Responsive Scrollable Menu

Yasin Malik: 'नहीं चाहता कि तुम विधवा की तरह जियो...', आतंकी यासिन मलिक ने तिहाड़ जेल से पत्नी को भेजा तलाक का हलफनामा

Yasin Malik divorce: प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासिन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने का निर्णय लिया है। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद यासिन मलिक ने अपनी लंबी जुदाई और मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए एक हलफनामा जम्मू की अदालत में भेजा है। इस हलफनामे के माध्यम से उन्होंने मुशाल मलिक से निकाह का रिश्ता खत्म करने का औपचारिक फैसला लिया है।

अपने इस संदेश में मलिक ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से उनकी अपनी पत्नी से कोई बातचीत नहीं हो पाई है, क्योंकि उन्हें न तो फोन पर और न ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने की अनुमति दी गई है।

'नहीं चाहता कि तुम विधवा की तरह जिंदगी गुजारो'
अदालत को भेजे गए हलफनामे में यासिन मलिक ने इस तलाक के पीछे की मुख्य वजह अपनी पत्नी को उनके जीवन की अनिश्चितता और तनाव से मुक्त करना बताया है। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि मुशाल इन कठिन परिस्थितियों के बोझ तले अपनी बाकी जिंदगी बिताएं या किसी विधवा की तरह जीवन जिएं।

मलिक ने अपनी पत्नी और 13 साल की बेटी के नाम संदेश में लिखा कि वे चाहते हैं कि मुशाल सम्मान और उम्मीद के साथ अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करें।

यासिल मलिक ने हलफनामे में लिखा, "तुम मुझसे 20 साल छोटी हो, और मैं नहीं चाहता कि तुम मेरे हालातों का बोझ अपने ऊपर लेकर या विधवा की तरह जीवन गुजारो। इसलिए मैं तुमसे अनुरोध करता हूं कि हिम्मत जुटाकर सम्मान के साथ अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करो।"

उन्होंने आगे लिखा कि उनकी किस्मत उन्हें चाहे जहां ले जाए, लेकिन उनकी दुआएं और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेंगे और फांसी पर लटकाए जाने से पहले उन्होंने खुद को इस निकाह के बंधन से अलग करने का फैसला किया है।

परिवार के नाम संदेश और सहानुभूति पाने से इनकार
यासिन मलिक ने स्पष्ट किया है कि यह हलफनामा उनकी मां, पत्नी मुशाल और बेटी के लिए एक संदेश की तरह है। उन्होंने मुशाल को संबोधित करते हुए कहा कि उनके साथ बिताया गया उनका समय बेहद सीमित और अनिश्चित रहा है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह हलफनामा किसी भी तरह की सहानुभूति या दया प्राप्त करने के लिए नहीं लिखा गया है, बल्कि यह उनके जमीर की 'आखिरी बात' है।

यासिन मलिक की कैद और आपराधिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यासिन मलिक जम्मू-कश्मीर में टेरर-फंडिंग से जुड़े एक मामले में साल 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। मई 2022 में एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने उसे इस मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसके नेतृत्व वाला संगठन JKLF पहले ही प्रतिबंधित घोषित किया जा चुका है।

हाल ही में, अगस्त के महीने में जांच एजेंसियों ने यासिन मलिक से जुड़े ठिकानों समेत आठ अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई मलिक और उसके सहयोगियों से जुड़े मामलों की चल रही जांच का ही हिस्सा थी, और इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही लगातार जारी है।

Continue reading on the app

एमके स्टालिन को बड़ा झटका: मद्रास हाईकोर्ट ने कोलाथुर विधानसभा चुनाव हार के खिलाफ दाखिल याचिका की खारिज, जानें पूरा मामला

Kolathur assembly election: द्रविड मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत की दो-सदस्यीय खंडपीठ ने कोलाथुर विधानसभा सीट पर अपनी चुनावी हार को चुनौती देने वाली स्टालिन की याचिका को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व सीएम की यह याचिका सुनवाई के योग्य (maintainable) नहीं है। कोलाथुर सीट को स्टालिन का पारंपरिक गढ़ माना जाता था, लेकिन हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में उन्हें तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के उम्मीदवार वीएस बाबू के हाथों करीब 8,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।

चुनाव आयोग के आंकड़े और ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मुकाबले में वीएस बाबू को 82,997 वोट (45.09 प्रतिशत) मिले थे, जबकि एमके स्टालिन को 74,202 वोट (40.32 प्रतिशत) हासिल हुए थे। गत 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, स्टालिन ने 7 मई को वोटों के सत्यापन (verification) के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया 29 जुलाई को शुरू हुई थी। इसके साथ ही उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट का रुख करते हुए चुनावी नतीजों में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में खराबी का दावा किया था।

जांच के दौरान उठाई गई थीं आपत्तियां
अपनी याचिका में स्टालिन ने बताया था कि उनके अधिकृत प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिवक्ता एनआर एलेंगो की मौजूदगी में 14 चुनिंदा ईवीएम सेटों के कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट (VVPAT) की माइक्रोकंट्रोलर और बर्न मेमोरी की जांच की गई थी। इसी जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ गड़बड़ियों का पता चला था। इसके बाद अधिवक्ता एलेंगो ने जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) को पत्र लिखा था, लेकिन डीईओ ने यह घोषणा कर दी थी कि निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार 5 अगस्त को सत्यापन का काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

कोर्ट ने याचिका को बताया सुनवाई के योग्य नहीं
नतीजों से असंतुष्ट होकर स्टालिन ने 6 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर सामने आई तकनीकी कमियों पर जोर दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि इंजीनियरों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र किसी भी सूरत में तकनीकी खराबी और उसके कारणों को स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट का विकल्प नहीं हो सकते। डीईओ के जवाब से असंतुष्ट होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि उनके द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों पर बिना कोई विचार किए यांत्रिक तरीके से आदेश पारित किया गया है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

Continue reading on the app

  Sports

₹70,00,00,000... सचिन तेंदुलकर ने खरीदी करोड़ो की जमीन, इस हिलस्टेशन पर बनाएंगे दूसरा आलीशान घर!

Sachin Tendulkar 70 crore land investment: महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने प्रॉपर्टी में बड़ा निवेश किया है. मुंबई के पास स्थित लोनावला में उन्होंने करीब 70 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक सचिन ने कुल 3.86 एकड़ जमीन का सौदा किया है. Mon, 7 Sep 2026 19:13:09 +0530

  Videos
See all

Breaking News: NASA ने ISRO को न्योता दिया, America चांद पर लौटने की तैयारी कर रहा है | Moon Mission #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T13:36:15+00:00

Delhi: PG में रहने वाले छात्रों ने बताया अपना दर्द #aajtak #shorts #delhibuildingcollapse #delhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-07T13:38:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers