EPS Pension: ईपीएस हायर पेंशन क्लेम में देरी होगी कम? सरकार ने उठाए 4 बड़े कदम
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत हायर पेंशन के लिए बढ़ती संख्या में आए आवेदनों के कारण सामने आ रही देरी और लंबित मामलों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने चार अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने लोकसभा में बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने दावों के तेजी से निपटारे, कार्यालयों के बीच बेहतर तालमेल और तय समय में प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई प्रशासनिक उपाय शुरू किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़े आवेदन
हायर पेंशन के लिए आवेदनों की संख्या नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के बाद तेजी से बढ़ी। कोर्ट ने पात्र कर्मचारियों को वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन अंशदान का विकल्प देने के अधिकार को बरकरार रखा था। इससे उन कर्मचारियों के लिए अधिक पेंशन पाने का रास्ता खुला, जिनका वेतन उस समय लागू 15,000 रुपये प्रति माह की सीमा से अधिक था।
बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों ने हायर पेंशन के लिए आवेदन किया। हालांकि, अचानक बढ़े मामलों के कारण कई क्षेत्रीय कार्यालयों में काम का दबाव बढ़ गया। पुराने अंशदान रिकॉर्ड में अंतर, नियोक्ताओं की ओर से सत्यापन में देरी और जरूरी दस्तावेजों की जांच जैसी वजहों से कई आवेदन लंबित रहे।
ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन की सुविधा
सरकार के अनुसार, EPFO ने हायर पेंशन के लिए ज्वाइंट ऑप्शन आवेदन जमा करने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इससे कागजी प्रक्रिया कम हुई है और आवेदन की जानकारी को एक केंद्रीय डिजिटल सिस्टम में दर्ज कर ट्रैक करना आसान हुआ है।
रिकॉर्ड की जांच के लिए तय प्रक्रिया
EPFO ने पुराने अंशदान और वेतन रिकॉर्ड की जांच के लिए व्यवस्थित और सख्त प्रक्रिया भी लागू की है। इसमें नियोक्ताओं की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और EPFO के रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है, ताकि वास्तविक वेतन और अंशदान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की जा सके।
क्षेत्रीय कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश
जोनल और क्षेत्रीय EPFO कार्यालयों को हायर वेज पेंशन से जुड़े आवेदनों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर नियोक्ताओं से जुड़ी विसंगतियों को सुलझाने और लंबित मामलों को तय समय में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी निगरानी
EPFO के वरिष्ठ अधिकारी जोनल और क्षेत्रीय प्रमुखों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। इन बैठकों में कितने दावे निपटाए गए, कहां प्रक्रिया अटकी है और किन कार्यालयों को अतिरिक्त मार्गदर्शन की जरूरत है, इसकी समीक्षा की जाती है। सरकार का लक्ष्य लंबित ज्वाइंट ऑप्शन आवेदनों के निपटारे में तेजी लाना और पात्र कर्मचारियों को हायर पेंशन का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है।
(प्रियंका कुमारी)
Gold Silver Price: चांदी में आज ₹2,651 की बड़ी गिरावट, ₹2.33 लाख पहुंचा भाव; सोना ₹1.54 लाख के पार
Gold Silver Price Today (18 August 2026): आज के सोने-चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिला है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा रेट के मुताबिक, मंगलवार (18 अगस्त) को 24 कैरेट सोना ₹1,54,162 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो 17 अगस्त के ₹1,54,066 के मुकाबले ₹96 महंगा है। वहीं, आज 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,41,212 है। अगर आप सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यहां लेटेस्ट प्राइज जान लीजिए।
चांदी के दाम में ₹2,651 की बड़ी गिरावट
हालांकि, सोने के उलट चांदी की कीमत में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। 17 अगस्त कोचांदी का भाव ₹2,36,373 प्रति किलोग्राम था, जो 18 अगस्त को घटकर ₹2,33,722 प्रति किलोग्राम रह गया। यानी एक दिन में चांदी ₹2,651 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। इस तरह आज सोने में जहां मामूली तेजी देखने को मिली, वहीं चांदी के भाव में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,43,050 |
| मुंबई | 1,42,900 |
| कोलकाता | 1,42,900 |
| चेन्नई | 1,42,900 |
| भोपाल | 1,42,950 |
| रायपुर | 1,42,900 |
| लखनऊ | 1,43,050 |
| अहमदाबाद | 1,42,950 |
| जयपुर | 1,43,050 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें? जानें 4 आसान तरीके
1. मैग्नेट से जांच करें: शुद्ध चांदी चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होती। अगर कोई चांदी की वस्तु तेज़ी से चुंबक से चिपकती है, तो उसमें दूसरी धातु होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता तय नहीं की जा सकती।
2. बर्फ से करें जांच: चांदी गर्मी को तेजी से ट्रांसफर करती है। इसलिए चांदी की सतह पर रखी बर्फ सामान्य धातुओं की तुलना में तेजी से पिघल सकती है। यह एक आसान घरेलू संकेत है, लेकिन इसे अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
3. गंध पर ध्यान दें: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास धातु जैसी गंध नहीं होती। अगर वस्तु से तेज या असामान्य धातु की गंध आती है, तो उसमें दूसरी धातु मिली होने की संभावना हो सकती है।
4. सफेद कपड़े से रगड़कर देखें: चांदी को साफ सफेद कपड़े से रगड़ने पर कभी-कभी कपड़े पर काला या गहरा निशान दिखाई दे सकता है। ऐसा चांदी की सतह पर होने वाली ऑक्सीकरण प्रक्रिया के कारण हो सकता है। हालांकि, यह टेस्ट भी अकेले चांदी के असली या नकली होने की पक्की पुष्टि नहीं करता।
ध्यान रखें: घरेलू टेस्ट केवल शुरुआती अंदाजा लगाने में मदद करते हैं। चांदी की शुद्धता की सही पुष्टि के लिए हॉलमार्क, 925 स्टैम्प या प्रोफेशनल प्योरिटी टेस्ट कराना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है।
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