आम आदमी को नई सुविधा, सीधे WhatsApp से भरें बिजली, पानी, गैस के बिल; नया फीचर आ गया
WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बेहद काम का फीचर लेकर आई है। अब वॉट्सऐप यूजर्स सीधे ऐप से ही बिजली, पानी, गैस, फास्टैग, इंश्योरेंस और क्रेडिट कार्ड के बिलों का पेमेंट कर सकेंगे। कैसे होगा सारा काम और कहां मिलेगा यह ऑप्शन, चलिए डिटेल में बताते हैं सबकुछ…
Earthquake in Tibet: तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप, नेपाल बॉर्डर पर दहशत; बाढ़ में अब तक 1280 की मौत
Earthquake in Tibet: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत में जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसका केंद्र नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर और उत्तराखंड के जोशीमठ से लगभग 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। कम गहराई पर आने के कारण भूकंप के झटके सतह तक अपेक्षाकृत तेजी से पहुंच सकते हैं और ऐसे भूकंप अधिक नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप से फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है।
यह भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब तिब्बत और नेपाल हाल ही में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी से जूझ चुके हैं। 26 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा ने दोनों क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कुल 1,280 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1,259 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है। ऐसे में तिब्बत में आए ताजा भूकंप ने क्षेत्र में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
EQ of M: 5.0, On: 03/09/2026 13:46:38 IST, Lat: 31.479 N, Long: 80.370 E, Depth: 14 Km, Location: Tibet.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) September 3, 2026
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia pic.twitter.com/zwrE8sNscC
नेपाल में हालिया बाढ़ की तबाही के बाद आया भूंकप
यह भूकंपीय झटका ऐसे समय में आया है जब नेपाल देश पहले से ही एक भीषण प्राकृतिक त्रासदी से जूझ रहा है। कुछ ही दिन पहले नेपाल में हिमनद टूटने (Glacial Collapse) के कारण आए अचानक विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के जख्म अभी हरे ही थे कि तिब्बत सीमा के पास आए इस नए भूकंप ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है। पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमाई इलाकों में सुरक्षा और राहत कार्यों पर दबाव काफी बढ़ गया है।
भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें?
भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदाओं के वक्त घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेना बेहद जरूरी है। सही समय पर उठाए गए कदम आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकते हैं:
क्या करें:
- ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन: झटके महसूस होते ही तुरंत जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं (Drop), किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं (Cover) और उसके पैरों को मजबूती से पकड़ लें (Hold)।
- घर के अंदर ही सुरक्षित रहें: जब तक कंपन पूरी तरह बंद न हो, घर या इमारत के अंदर ही सुरक्षित कोने में सिर को ढंककर बैठें। बाहर भागने की हड़बड़ी में चोट लगने का खतरा अधिक होता है।
- खुले मैदान में जाएं (यदि बाहर हैं): अगर आप पहले से खुले में हैं, तो ऊंची इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और ओवरब्रिज से दूर किसी सुरक्षित मैदान में चले जाएं।
- सीढ़ियों का प्रयोग करें: बहुमंजिला इमारत में होने पर बाहर निकलने के लिए केवल सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, भूलकर भी लिफ्ट का उपयोग न करें।
क्या न करें:
- घबराएं नहीं: पैनिक या भगदड़ बिल्कुल न मचाएं, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
- बाल्कनी या शीशों के पास न खड़े हों: झटकों के दौरान कांच की खिड़कियों, भारी अलमारियों, झूमर और घर की बालकनी से दूर रहें।
- माचिस या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें: भूकंप के बाद गैस लीक होने का अंदेशा रहता है, इसलिए आग न जलाएं और न ही बिजली के उपकरणों या स्विच को ऑन-ऑफ करें।
- अफवाहें न फैलाएं: सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या डरावनी झूठी खबरें साझा करने से बचें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
Haribhoomi





