IPS TRANSFER: पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल, 8 आईपीएस और 12 पीपीएस अधिकारियों के तबादले, यहां देखें पूरी लिस्ट
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आज, 1 सितंबर 2026 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 8 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा राज्य के 11 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (PPS) के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश भी जारी किए गए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, मलेरकोटला, पठानकोट, पटियाला, मोहाली, बठिंडा और मानसा के SSP बदले गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत अपनी नई पोस्टिंग पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब आईपीएस तबादले
- गुरप्रीत सिंह भुल्लर (IPS): पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे, उन्हें अब आईजीपी बॉर्डर रेंज, अमृतसर नियुक्त किया गया है।
- हरमनबीर सिंह (IPS): अमृतसर के डीआईजी बॉर्डर रेंज और कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर को अब पूर्ण रूप से अमृतसर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
- भगीरथ सिंह मीना (IPS): एसएसपी मानसा से एआईजी, पर्सोनेल-1, सीपीओ, पंजाब
- वरुण शर्मा (IPS): एसएसपी पटियाला को एसएसपी एस.ए.एस. नगर (मोहाली)
- हरमनदीप सिंह हंस (IPS): एसएसपी एस.ए.एस. नगर को अब एसएसपी पटियाला
- सुहैल कासिम मीर (IPS): एआईजी पर्सोनेल-1 से एसएसपी बठिंडा
- ज्योति यादव (IPS): एसएसपी बठिंडा को कमांडेंट 82वीं बटालियन पीएपी, चंडीगढ़
- वैभव चौधरी (IPS): एसपी हेडक्वार्टर पटियाला को पदोन्नत कर एसएसपी मानसा
पंजाब पीपीएस अधिकारियों के तबादले
- हरकमलप्रीत सिंह खाख: मलेरकोटला के नए SSP होंगे। पहले वे AIG, NRI जालंधर और ISTC कपूरथला के कमांडेंट का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
- गुरमीत सिंह: मलेरकोटला SSP पद सेISTC कपूरथला का कमांडेंट
- बलविंदर सिंह: कमांडेंट 82वीं बटालियन PAP चंडीगढ़ से AIG, कानून और व्यवस्था (पंजाब) ।
- दलजिंदर सिंह ढिल्लों: पठानकोट के SSP से जोनल AIG, CID जालंधर
- राजेश्वर सिंह: जोनल AIG, CID जालंधर से कमांडेंट 7वीं बटालियन PAP, जालंधर
- मनप्रीत सिंह: SP इन्वेस्टिगेशन (संगरूर) से पदोन्नत/तबादला कर पठानकोट SSP
- हरपाल सिंह (Khanna): लुधियाना में DCP इन्वेस्टिगेशन
- परविंदर कौर: SP PBI तरनतारन से बदलकर इन्हें ADCP स्पेशल ब्रांच, अमृतसर
- हरपाल सिंह (BTI): ADCP स्पेशल ब्रांच अमृतसर से AIG CID, अमृतसर
- तलविंदर सिंह गिल: इनका तबादला SP इंटेलिजेंस विंग, पंजाब (SAS नगर)
- रमनदीप सिंह: इन्हें SP ट्रैफिक, SAS नगर नियुक्त किया गया है।
Punjab IPS-PPS transfer and Posting Order
नेपाल में भारतीय फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीम तैनात:शवों की पहचान के लिए DNA जांच में मदद करेगी; बाढ़ में अब तक 804 मौतें
नेपाल में बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए भारत ने भी अपनी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने काठमांडू में काम शुरू कर दिया है। यह टीम बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल की जांच में मदद करेगी। वहीं, भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में नेपाल सेना के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हैं। 26 अगस्त को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशुली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। बाढ़ के बाद तबाही का मंजर, 4 तस्वीरें… खबर में आगे नेपाल त्रासदी से जुड़े पल-पल के अपडेट्स, लेकिन उससे पहले पढ़िए भास्कर नॉलेज… सुरंग में फंसे लोग कितनी देर जिंदा रह सकते हैं? इसकी कोई तय समय-सीमा नहीं होती। यह सुरंग के आकार, अंदर मौजूद हवा, लोगों की संख्या, ऑक्सीजन-CO₂ के स्तर, पानी, तापमान और लोगों की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। अंदर फंसे लोगों को क्या खतरा हो सकता है 4 पॉइंट्स में पढ़ें… 1. ऑक्सीजन कम होना सबसे पहला खतरा सामान्य हवा में करीब 20.9% ऑक्सीजन होती है। 19.5% से कम ऑक्सीजन को खतरनाक माना जाता है। बंद सुरंग में लोग सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन घटती और CO₂ बढ़ती है। 2. मलबा भी बड़ा खतरा बाढ़ का पानी और कीचड़ सुरंग में भरने से सुरक्षित जगह कम हो सकती है। वहीं मलबा रास्ता बंद कर सकता है और सुरंग की सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। 3. ठंड और पानी का खतरा अगर सुरंग में बाढ़ का पानी भर रहा है और कर्मचारी लंबे समय तक गीले और ठंडे माहौल में फंसे हैं, तो हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान खतरनाक रूप से गिरने का जोखिम बढ़ सकता है। 4. पाइप 6 इंच का क्यों जरूरी? पाइप से सुरंग के अंदर ताजी हवा पहुंचाई जा सकती है, जिससे सांस लेने लायक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलती है। लेकिन सिर्फ हवा पहुंचाना पर्याप्त नहीं है; अंदर ऑक्सीजन और CO₂ के स्तर की निगरानी भी जरूरी है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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