विक्रांत मैसी को 'मिर्जापुर द मूवी' में क्यों नहीं मिला रोल? अब फिल्म के डायरेक्टर ने किया बड़ा खुलासा
Why Vikrant Massey not in Mirzapur The Movie: विक्रांत मैसी (Vikrant Massey) ने टीवी एक्टर के तौर अपने करियर की शुरुआत की थी, उसके बाद फिर उन्होंने फिल्मों में कदम रखा है. हालांकि, उन्हें पहली बार बड़ी पहचान वेब सीरीज मिर्जापुर से मिली थी. उन्होंने इसमें बबलू पंडित नाम का किरदार निभाया था. जिसे लोगों से बहुत प्यार मिला. इसके बाद वह फिल्म 12वीं फेल में नजर आए और इससे उन्हें बहुत पॉपुलैरिटी मिली. हालांकि, वह मिर्जापुर के पहले ही सीजन में नजर आए थे और बाद के सीजन में वह नहीं थे. जिससे फैंस काफी निराश हो गए थे. अब मिर्जापुर द मूवी रिलीज हुई इसमें भी उनका कोई रोल नहीं है. इसके साथ ही एक बार फिर फैंस के हाथ निराश लगी. अब फिल्म के डायरेक्टर ने खुलासा किया कि उनका मिर्जापुर द मूवी कोई रोल क्यों नहीं है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
मिर्जापुर द मूवी में विक्रांत मैसी क्यों नहीं आए नजर
मिर्जापुर द मूवी के डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने अभिनेता विक्रांत मैसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. गुरमीत ने इसके पीछे की वजह बताई. आपको बता दें कि 'मिर्जापुर द मूवी' में पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, दिव्येंदु, रसिका दुगल जैसे मिर्जापुर सीरीज के कलाकार नजर आ रहे हैं.
डायरेक्टर ने हाल ही में जूम संग बातचीत में खुलासा किया. उनका कहना है कि जैसा सोचा जा रहा है वैसा हो लेकिन ऐसा नहीं होता है. उन्होंने कहा, 'क्रिएटिव प्रोसेस हमें कभी भी बांधने का काम नहीं करती है और ये ही इसकी सबसे अच्छी बात भी है. हम उम्मीद करते हैं कि सब कुछ वैसा ही हो, हालांकि ऐसा नहीं हो सकता. इस चीज से किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है. जब हमने फैसला किया कि बबलू को री-कास्ट किया जाएगा तो उस वक्त हमारा इसे फिल्म के नजरिए से देखने का फैसला था. ऐसे में हमारे लिए नए रास्ते खुलते चले गए.'
डायरेक्टर ने मैसी की तारीफ
डायरेक्टर ने आगे मैसी की तारीफ करते हुए कहा कि मिर्जापुर सीजन 1 में बबलू का कोई एजेंडा नहीं था. उन्होंने कहा, 'सीजन 1 में बबलू का कोई एजेंडा नहीं था, अपनी पर्सनल एजेंसी नहीं थी. फिल्म में हम दिखा पाए कि बबलू की महत्वाकांक्षाएं हैं, प्लान हैं, उसकी अपनी एक सोच है और बस जितेंद्र का बोर्ड पर आना और तथ्य यह है कि उन्होंने हमें सहज बना दिया. अपने आत्मविश्वास के साथ, उन्होंने बबलू को अपना बबलू ना लिया. हम उनके प्रति अधिक धन्य और आभारी नहीं हो सकते. यह सामने आया है और बहुत अच्छा काम किया है.'
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मिर्जापुर द मूवी कलेक्शन
सैकनिल्क के मुताबिक, मिर्जापुर द मूवी लगातार जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है. इसने पहले दो ही दिनों में ही 50 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया. आज तीसरे दिन खबर लिखे जाने तक लाइव कलेक्शन के मुताबिक, इसकी कमाई 77 करोड़ के पार पहुंच गई है. फिल्म की शुरुआत धमाकेदार रही, जहां इसने पहले दिन 11,135 शोज़ और 42.7% ऑक्यूपेंसी के साथ 25.75 करोड़ की कमाई की. दूसरे दिन यानी पहले शनिवार को फिल्म के कलेक्शन में और बढ़त देखी गई, जहां 11,256 शोज़ और 52.7% की ऑक्यूपेंसी के साथ इसने 32 करोड़ रुपये का बिनजेस किया. वहीं, अब रविवार के लाइव कलेक्शन की बात करें तो 8,207 शोज़ और 55.6% ऑक्यूपेंसी के साथ 19.58 करोड़ रुपये की अब तक कमाई हो चुकी है. ऐसे में उम्मीद लगाई जा सकती है कि पहले रविवार को फिल्म काफी अच्छा बिजनेस कर सकती है. अब तक देखना होगा क्या ये पहले रविवार को अपना ओपनिंग कलेक्शन तोड़ पाती है या नहीं.
Delhi Collapse Building: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने घटना पर जताया दुख
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में गिरी कई मंजिला इमारत से एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह लोगों को अब तक बचाया जा चुका है. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने इस घटना पर दुख जताया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं. मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए.
रक्षा हर हाल में होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था, अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं. हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए.
सुधारात्मक कदम उठाए गए
कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना, बिल्डिंग सेफ्टी ऑडिट और दिल्ली में भाजपा सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है. जब राजधानी में हजारों छात्र पीजी और किराए के मकानों में रहते हैं, तो क्या सरकार ने समय पर स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट किया है? क्या असुरक्षित इमारतों की पहचान की गई और सुधारात्मक कदम उठाए गए?
पीजी बिल्डिंग के मलबे में फंसे हुए
उन्होंने कहा कि बस एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी डीयू के एसआरसीसी में एक खास कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी और उसके छात्रों की तारीफ की थी. आज, साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में, डीयू के छात्र एक असुरक्षित पीजी बिल्डिंग के मलबे में फंसे हुए हैं. अगर पीएम सच में खुद को डीयू का छात्र मानते हैं, तो शायद उन्हें यह पूछना चाहिए कि बिल्डिंग की सुरक्षा जांच उन छात्रों की सुरक्षा क्यों नहीं कर पाई, जिन्हें सरकार की सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है.
छात्रों के फंसे होने की आशंका
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना से बहुत दुखी हूं, जहां मलबे के नीचे कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं. मैं फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रार्थना करता हूं. ईश्वर करे कि सभी की जान बच जाए.
कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस (सत्य निकेतन) में पीजी इमारत गिरने और छात्रों के मलबे में दबे होने की खबर विचलित करने वाली है और सरकार के नीतियों पर भी बड़े सवाल खड़े करती है. देश भर से युवा सुनहरे भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आते हैं, लेकिन क्या उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं है? प्रधानमंत्री, डीयू में सिर्फ भाषण देने से बात नहीं बनेगी, देश की राजधानी में हमारे छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.
घटना बेहद दुखद और गंभीर
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद और गंभीर है. इस इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे, और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आ रही है. सरकार और संबंधित एजेंसियों को बिना किसी देरी के युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाना चाहिए, ताकि मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि सभी लोग सुरक्षित हों और प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में संबल मिले.
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