एमके स्टालिन को बड़ा झटका: मद्रास हाईकोर्ट ने कोलाथुर विधानसभा चुनाव हार के खिलाफ दाखिल याचिका की खारिज, जानें पूरा मामला
Kolathur assembly election: द्रविड मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत की दो-सदस्यीय खंडपीठ ने कोलाथुर विधानसभा सीट पर अपनी चुनावी हार को चुनौती देने वाली स्टालिन की याचिका को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व सीएम की यह याचिका सुनवाई के योग्य (maintainable) नहीं है। कोलाथुर सीट को स्टालिन का पारंपरिक गढ़ माना जाता था, लेकिन हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में उन्हें तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के उम्मीदवार वीएस बाबू के हाथों करीब 8,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
चुनाव आयोग के आंकड़े और ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मुकाबले में वीएस बाबू को 82,997 वोट (45.09 प्रतिशत) मिले थे, जबकि एमके स्टालिन को 74,202 वोट (40.32 प्रतिशत) हासिल हुए थे। गत 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, स्टालिन ने 7 मई को वोटों के सत्यापन (verification) के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया 29 जुलाई को शुरू हुई थी। इसके साथ ही उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट का रुख करते हुए चुनावी नतीजों में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में खराबी का दावा किया था।
जांच के दौरान उठाई गई थीं आपत्तियां
अपनी याचिका में स्टालिन ने बताया था कि उनके अधिकृत प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिवक्ता एनआर एलेंगो की मौजूदगी में 14 चुनिंदा ईवीएम सेटों के कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट (VVPAT) की माइक्रोकंट्रोलर और बर्न मेमोरी की जांच की गई थी। इसी जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ गड़बड़ियों का पता चला था। इसके बाद अधिवक्ता एलेंगो ने जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) को पत्र लिखा था, लेकिन डीईओ ने यह घोषणा कर दी थी कि निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार 5 अगस्त को सत्यापन का काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
कोर्ट ने याचिका को बताया सुनवाई के योग्य नहीं
नतीजों से असंतुष्ट होकर स्टालिन ने 6 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर सामने आई तकनीकी कमियों पर जोर दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि इंजीनियरों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र किसी भी सूरत में तकनीकी खराबी और उसके कारणों को स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट का विकल्प नहीं हो सकते। डीईओ के जवाब से असंतुष्ट होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि उनके द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों पर बिना कोई विचार किए यांत्रिक तरीके से आदेश पारित किया गया है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
अभिनंदन की नई उड़ान... अब फाइटर जेट नहीं, उड़ाएंगे यात्री विमान; इस एयरलाइन से जुड़े
भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान अब कमर्शियल एविएशन में नजर आएंगे। उन्होंने गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वह अगस्त में एयरलाइन से जुड़े हैं।
हालांकि, एयरलाइन में उनकी सटीक भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। FLY91 के प्रवक्ता ने भी इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि कर्मचारियों से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी निजी मामला है।
2019 में पाकिस्तान के खिलाफ हवाई मुकाबले से हुए थे चर्चित
अभिनंदन वर्धमान को देशभर में सबसे ज्यादा पहचान फरवरी 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई मुकाबले के बाद मिली। उस समय वह विंग कमांडर के पद पर थे और MiG-21 Bison उड़ा रहे थे।
मुठभेड़ के दौरान उनके विमान को मिसाइल से नुकसान पहुंचा और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। उनका पैराशूट पाकिस्तान की सीमा में जा गिरा, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। करीब 60 घंटे तक हिरासत में रहने के बाद पाकिस्तान ने 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत को सौंप दिया था।
F-16 को मार गिराने का किया गया था दावा
2019 के हवाई संघर्ष के दौरान अभिनंदन के पाकिस्तानी F-16 को मार गिराने की बात सामने आई थी। इसके कुछ ही क्षण बाद उनके MiG-21 Bison को भी मिसाइल से निशाना बनाया गया और उन्हें विमान से बाहर निकलना पड़ा। पुरानी पीढ़ी के लड़ाकू विमान MiG-21 Bison से अपेक्षाकृत आधुनिक F-16 के साथ हुए इस मुकाबले ने दुनियाभर में काफी ध्यान खींचा था।
वीर चक्र से हुए सम्मानित
इस साहसिक कार्रवाई के लिए अभिनंदन वर्धमान को वर्ष 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। आधिकारिक प्रशस्ति में उनके कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण का उल्लेख किया गया था।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन हुआ था हवाई मुकाबला
यह हवाई संघर्ष भारतीय वायुसेना की बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन हुआ था। 26 फरवरी 2019 को भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। यह कार्रवाई 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद की गई थी। पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे।
FLY91 क्या है?
FLY91 गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में अपनी व्यावसायिक उड़ानें शुरू की थीं। एयरलाइन फिलहाल ATR 72-600 विमानों के बेड़े के साथ संचालन कर रही है। कंपनी के परिचालन केंद्र गोवा और हैदराबाद में हैं। इसका फोकस छोटे शहरों को बड़े विमानन केंद्रों से जोड़कर क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर है।
फाइटर जेट से पैसेंजर विमान तक का नया सफर
अभिनंदन वर्धमान का FLY91 से जुड़ना उनके करियर में एक नया मोड़ माना जा रहा है। 2019 के हवाई संघर्ष के बाद वह भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए थे। अब वायुसेना की सेवा के बाद उन्होंने नागरिक विमानन क्षेत्र में पायलट के रूप में नई पारी शुरू की है।
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