'मैंने कप्तान और कोच से सवाल पूछे...' सुरेश रैना का लंबे समय बाद रिटायरमेंट पर छलका दर्द, क्या विराट कोहली पर साधा निशाना?
Suresh Raina on his Retirement : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना का एक बड़ा बयान सामने आया है. इस बयान से उन्होंने अपना दर्द बयां किया है. रैना ने समय से पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. सुरेश रैना के करियर पर समय से पहले ही ब्रेक लग गया था. उनके अंदर काफी क्रिकेट बाकी था लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को जल्द अलविदा कह दिया और फिर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से भी उनकी छुट्टी हो गई.
सुरेश रैना को टीम इंडिया के क्यों बाहर किया गया, जबकि वो महेंद्र सिंह धोनी कप्तानी में इंडियन क्रिकेट टीम का प्रमुख खिलाड़ी थी. वो बल्ले और बॉल के साथ टीम के लिए अहम योगदान देते थे. इसके साथ ही रैना फील्डिंग में भी काफी फुर्तीले थे. लेकिन ऐसा क्या हुआ की भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली की कप्तानी में उनको टीम इंडिया से बाहर होना पड़ गया. इस पूरे मुद्दे पर उन्होंने आकाश चोपड़ा के साथ उनके शो में खुलकर बात की है.
Suresh Raina’s fiery 74 off 56 balls against Pakistan in the 2015 ICC Cricket World Cup at Adelaide was a game-changing masterclass in aggressive middle-order batting.pic.twitter.com/hUTAzzJzH0 https://t.co/5gyK4ToDkl
— ????Cricket-Soccer⚽ Nostalgiation (@RiteshJ88156274) September 6, 2026
सुरेश रैना ने टीम इंडिया से अपनी विदाई पर बोली बड़ी बात
सुरेश रैना ने कहा कि, 'शुरुआत में मैं और युवराज सिंह यो-यो फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे लेकिन बाद में हमने इसे पास कर लिया. हमने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार रन बनाए ताकि भारतीय टीम में फिर से जगह बना सकें. मैंने कप्तानों और कोचों से कई सवाल पूछे कि जब हम फिटनेस टेस्ट पास कर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में परफॉर्म कर रहे हैं, तो हमें मौका क्यों नहीं मिल रहा? लेकिन मुझे कभी भी इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिला था'.
रैना 2019 वर्ल्ड कप में नहीं चुने जाने पर जताई दुख
सुरेश रैना ने 2019 वनडे वर्ल्ड में नहीं चुने जाने पर कहा कि, 'हर कप्तान की अपनी पसंद होती हैं लेकिन मुझे लगता है कि उस टूर्नामेंट में मेरा और युवराज सिंह का लंबा अनुभव भारतीय टीम के बहुत काम आ सकता था. चयनकर्ताओं ने अलग बल्लेबाजों और अलग विकेटकीपर को तरजीह दी, जिससे हम दोनों का विश्व कप खेलने का सपना अधूरा रह गया'.
????Suresh Raina Speak on Indian Player Playing foreign leagues & He also share that he almost confirmed to Play foreign league ???? pic.twitter.com/eX2GF0M8C3
— Sam (@cricsam02) September 4, 2026
आकाश चोपड़ा के साथ बात करते हुए सुरेश रैना ने सीधे तौर पर विराट कोहली पर कोई आरोप नहीं लगाया है. लेकिन उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि, उनके क्रिकेट करियर के अंतिम दौर में कप्तान विराट कोहली, टीम इंडिया को कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट से बात करने पर उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिससे उनको अपना करियर जल्दी ही वक्त से पहले खत्म करना पड़ गया. रैना ने 15 अगस्त 2020 को संन्यास ले लिया था.
????Suresh Raina opens up about the final phase of his international career. ????
— Mention Cricket (@MentionCricket) September 6, 2026
He says he and Yuvraj Singh initially failed the Yo-Yo test but later cleared it, played domestic cricket and scored runs.
Raina also pointed out that he was Man of the Series in India’s 2018 T20I… pic.twitter.com/mSllmbdXU7
सुरेश रैना ने का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर
सुरेश रैना ने साल 2005 में भारत के लिए अपना डेब्यू किया था. उन्होंने वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भारत के लिए पदार्पण किया. साल 2006 में उन्होंने अपना टी20 डेब्यू किया और फिर साल 2010 में उन्हें अपना पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला. रैना ने भारत के लिए 18 टेस्ट मैचों की 31 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतकों के साथ 168 रन बनाए. वहीं 226 वनडे की 194 पारियों में 5 शतक और 36 अर्धशतकों के साथ 5615 रन बनाए. उनके नाम 78 टी20 मैचों की 66 पारियों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 1605 रन बनाए. रैना ने टेस्ट में 13, वनडे में 36 और टी20 में 13 विकेट हासिल किए थे.
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हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा: CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में प्रतिभाग किया. इस मौके पर सीएम ने हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किए जाने का ऐलान किया. उन्होंने गोर्खाली समाज की माताओं-बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का अहम माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है. यह पर्व हमें दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि तीज जैसे पारंपरिक पर्व हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. माताएं और बहनें हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की सबसे बड़ी संरक्षक हैं. उनके प्रयासों से हमारी भाषा, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही हैं.
सदैव अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोर्खाली समाज अपनी वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के लिए जाना जाता है. देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने सदैव अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है. देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की गोर्खा समाज की भावना पर पूरे देश को गर्व है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में गोर्खाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. शिक्षा, खेल, कला-साहित्य और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
त्याग और बलिदान से परिचित कराएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिन्द फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास भी किया गया है. उन्होंने कहा कि यह शहीद द्वार गोर्खा समाज के अदम्य शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग और बलिदान से परिचित कराएगा.
मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल पड़ोसी देशों का संबंध नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते हैं. सीमांत क्षेत्र से होने के कारण उन्होंने भारत और नेपाल की साझा संस्कृति, आत्मीयता और परस्पर जुड़ाव को निकटता से अनुभव किया है. नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है. उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल के शीघ्र इस संकट से उबरने की कामना की.
सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इसी दिशा में राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है. उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है. प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अपने परिवार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सशक्तीकरण और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है.
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, श्रीमती गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष श्री पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति कोटिया, श्रीमती नेहा जोशी, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रीमती अनुकृति गुसाईं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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