Hydrogen Train को 110 किमी प्रति घंटा रफ्तार से चलाने की तैयारी, Railway Board ने दी जानकारी
इंदौर (मप्र), छह सितंबर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने रविवार को कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परिचालित करने का प्रयास किया जा रहा है और अन्य रेल खंडों पर भी इसके संचालन को लेकर विचार किया जा रहा है। कुमार ने आला अफसरों के साथ इंदौर और इसके आस-पास के क्षेत्रों की कई रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। इनमें अलग-अलग रेल लाइन के निर्माण के साथ ही इंदौर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य काम शामिल हैं।
उन्होंने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब तक हाइड्रोजन ट्रेन की परिचालन गति अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। हालांकि, इसका 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए परीक्षण कर लिया गया है। इसके बाद इसे अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।’’ हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित की जा रही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
कुमार ने कहा कि सभी हितधारकों से चर्चा करके तय किया जा रहा है कि नयी हाइड्रोजन ट्रेन को देश के किन रेल खंडों में चलाया जा सकता है और इस सिलसिले में तकनीकी पहलुओं व ईंधन की आपूर्ति की व्यवस्थाओं को भी परखा जा रहा है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच परिचालित की जा रही है, जबकि ऐसी चार और ट्रेन बनकर आ चुकी हैं तथा आने वाले दिनों में उनका विधिवत उद्घाटन होना है। उन्होंने कहा कि रेलवे को इस साल 11 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने की उम्मीद है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बनायी जा रही हैं और इन्हें तैयार होने में एक से डेढ़ साल लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ मेले के वास्ते 100 से 125 विशेष ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है और इस विशाल धार्मिक आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। कुमार ने कहा कि रेलगाड़ियों में चूहों की समस्या के निदान के लिए जरूरी प्रशासनिक कदम उठाने के साथ ही व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि रेलगाड़ियों और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरा के साथ कृत्रिम मेधा (एआई) को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में स्वीकृत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए तेज गति से भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 18,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम चार से पांच साल में पूरा किया जाएगा।
सीएम योगी ने चित्रकूट में बाढ़ के हालातों का लिया जायजा, कहा- कोई पीड़ित खुद को अकेला न समझे
UP News: यूपी के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. चित्रकूट में भी इनदिनों बाढ़ आई हुई है. इस बीच सीएम योगी रविवार को चित्रकूट पहुंचे. जहां उन्होंने मंदाकिनी नदी की बाढ़ से बने हालात का जायजा लिया. सीएम योगी के हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 12 बजे देवांगना घाटी स्थित चित्रकूट हवाई पट्टी पर लैंड किया. जहां सीएम योगी ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, प्रभावित इलाकों और हुए नुकसान की जानकारी ली. इसके बाद वह रामघाट के लिए रवाना हुए.
बाढ़ पीड़ितों को वितरिक की राहत सामग्री
सीएम योगी ने रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की. इस दौरान मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहले हवाई सर्वेक्षण के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और इसके बाद रामघाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि बाढ़ आने के समय वह बस्ती में थे. वहीं से डीजी पीएसी को निर्देश देकर बचाव दलों को चित्रकूट भेजने की कार्रवाई शुरू की गई.
जनपद चित्रकूट में आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही, बाढ़ प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, बाढ़ में आश्रयहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण भी किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 6, 2026
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उन्होंने कहा कि शुरुआत में चित्रकूट में एसडीआरएफ की एक टीम मौजूद थी. हालात को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की आठ टीमें तत्काल भेजी गईं. प्रशासन को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में इस स्तर की बाढ़ पहली बार देखने को मिली है.
'चित्रकूट संकट में है, मैं रामभक्त बनकर आया हूं'
बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समय चित्रकूट संकट के दौर से गुजर रहा है और वह यहां एक रामभक्त के रूप में लोगों का साथ देने आए हैं. उन्होंने कहा कि जिस चित्रकूट ने भगवान राम के वनवास के दौरान उनका साथ दिया था, आज उसी चित्रकूट पर संकट आया है. ऐसे समय में एक रामभक्त उनके साथ खड़ा है. मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी परिवार को खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं है. सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है.
पीड़ितों को मुआवजा देने का दिया आश्वासन
उन्होंने किसानों, व्यापारियों और बाढ़ से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार नुकसान का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही. योगी ने कहा कि बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करना है.
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