गर्लफ्रेंड का रिएक्शन आया है. Mon, 07 Sep 2026 09:10:37 +0530

  Videos
See all

Delhi Building Collapse: 18 घंटे से Rescue Operation जारी, NDRF की रणनीति में बदलाव | Ground Report #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T04:14:40+00:00

Delhi Building Collapse: R भारत ने MCD कमिश्नर से पूछे तीखे सवाल | Moti Bagh | Delhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T04:14:56+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers